West Bengal Police में बड़ा फेरबदल: STF आईजीपी और डीआईजी समेत 23 अधिकारियों का ट्रांसफर
पश्चिम बंगाल सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया है, जिनमें विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के आईजीपी सुधीर कुमार नीलकांतम और खुफिया शाखा के डीआईजी भोलानाथ पांडेय भी शामिल हैं। एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। गृह एवं पहाड़ी मामलों के विभाग की 25 सितंबर की अधिसूचना के अनुसार, 23 आईपीएस और पश्चिम बंगाल पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादले जनसेवा के हित में किए गए हैं।
कोलकाता पुलिस में हुए प्रमुख बदलावों के तहत एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सुधीर कुमार नीलकांतम को कोलकाता पुलिस का अतिरिक्त आयुक्त नियुक्त किया गया है। उन्होंने देवेंद्र प्रकाश सिंह का स्थान लिया है। कोलकाता में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त देवेंद्र प्रकाश सिंह को खुफिया शाखा (उत्तर बंगाल) का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है।
वर्तमान में खुफिया शाखा में उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर तैनात भोलानाथ पांडेय को कोलकाता पुलिस का संयुक्त आयुक्त (यातायात) नियुक्त किया गया है। उन्होंने सूर्य प्रताप यादव की जगह ली है। यादव को राज्य खुफिया शाखा में डीआईजी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पश्चिम बंगाल में डीआईजी (सुरक्षा) के पद पर तैनात सुखेन हीरा को कोलकाता पुलिस का संयुक्त आयुक्त (सुरक्षा) नियुक्त किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस आवासन एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के डीआईजी देबर्षि दत्ता को बिधाननगर का संयुक्त पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। अधिसूचना में कोलकाता पुलिस की खुफिया और साइबर शाखाओं में भी बदलाव किए गए हैं।
धृतिमान सरकार को मालदा सीआईडी का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि आरिश बिलाल को पश्चिम बंगाल सीआईडी का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वर्तमान में एसएपी की पहली बटालियन के कमांडिंग अधिकारी सौम्यदीप भट्टाचार्य को कोलकाता में साइबर-द्वितीय, पुलिस उपायुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है। कोलकाता प्रवर्तन शाखा उपायुक्त स्पर्शा नीलांगी का तबादला कर उन्हें कोलकाता के जासूसी विभाग में डीसीपी बनाया गया है।
अधिसूचना के अनुसार, काजी शम्सुद्दीन अहमद को बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के जासूसी विभाग का डीसीपी और कुंतल बनर्जी को बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय का डीसीपी नियुक्त किया गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि ये आदेश अधिकारियों के नए पदों का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगे।
पिता को जेल भिजवाने के लिए CM Mohan Yadav को दी थी धमकी, Bhopal Police ने आरोपी को दबोचा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को 'डायल-112' वॉट्सऐप नंबर के ज़रिए जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है। जांच करने वालों का कहना है कि आरोपी ने यह मैसेज धमकी को असल में अंजाम देने के इरादे से नहीं, बल्कि अपने पिता को फंसाने और गिरफ़्तार करवाने के मकसद से भेजा था। पुलिस के मुताबिक, धमकी भरा मैसेज 23 सितंबर को सुबह करीब 11:30 बजे मिला था। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर का रहने वाला आरोपी, मैसेज को डिलीट करने से पहले उसे दो बार एडिट कर चुका था। हालांकि, डायल-112 के कर्मचारियों ने मैसेज का स्क्रीनशॉट ले लिया, जिससे जांचकर्ताओं को जांच शुरू करने में मदद मिली।
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इसके बाद मैसेज भेजने वाले का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच शुरू की गई। क्राइम ब्रांच ने आरोपी का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि की और बताया कि वह व्यक्ति अपने पिता से परेशान था। उसे लगा कि मुख्यमंत्री को धमकी भरा संदेश भेजने से पुलिस उसके पिता के खिलाफ कार्रवाई करेगी। पुलिस का कहना है कि आरोपी का धमकी को असल में अंजाम देने का कोई इरादा नहीं था; उसने यह संदेश इस सोच के साथ भेजा था कि इससे उसके पिता की गिरफ्तारी हो जाएगी। घटना से जुड़ी परिस्थितियों और संदेश भेजने के पीछे के असली मकसद का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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पुलिस के मुताबिक, आरोपी को पहले भी बिना रेलवे टिकट यात्रा करने के आरोप में पकड़ा जा चुका है। उसे भोपाल लाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। जांच करने वाले जब उस मैसेज, आरोपी की बातचीत और उन हालात की जांच करेंगे जिनकी वजह से उसने धमकी दी, तो और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। पुलिस इस बात का भी पता लगाएगी कि चल रही जांच के नतीजों के आधार पर आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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