भारतीय रुपया सोमवार सुबह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। वैश्विक कच्चा तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से रुपये को मजबूती मिली। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के लगातार निवेश और विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि ने भी रुपये को अतिरिक्त समर्थन प्रदान किया।
भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी
ईरान पर अमेरिका की प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा देरी से भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी आई, जिससे वैश्विक बाजारों को राहत मिली। इससे निवेशकों का रुझान जोखिम भरी संपत्तियों की ओर बढ़ा, जिसका सकारात्मक असर भारतीय मुद्रा पर भी देखा गया।
RBI का हस्तक्षेप
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी मुद्रा बाजार में लगातार हस्तक्षेप किया, जिससे रुपये की अस्थिरता को नियंत्रित करने और इसके प्रदर्शन को मजबूत करने में मदद मिली। केंद्रीय बैंक की ओर से की गई यह कार्रवाई रुपये को मजबूत करने में सहायक साबित हुई।
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सावन के पवित्र महीने के पहले सोमवार पर आज पूरे देश के शिव मंदिरों में अभूतपूर्व धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल देखा जा रहा है। भोर होते ही मंदिरों में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उज्जैन के महाकालेश्वर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ और देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम सहित देश के कोने-कोने में स्थित शिवालय "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयकारों से गूंज उठे। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम सहित कई प्रमुख तीर्थस्थलों पर भक्ति की लहर देखी गई। देश भर से आई तस्वीरों में भक्तों की भारी भीड़ को पहले सोमवार की रस्मों में भाग लेते हुए देखा गया।
महाकालेश्वर मंदिर के कपाट सुबह 2:30 बजे खुले
सावन के पहले सोमवार को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए भक्त रविवार देर रात से ही कतार में लगने लगे थे। मंदिर के कपाट सुबह 2:30 बजे खुले, जिसके बाद सुबह 3:00 बजे बाबा महाकाल की पवित्र भस्म आरती शुरू हुई। भस्म आरती से पहले देवता को जल से पवित्र स्नान कराया गया, जिसके बाद महा पंचामृत अभिषेक किया गया, जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों का रस शामिल था। इस रस्म के बाद बाबा महाकाल को भांग और चंदन से सजाया गया और मूर्ति का सुंदर श्रृंगार किया गया। इसके बाद भक्तों के जयकारों और झांझ-मंजीरे, ढोल और शंख की ध्वनि के बीच बाबा महाकाल को पवित्र भस्म अर्पित की गई।
भक्त सावन के पहले सोमवार का बेसब्री से इंतजार करते हैं, जिसे बहुत शुभ माना जाता है, और मंदिर में सुबह से ही भक्ति, उत्साह और उत्सव का माहौल देखा गया।
काशी विश्वनाथ में फूलों से भक्तों का स्वागत
वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम में भी सावन के पहले सोमवार को भारी भीड़ देखी गई। मंदिर प्रशासन ने दूर-दूर से जलाभिषेक के लिए आए तीर्थयात्रियों और भक्तों का फूलों की वर्षा करके स्वागत किया। मंगला आरती के तुरंत बाद ही भक्त जलाभिषेक के लिए आने लगे और दोनों तरफ कतारें लग गईं। भक्त मैदागिन से चौक होते हुए, गेट नंबर 4 सिल्को गली और गेट नंबर 4-A से मंदिर परिसर में आते रहे, जबकि गोदौलिया से धुंधिराज गेट नंबर 1 और नन्नू फरिया लेन से भी भक्त आते रहे। भीड़ को संभालने और सुरक्षा के लिए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस अलर्ट पर रही।
देवघर में भक्तों की भारी भीड़
सावन महीने के पहले सोमवार को झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ जमा हुई। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर कांवड़िए बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने के लिए लगभग 100 किलोमीटर पैदल चलते हैं। भीड़ को देखते हुए मंदिर और शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जलाभिषेक के लिए अतिरिक्त बैरिकेड्स लगाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दूधेश्वर नाथ मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। भक्त भगवान शिव को जल चढ़ा रहे हैं। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
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