'UN के हित में होगा गाजा बोर्ड आफ पीस', ट्रंप का दावा- किसी भी युद्ध को रोकने में कभी मदद नहीं की मिली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को 'गाजा बोर्ड आफ पीस' को लेकर संयुक्त राष्ट्र को हिदायत दी. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को गाजा और अन्य संघर्षों पर 'गाजा बोर्ड आफ पीस' के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है. ट्रंप का तर्क है कि वैश्विक संस्था अपनी क्षमता के अनुरूप काम करने में विफल रही है और यह नई पहल संयुक्त राष्ट्र के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. ट्रंप ने कहा, " यह गाजा के मामले में बेहतर काम करेगा, और शायद अन्य मुद्दों पर भी.'
ट्रंप ने यूएन की तारीफ की. उन्होंने कहा, मैंने हमेशा कहा है कि संयुक्त राष्ट्र में अपार क्षमता है. मगर उन्होंने इसे साकार नहीं किया है. मैं आठ युद्धों की बात करता हूं, और मैंने उनसे कभी बात नहीं की. आपको लगेगा कि मैंने उनसे बहुत बात की होगी. लेकिन संयुक्त राष्ट्र में अपार क्षमता है. मुझे लगता है कि 'गाजा बोर्ड आफ पीस' के साथ काम करना संयुक्त राष्ट्र के लिए लाभकारी होगा."
'शांति बोर्ड' स्थापित करने का निर्णय लिया
इस तरह की प्रतिक्रिया तब सामने आई जब ट्रंप ने 'गाजा बोर्ड आफ पीस' को औपचारिक रूप से शुरू किया. इसके चार्टर पर हस्ताक्षर किए. ट्रंप ने कहा, "हम दुनिया में शांति स्थापित करने वाले हैं." इससे पहले, ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र की कड़ी आलोचना करते हुए तर्क दिया कि इसकी अक्षमता की वजह से ही उन्होंने मध्य पूर्व में संघर्ष को खत्म करते हुए 20 सूत्री शांति योजना को लागू करने के लिए गाजा के लिए "शांति बोर्ड" स्थापित करने का निर्णय लिया.
किसी भी युद्ध को रोकने कभी मदद नहीं की
मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहते हैं, 'हमने अभी-अभी शांति बोर्ड का गठन किया है, जो मुझे लगता है कि अद्भुत होने वाला है. काश संयुक्त राष्ट्र और अधिक कर पाता. काश हमें शांति बोर्ड की आवश्यकता ही न होती. उन्होंने जितने भी युद्धों को खत्म किया है, उसमें संयुक्त राष्ट्र ने मुझे किसी भी युद्ध में कभी मदद नहीं की."
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