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बोइंग 737 MAX विमान के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी:दोबारा लैंडिंग के दौरान नेविगेशन फीचर काम नहीं करता; भारत में इस मॉडल के करीब 102 विमान

विमान बनाने वाली अमेरिकी कंपनी बोइंग के 737 MAX विमान के सॉफ्टवेयर में एक गड़बड़ी सामने आई है। यह समस्या कॉकपिट सॉफ्टवेयर के एक अपडेट से जुड़ी है। अगर लैंडिंग की पहली कोशिश असफल होने के बाद पायलट विमान का तय रूट बदलते हैं, तो एक खास स्थिति में यह गड़बड़ी हो सकती है। रॉयटर्स ने वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) के हवाले से यह खबर दी। WSJ को बोइंग कंपनी के कुछ दस्तावेजों हासिल हुए हैं जिनमें यह जानकारी मिली है। बोइंग ने कहा कि उसने पिछले महीने ही विमान मॉडल 737 MAX ऑपरेटरों को इस समस्या की जानकारी दे दी थी। इस समस्या को सुलझाने के लिए सॉफ्टवेयर को फिर से अपडेट किया जा रहा है। भारत में इस मॉडल के करीब 102 विमान हैं। हालांकि भारत के विमान इससे प्रभावित हैं या नहीं और कितने विमानों में यह समस्या है। इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। दो अमेरिकी एयरलाइंस ने बोइंग के नए विमान लेने से मना किया अमेरिकी फेडरेल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने भी कहा कि उसे कुछ बोइंग 737 MAX विमानों के फ्लाइट कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर अपडेट में संभावित समस्या की जानकारी है। FAA ने बोइंग और एयरलाइंस के साथ मिलकर इसकी जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, साउथवेस्ट एयरलाइंस और यूनाइटेड एयरलाइंस ने बोइंग से प्रभावित सॉफ्टवेयर वाले नए 737 MAX विमान लेने के बजाय पुराने सॉफ्टवेयर वर्जन वाले विमान देने का अनुरोध किया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कितने विमानों में यह सॉफ्टवेयर मौजूद है। बोइंग, एयरलाइंस और नियामक इस समस्या की जांच कर रहे हैं और यह भी आकलन कर रहे हैं कि इससे उड़ान की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। भारत में तीन एयरलाइंस के पास करीब 100 बोइंग 737 MAX विमान एअर इंडिया एक्सप्रेस: एअर इंडिया ने जनवरी 2026 में बताया था कि उसे 51 Boeing 737-8 मिल चुके थे, जो एअर इंडिया एक्सप्रेस में सेवा में थे। अकासा एअर: अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार Akasa के पास 40 Boeing 737 MAX थे। स्पाइसजेट: कंपनी के उपलब्ध फ्लीट डेटा में 737 MAX का बेड़ा छोटा है। 2025 के अंत के लिए कंपनी ने 11 MAX का लक्ष्य बताया था। 2026 में फ्लीट में बदलाव हुए हैं, इसलिए इसका सटीक मौजूदा आंकड़ा सार्वजनिक स्रोतों में स्पष्ट नहीं है। बोइंग 737 MAX विमान करीब 9 साल पुराना है बोइंग 737 MAX अमेरिकी कंपनी बोइंग का बनाया सिंगल-गलियारा यात्री विमान है। इसका प्रोग्राम 2011 में शुरू हुआ और 2017 में पहला विमान सेवा में आया। जून 2026 तक दुनिया भर में 2,300 से ज्यादा 737 MAX विमान डिलीवर किए जा चुके थे। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… त्योहारों में हवाई किरायों पर कैप नहीं लगाएगी सरकार: नायडू बोले- एयरलाइंस को रेट्स वाजिब रखने की सलाह सरकार लगातार एयरलाइंस कंपनियों के साथ संपर्क में रहती है और उनके साथ रेगुलर बैठकें की जाती हैं। बैठकों में कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाते हैं कि त्योहारों के मौकों पर किरायों को रीजनेबल लेवल पर रखा जाए, ताकि त्योहारों पर सफर करने वाले आम यात्रियों को सीधा फायदा मिल सके। पूरी खबर पढ़ें…

