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Dev Anand Black Suit Ban Fact: आज बॉलीवुड के एवरग्रीन एक्टर देव आंनद (Dev Anand) की 103वीं बर्थ एनिवर्सरी है. इस मौक पर उनके चाहने वाले और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े उन्हें लोग याद कर रहे हैं. उनकी फिल्मों, एक्टिंग और स्टाइल से जुड़े कई किस्से आज भी लोगों के बीच पॉपुलर हैं. लेकिन इनमें से एक ऐसी भी किस्सा है, जो आज तक फैंस ध्यान खींचती है. ऐसा कई सालों से कहा जाता रहा है कि देव आनंद के काले सूट को देखकर लड़कियां इतनी दीवानी हो जाती थीं कि उन्हें देखने के लिए छतों और बालकनियों से कूद जाती थीं. यहां तक कहा जाता है कि उनके लिए लड़कियां अपने खून से लव-लैटर लिखती थीं. इसी दीवानगी की वजह से कथित तौर पर कोर्ट ने देव आनंद के पब्लिक प्लेस में काला सूट पहनने पर रोक लगा दी थी. यह किस्सा किसी फिल्म का लगता है. लेकिन क्या इसका हर हिस्सा सच है? क्या वाकई किसी कोर्ट ने देव आनंद के काले सूट पर कानूनी तौर पर रोक लगाई थी? आइए यहां पर इसकी सच्चाई जानते हैं.
कहां से शुरू हुई देव आनंद के काले सूट की कहानी
देव आनंद के काले सूट से जुड़े किस्से को समझने के लिए साल 1958 में रिलीज हुई फिल्म 'काला पानी' का जिक्र करना जरूरी है. राज खोसला के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में देव आनंद के साथ मधुबाला और नलिनी जयवंत लीड रोल में थीं. इसकी कहानी एक ऐसे बेटे की थी, जो अपने बेगुनाह पिता को जेल से बाहर निकालने के लिए स्ट्रगल करता है. हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही. इसके लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला. लेकिन फिल्म के साथ उनका एक खास लुक भी लोगों के बीच चर्चा में आ गया. इसमें देव आनंद सफेद शर्ट के साथ काले रंग का बंद गले वाला सूट पहने नजर आए.
उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट जाती थी
देव आनंद का स्टाइल पहले से ही यंगस्टर्स के बीच काफी पॉपुलर था. उनके बोलने का अंदाज, मुस्कान करने का तरीका, टोपी पहनने का स्टाइल और कपड़े पहनने की भी अपनी अलग स्टाइल थी. ऐसे में सफेद शर्ट और काले सूट का यह लुक उनके स्टारडम का एक खास हिस्सा बन गया. फिल्म के बाद जब देव आनंद पब्लिक प्लेस में इसी स्टाइल में दिखाई देते, तो उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट जाती थी. खास तौर पर फीमेल फैंस के बीच उनकी पॉपुलैरिटी बहुत ही ज्यादा थी.
देव आनंद की एक झलक के लिए बेकाबू होती थीं फीमेल फैंस
50 और 60 के दशक में देव आनंद बॉलीवुड के सबसे पॉपुलर रोमांटिक स्टार्स में गिने जाते थे. उस समय आज की तरह सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम या पीआर टीम काम नहीं करती थी. किसी एक्टर की पॉपुलैरिटी फिल्मों, न्यूजपेपर, मैगजीन और लोगों की पसंद की वजह से होती थी. देव आनंद के मामले में यह पॉपुलैरिटी कई बार दीवानगी चरम रूप ले लेती थी. कहा जाता है कि जब वह किसी पब्लिक प्लेस में जाते थे तो उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में फीमेल फैंस जमा हो जाती थीं. खिड़कियों, बालकनियों और छतों से लोग उन्हें देखने के लिए कोशिश करते थे.
इसी किस्से का सबसे चर्चित हिस्सा है लड़कियों का छतों से कूदना. किस्सों में कहा जाता है कि देव आनंद की एक झलक पाने के लिए कुछ लड़कियां इतनी एक्साइटेड हो जाती थीं कि भीड़ में धक्का-मुक्की या आगे आने की कोशिश में ऊंचाई छलांग लगा देती थीं. कुछ जगहों पर गंभीर चोट लगने की बातें भी समाने आई थीं.
