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Tejashwi Yadav ने Bihar के 211 नए डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की मांग की

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बृहस्पतिवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से राज्यभर में नवनिर्मित डिग्री कॉलेजों के लिए सहायक प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया। यादव ने चौधरी को लिखे पत्र में इस साल की शुरुआत में राज्य में स्थापित किए गए 211 डिग्री कॉलेजों के लिए उर्दू, फारसी, अरबी, मैथिली और संस्कृत विषयों के शिक्षकों की भर्ती की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि स्वीकृत पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया बिना किसी देरी के शुरू की जाए और इसे पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

यादव ने पत्र में कहा, ‘‘जब तक नियमित नियुक्तियां नहीं हो जातीं, तब तक उचित अंतरिम शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि विषयों की पढ़ाई प्रभावित न हो।’’ राजद नेता ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए इन विषयों के शिक्षकों की उपलब्धता जरूरी है।

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Election Commission का स्पष्टीकरण, SIR के सभी फैसले तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए

निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े सभी आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बाद जारी किए गए थे और मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है। दो निर्वाचन आयुक्तों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बीच मतभेदों को लेकर विवाद के बीच, निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि दो आयुक्तों -सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी- द्वारा कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र आयोग या उसके आईटी डिवीजन के किसी नीतिगत मामले से संबंधित नहीं थे, बल्कि आयोग में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित थे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त समेत दोनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी से जारी बयान में आयोग ने कहा कि संबंधित अधिकारी द्वारा जारी कार्य-पुनर्वितरण के आदेश दो निर्वाचन आयुक्तों के आदेश के बाद वास्तव में लागू नहीं किए गए थे।

साथ ही, उप निर्वाचन आयुक्त (डीईसी) की ओर से आईटी प्रभाग की निगरानी भी कभी वापस नहीं ली गई थी। निर्वाचन आयोग ने कहा कि हाल के महीनों में उसने देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण समेत कई फैसले लिये हैं। आयोग ने 24 जून 2025 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर कराने का आदेश जारी किया था, जिसकी शुरुआत बिहार से हुई और इसके बाद पश्चिम बंगाल तथा 30 अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में इसे लागू किया गया।

आयोग ने कहा कि यह आदेश सर्वसम्मति से मंजूर किया गया था। आयोग ने कहा कि 27 मई 2026 के अपने आदेश में उच्चतम न्यायालय ने भी इसे बरकरार रखा है। निर्वाचन आयोग ने कहा कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का कार्यक्रम 27 अक्टूबर 2025 को और 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 14 मई 2026 को जारी किया गया था।

दोनों ही मौकों पर आयोग ने सर्वसम्मति से इसकी मंजूरी दी थी। तीसरे चरण के शेष 12 राज्यों में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही मतदाताओं की अंतिम संख्या पता चलेगी। बयान में कहा गया, ‘‘एसआईआर के लिए फॉर्म-6 के साथ संलग्न घोषणा को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है।

गैर-एसआईआर अवधि के लिए, नियमों (मतदाता पंजीकरण नियम 1960) के अनुसार लागू होने वाले फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।’’ आयोग ने कहा कि निर्वाचन आयोग की सभी बैठकों के लिए एजेंडा पहले से साझा किया जाएगा और बैठक का विवरण जारी किया जाएगा। आयोग ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को आयुक्तों द्वारा जारी सभी निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के बाद निर्वाचन आयोग का यह दूसरा बयान है।

खबर में कहा गया कि निर्वाचन आयुक्तों संधू और जोशी ने एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों के संबंध में कई मौकों पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद विपक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और एसआईआर को रद्द करने की मांग की थी। निर्वाचन आयोग ने इस मामले में अपना पहला बयान उसी दिन जारी किया था, जिस दिन अखबार ने निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेदों से जुड़ी खबर प्रकाशित की थी।

आयोग ने यह भी कहा कि गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने संबंधित बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को निर्देश दिया है कि वे उन मतदाताओं के घर-घर जाकर उनके फॉर्म इकट्ठा करें, जिनका नाम अभी तक नहीं जुड़ पाया है। आयोग ने कहा कि 97 में से 81 मतदाताओं ने नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 पहले ही भर दिया है। निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा कि एसआईआर के तहत नोटिस पाने वाले लोगों को, कुछ खास मामलों को छोड़कर, व्यक्तिगत सुनवाई के लिए जाने की जरूरत नहीं है।

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि अलग-अलग राय और विचार संस्थागत चर्चाओं का सामान्य हिस्सा हैं और जोर दिया कि उसके आदेशों को पूरी कानूनी मान्यता प्राप्त है और वे कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।

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  Sports

वनडे में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने वाले 5 बल्लेबाज, 11 साल से टूटने की बाट जोह रहा विश्व कीर्तिमान

5 batsman Fastest fifties in ODI: वनडे क्रिकेट के इतिहास में कई बल्लेबाजों ने अपने आक्रामक तेवरों से मैच का पासा पलटा है, लेकिन एबी डिविलियर्स, मैथ्यू फोर्ड , सनथ जयसूर्या , कुसल परेरा और मार्टिन गप्टिल की पारियां सबसे खास हैं. इन 5 धुरंधरों ने न सिर्फ महज कुछ ही गेंदों में सबसे तेज अर्धशतक ठोकने का कारनामा किया, बल्कि अपनी तूफानी बल्लेबाजी और चौके-छक्कों की बरसात से विरोधी टीम के गेंदबाजों को पूरी तरह पस्त कर दिया. Sat, 26 Sep 2026 22:36:28 +0530

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