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डिफेंस डील अगर छोटी, तो कैबिनेट छूट मिले:सरकार कर रही विचार, बड़े रक्षा सौदों की मंजूरी का समय घटाने की तैयारी

सेनाओं को आधुनिक हथियारों से तेजी से लैस करने के लिए सरकार रक्षा खरीद से जुड़े वित्तीय अधिकारों में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। प्रस्ताव है कि रक्षा मंत्री और वित्त मंत्रालय की खरीद मंजूरी की सीमा बढ़ाई जाए, ताकि ज्यादा सौदों का फैसला मंत्रालय स्तर पर हो सके और उन्हें सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति यानी सीसीएस की मंजूरी का इंतजार न करना पड़े। सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्री की वित्तीय शक्ति मौजूदा ₹2,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹5,000 करोड़ और वित्त मंत्रालय की सीमा ₹3,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ करने पर विचार चल रहा है। अभी ₹3,000 करोड़ से ज्यादा के बड़े रक्षा खरीद प्रस्तावों को सीसीएस की मंजूरी की जरूरत होती है। बदलाव का मकसद ऐसी सैन्य तकनीक की खरीद में लगने वाला समय घटाना है, जो बहुत तेजी से बदल रही है। एक तिहाई बड़े सौदे की मंजूरी की जरूरत घट सकती है प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर करीब एक तिहाई बड़े रक्षा सौदों को सीसीएस तक भेजने की जरूरत नहीं रहेगी। दैनिक भास्कर की पांच सालों के रक्षा खरीद फैसलों की पड़ताल में कम से कम 13 ऐसे बड़े अनुबंध सामने आए, जिनकी कीमत ₹3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा थी और जिन्हें सीसीएस की मंजूरी से गुजरना पड़ा। सबसे ज्यादा असर घरेलू खरीद पर संभावित ऐसी व्यवस्था लागू होने पर सबसे ज्यादा असर घरेलू रक्षा उद्योग से होने वाली खरीद पर पड़ेगा। भास्कर की 2021 से 2025 के सरकारी रिकॉर्ड की पड़ताल में ₹3,000 करोड़ से ज्यादा के 14 बड़े घरेलू रक्षा खरीद मामले सामने आए, जिनकी कुल कीमत ₹3.01 लाख करोड़ थी। इनमें तेजस विमान, प्रचंड और ध्रुव हेलीकॉप्टर, सुखोई विमान और उनके इंजन, ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाका गोला-बारूद, एटीएजीएस तोप, रडार और नौसेना के फ्लीट सपोर्ट शिप शामिल हैं। मालूम हो, सरकार ने रक्षा खरीद में स्वदेशीकरण और तेजी दोनों पर जोर बढ़ाया है। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… HAL ने एयरफोर्स को तेजस, पवनहंस को ध्रुव हेलिकॉप्टर सौंपे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारतीय वायु सेना को 2 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट टू-सीटर ट्रेनर तेजस और बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर-40 सौंपे। साथ ही पवनहंस लिमिटेड को 4 नेक्स्ट जेनरेशन ध्रुव हेलिकॉप्टर सौंपे गए। पूरी खबर पढ़ें…

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38641 गेंदों पर 57वीं बार… जाते-जाते कमाल कर गए डीन एल्गर, क्रिकेट करियर की आखिरी पारी को बनाया यादगार

Dean Elgar ने अपने प्रोफेशनल करियर को जिस अंदाज में अलविदा कहा वो काबिलेतारीफ है. कुछ ऐसा ही करना हर क्रिकेटर की तमन्ना होती है. Sun, 27 Sep 2026 07:46:42 +0530

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