चुनाव आयोग के भीतर के ऐसे चार मामले, जब उसकी विश्वसनीयता पर उठे गंभीर सवाल
भारत की चुनावी प्रक्रिया में चुनाव आयोग की अहम भूमिका होती है लेकिन चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कई तरह के गंभीर सवाल उठ रहे हैं. जानिए कब-कब चुनाव आयोग के भीतर उभरे मतभेद.
IPL 2027 का ऑक्शन गोवा में होगा:BCCI सेक्रेटरी बोले- दिसंबर में लगेगी बोली; 3 साल बाद भारत लौटेगी नीलामी
IPL 2027 का ऑक्शन गोवा में होगा। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिसंबर में मिनी ऑक्शन आयोजित किया जाएगा। पिछले तीनों ऑक्शन भारत से बाहर हुए थे। 2024 में दुबई, 2025 में सऊदी अरब के जेद्दा और 2026 में अबूधाबी में नीलामी कराई गई थी। विदेश में ऑक्शन की लॉजिस्टिक से परेशान थीं फ्रेंचाइजियां ऑक्शन को भारत वापस लाने के फैसले में IPL फ्रेंचाइजियों का फीडबैक भी अहम रहा। टीमों ने मिनी ऑक्शन के लिए अपने डेलिगेशन को विदेश ले जाने में होने वाली लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल परेशानियों पर आपत्ति जताई थी। पिछले साल अबू धाबी में ऑक्शन के दौरान भी फ्रेंचाइजियों की यह चिंता सामने आई थी। इसके बाद IPL गवर्निंग काउंसिल ने इस साल के मिनी ऑक्शन के लिए भारत में वेन्यू तलाशने का फैसला किया। मिनी-ऑक्शन में क्या होगा? मिनी-ऑक्शन का मतलब है कि टीमें पूरी तरह से अपनी स्क्वॉड दोबारा नहीं बनाएंगी। फ्रेंचाइजियां मौजूदा खिलाड़ियों के बड़े हिस्से को अपने पास रखते हुए खाली स्लॉट और टीम की जरूरत के हिसाब से नए खिलाड़ियों को खरीदेंगी। 2026 के ऑक्शन से पहले 10 टीमों ने कुल 173 खिलाड़ियों को रिटेन किया था और 77 स्लॉट खाली थे। उनके पास कुल ₹237.55 करोड़ का पर्स उपलब्ध था। इम्पैक्ट प्लेयर पर फैसला अगले महीने होगा गवर्निंग काउंसिल ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर अब तक अंतिम फैसला नहीं लिया है। BCCI ने सभी 10 फ्रेंचाइजियों से इस नियम पर लिखित फीडबैक मांगा था। ज्यादातर फ्रेंचाइजियां इस नियम के खिलाफ बताई जा रही हैं। कुछ टीमों का कहना है कि उन्होंने मौजूदा इम्पैक्ट प्लेयर नियम को ध्यान में रखकर अपनी स्क्वॉड तैयार की है। इसलिए नियम को हटाने का फैसला अगले साल तक टाला जा सकता है। अब करीब एक महीने बाद IPL गवर्निंग काउंसिल की फिर बैठक होगी। इसमें इम्पैक्ट प्लेयर को जारी रखने, बदलने या पूरी तरह हटाने पर फैसला लिया जाएगा। इम्पैक्ट प्लेयर नियम क्यों चर्चा में है? इम्पैक्ट प्लेयर नियम में टीम मैच के दौरान एक अतिरिक्त खिलाड़ी को इस्तेमाल कर सकती है। इसके कारण टीमों को बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अलग-अलग कॉम्बिनेशन आजमाने का विकल्प मिलता है। नियम के पक्ष में यह तर्क दिया जाता है कि इससे टीमों की बैटिंग डेप्थ बढ़ती है और मैचों में बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं। वहीं, इसके विरोध में यह बात कही गई है कि अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज उपलब्ध होने से ऑलराउंडरों की भूमिका पर असर पड़ सकता है। ------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के बॉलिंग कोच नॉफ्के छोड़ेंगे टीम:एशियन गेम्स आखिरी असाइनमेंट होगा; नीदरलैंड के हेड कोच बने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बॉलिंग कोच एशले नॉफ्के ने पद छोड़ने का फैसला किया है। एशियन गेम्स 2026 उनका आखिरी असाइनमेंट होगा। इसके बाद वे नीदरलैंड की पुरुष टीम के हेड कोच का पद संभालेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
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