डिफेंस डील अगर छोटी, तो कैबिनेट छूट मिले:सरकार कर रही विचार, बड़े रक्षा सौदों की मंजूरी का समय घटाने की तैयारी
सेनाओं को आधुनिक हथियारों से तेजी से लैस करने के लिए सरकार रक्षा खरीद से जुड़े वित्तीय अधिकारों में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। प्रस्ताव है कि रक्षा मंत्री और वित्त मंत्रालय की खरीद मंजूरी की सीमा बढ़ाई जाए, ताकि ज्यादा सौदों का फैसला मंत्रालय स्तर पर हो सके और उन्हें सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति यानी सीसीएस की मंजूरी का इंतजार न करना पड़े। सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्री की वित्तीय शक्ति मौजूदा ₹2,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹5,000 करोड़ और वित्त मंत्रालय की सीमा ₹3,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ करने पर विचार चल रहा है। अभी ₹3,000 करोड़ से ज्यादा के बड़े रक्षा खरीद प्रस्तावों को सीसीएस की मंजूरी की जरूरत होती है। बदलाव का मकसद ऐसी सैन्य तकनीक की खरीद में लगने वाला समय घटाना है, जो बहुत तेजी से बदल रही है। एक तिहाई बड़े सौदे की मंजूरी की जरूरत घट सकती है प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर करीब एक तिहाई बड़े रक्षा सौदों को सीसीएस तक भेजने की जरूरत नहीं रहेगी। दैनिक भास्कर की पांच सालों के रक्षा खरीद फैसलों की पड़ताल में कम से कम 13 ऐसे बड़े अनुबंध सामने आए, जिनकी कीमत ₹3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा थी और जिन्हें सीसीएस की मंजूरी से गुजरना पड़ा। सबसे ज्यादा असर घरेलू खरीद पर संभावित ऐसी व्यवस्था लागू होने पर सबसे ज्यादा असर घरेलू रक्षा उद्योग से होने वाली खरीद पर पड़ेगा। भास्कर की 2021 से 2025 के सरकारी रिकॉर्ड की पड़ताल में ₹3,000 करोड़ से ज्यादा के 14 बड़े घरेलू रक्षा खरीद मामले सामने आए, जिनकी कुल कीमत ₹3.01 लाख करोड़ थी। इनमें तेजस विमान, प्रचंड और ध्रुव हेलीकॉप्टर, सुखोई विमान और उनके इंजन, ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाका गोला-बारूद, एटीएजीएस तोप, रडार और नौसेना के फ्लीट सपोर्ट शिप शामिल हैं। मालूम हो, सरकार ने रक्षा खरीद में स्वदेशीकरण और तेजी दोनों पर जोर बढ़ाया है। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… HAL ने एयरफोर्स को तेजस, पवनहंस को ध्रुव हेलिकॉप्टर सौंपे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारतीय वायु सेना को 2 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट टू-सीटर ट्रेनर तेजस और बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर-40 सौंपे। साथ ही पवनहंस लिमिटेड को 4 नेक्स्ट जेनरेशन ध्रुव हेलिकॉप्टर सौंपे गए। पूरी खबर पढ़ें…
भास्कर अपडेट्स:खाने के सामान में छिपाया 14.81 करोड़ का सोना, जब्त
राजस्व निदेशालय (डीआरआई) ने दुबई से आए तीन यात्रियों से मुंबई एयरपोर्ट पर 9.40 किलो विदेशी मूल का सोना जब्त किया। इसकी कीमत 14.81 करोड़ रुपए है। सोने को पाउडर बनाकर दूध पाउडर, ओट्स, चॉकलेट स्प्रेड, आटा और नारियल दूध पाउडर में मिलाया गया था। देश में मौसम विज्ञान सेवाओं को कानूनी दायरे में लाने की तैयारी देश में मौसम विज्ञान सेवाएं जल्द कानूनी ढांचे के दायरे में आ सकती हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की समिति ने प्रस्तावित व्यवस्था का जीरो ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। चर्चा और जरूरी संशोधन के बाद इसे मंत्रालय को भेजा जाएगा। मंत्रालय ने संसदीय आश्वासन पूरा करने के लिए जुलाई 2027 तक समय मांगा है। दरअसल, कृषि, बिजली, जलाशय संचालन, परिवहन और आपदा प्रबंधन जैसे आर्थिक गतिविधियों से जुड़े तमाम फैसले मौसम के पूर्वानुमान से प्रभावित होते हैं। ऐसे में, ये अहम है कि मौसम से जुड़ी आधिकारिक सूचना कौन देगा। निजी मौसम एजेंसियां किस व्यवस्था के तहत काम करेंगी। जुलाई 2025 में राज्यसभा में सांसद एएम गोपछड़े के प्रश्न पर सरकार ने बताया था कि मौसम विज्ञान सेवाओं पर कानूनी ढांचे के लिए समिति गठित की है।
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