खून से लिखे लव-लैटर्स वाला किस्सा कितना सच है?
देव आनंद को अपने करियर के पीक पर बड़ी संख्या में फैंस के खत मिलते थे. इनमें सबसे ज्यादा खत फीमेल फैंस के होते थे. सबसे चौंकाने वाली बात उन लव-लैटर्स की है, जिन्हें कथित तौर पर लड़कियां अपने खून से लिखती थीं. बताया जाता है कि देव आनंद को ऐसे लैटर्स भी आते थे. जिनमें फैंस उनसे शादी करने की बात करते थे. देव आनंद ने भी अपने फैंस की इस दीवानगी का जिक्र किया था. उनके स्टारडम से जुड़े किस्सों में खून से लिखे खतों का जिक्र इसी वजह से खास बन गया.हालांकि, इसको लेकर डॉक्यूमेंटेड प्रूफ मौजूद नहीं है.
क्या कोर्ट ने काले सूट पर लगाया था बैन?
देव आनंद के किस्सों में सबसे ज्यादा दोहराई जाने वाली बातों में एक यह है कि कोर्ट ने उनके पब्लिक प्लेस में काला सूट पहनने पर रोक लगा दी थी. लेकिन मिली जानकारी के मुताबिक,ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है. इंडिया के किसी कोर्ट से देव आनंद को पब्लिक प्लेस पर काला सूट पहनने से रोकने वाला कोई कानूनी ऑर्डर सामने नहीं आता. यानी यह कहना कि 'कोर्ट ने देव आनंद के काले सूट पर बैन लगा दिया था' फैक्ट के तौर पर सही नहीं है. यह एक पॉपुलर फिल्मी मिथ है, लेकिन टाइम के साथ यह किस्सा इतना पॉपुलर हुआ कि लोग इसे सच समझने लगे.
आखिर कैसे बनी अफवाह ?
दरअसल, इस सवाल का जवाब देव आनंद के स्टारडम में ही छिपा है. 'काला पानी' के बाद उनके काले सूट वाले लुक को लेकर बातें होने लगी थीं. पब्लिक प्लेस पर उनकी पॉपुलैरिटी और उन्हें देखने के लिए जुटने वाली भीड़ को लेकर भी इस तरह कहानियां सामने आती रहीं. ऐसे माहौल में काले सूट की बातें भी कही जाने लगीं. एक तरफ देव आनंद के फैंस इस लुक को उनक पहचान से जोड़ने लगे, वहीं दूसरी तरफ उनकी पॉपुलैरिटी किस्से भी फैलने लगे. इसी दौरान यह बात भी फैल गई कि उनकी दीवानगी इतनी ज्यादा थी कि लॉ एंड ऑर्डर संभालना मुश्किल हो जाता था और इसलिए उनके काले सूट पर रोक लगा दी गई. लेकिन यह बात सच नहीं है क्योंकि इसका कोई सबूत नहीं है.
क्या देव आनंद ने खुद इस दावे को सच माना था?
देव आनंद से कई बार उनके स्टारडम और फीमेल फैंस की दीवानगी से जुड़े सवाल पूछे गए थे. उनके बारे में यह भी बताया जाता है कि वह अपने फैंस के प्यार को बहुत अमहमियत देते थे और उन्हें मिलने वाले खतों और पब्लिक प्लेस पर जमा होने वाली भीड़ से वाकिफ थे. लेकिन काले सूट पर कोर्ट बैन की बात को कानूनी एक्शन के तौर पर नहीं देखा जा सकता. देव आनंद के इस किस्से में सबसे जरूरी बात यही है कि उनकी पॉपुलैरिटी की असली कहानी में बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई कहानी धीरे-धीरे जुड़ती चली गई. यही वजह है कि आज जब 'देव आनंद का ब्लैक सूट बैन' कहा जाता है, तो उसके साथ उनकी फीमेल फैंस की दीवानगी, खून से लिखे खत और छतों से कूदने जैसे किस्सों का भी जिक्र होता है.
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