उदयपुर में 2 करोड़ की घूस लेते दलाल अरेस्ट, Rajasthan ACB ने SOG के एडिशनल एसपी को भी पकड़ा
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शनिवार को उदयपुर में एक बिचौलिये को दो करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। एसीबी ने इस मामले में विशेष अभियान समूह (एसओजी) उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी को भी हिरासत में लिया।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने शनिवार देर रात जारी एक बयान में बताया कि आरोपी बिचौलिये की पहचान सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि सिंह एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी के लिए यह रिश्वत राशि ले रहा था। बयान के अनुसार, शिकायतकर्ता ने शिकायत दी थी कि उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंडों से जुड़े चर्चित मामले में पहले गिरफ्तार आरोपियों को दर्ज मुकदमों में राहत दिलाने, अन्य मामलों में आरोपी नहीं बनाने और गिरफ्तारी के दौरान उनके घरों से मिले ऐसे दस्तावेज लौटाने के बदले दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि यह मांग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी द्वारा आरोपी बिचौलिये सज्जन सिंह के माध्यम से की जा रही थी। बयान में बताया गया कि एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई और ब्यूरो की एक टीम ने शनिवार को जाल बिछाकर कार्रवाई की। बयान के मुताबिक, इस दौरान सज्जन सिंह को शिकायतकर्ता की फैक्टरी से दो करोड़ रुपये की कथित रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
एसीबी महानिदेशक ने बताया कि मामले में मुकेश कुमार सोनी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें बालोतरा जिले स्थित उनके निवास से हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है।
BJP सांसद Sambit Patra का Congress पर हमला, संस्थाओं को बदनाम करने का लगाया आरोप
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद संबित पात्रा ने शनिवार को कांग्रेस और राहुल गांधी समेत उसके नेताओं पर राजनीतिक फायदे के लिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने और उनकी विश्वसनीयता को कमज़ोर करने का आरोप लगाया। पात्रा निर्वाचन आयोग के उस बयान के बाद बोल रहे थे, जिसमें कहा गया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी से जारी किए गए थे। निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है।
पुरी से सांसद पात्रा ने संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग के बयान ने ‘‘सच और झूठ के बीच फर्क साफ कर दिया है।’’ पात्रा ने कहा, ‘‘आज निर्वाचन आयोग की प्रेस विज्ञप्ति ने सच और झूठ के बीच फर्क साफ कर दिया है। दूध का दूध, पानी का पानी हो गया है। कांग्रेस और उसके नेता बेनकाब हो गए हैं।
कांग्रेस इस हद तक गिर गई है कि राजनीतिक लाभ के लिए संस्थाओं को बदनाम करने से भी नहीं हिचकती।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से कांग्रेस ने कई संस्थाओं को निशाना बनाया है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘किसी अन्य राजनीतिक दल ने भारतीय सेना पर हमला नहीं किया और सर्जिकल स्ट्राइक तथा ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल नहीं उठाए। कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगी दलों ने भारतीय रक्षा बलों को निशाना बनाया।
उन्होंने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों पर भी हमला किया और यहां तक कि उन्हें कठपुतली तक कहा।
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