Kerala बाढ़ अपडेट: 11 की मौत और 7,600 से अधिक लोग राहत शिविरों में
केरल में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के कारण अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 7,600 से अधिक लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इन शिविरों में पीने के पानी, भोजन और चिकित्सा की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। साथ ही, बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
राज्य के कई निचले इलाके पानी में डूब गए हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और कई बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
राहत और बचाव कार्य जारी
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और सेना की टीमें लोगों को बचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हुई हैं। फंसे हुए लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
बीमारियों के फैलने का खतरा
बाढ़ के पानी के कारण जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और प्रभावित इलाकों में चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं। लोगों को साफ पानी पीने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
आगे की स्थिति
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। ऐसे में, प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं और लोगों से सहयोग की अपील की है ताकि इस आपदा का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके।
USD/INR: डॉलर में गिरावट और FII निवेश से मजबूत हुआ भारतीय रुपया
भारतीय रुपया सोमवार सुबह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। वैश्विक कच्चा तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से रुपये को मजबूती मिली। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के लगातार निवेश और विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि ने भी रुपये को अतिरिक्त समर्थन प्रदान किया।
भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी
ईरान पर अमेरिका की प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा देरी से भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी आई, जिससे वैश्विक बाजारों को राहत मिली। इससे निवेशकों का रुझान जोखिम भरी संपत्तियों की ओर बढ़ा, जिसका सकारात्मक असर भारतीय मुद्रा पर भी देखा गया।
RBI का हस्तक्षेप
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी मुद्रा बाजार में लगातार हस्तक्षेप किया, जिससे रुपये की अस्थिरता को नियंत्रित करने और इसके प्रदर्शन को मजबूत करने में मदद मिली। केंद्रीय बैंक की ओर से की गई यह कार्रवाई रुपये को मजबूत करने में सहायक साबित हुई।
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