जम्मू-कश्मीर: उपराज्यपाल ने 220 लोगों की आंखों की रोशनी लौटाने वाले सेना के चिकित्सकों की सराहना की
जम्मू-कश्मीर: उपराज्यपाल ने 220 लोगों की आंखों की रोशनी लौटाने वाले सेना के चिकित्सकों की सराहना कीनागालैंड में जहरीली शराब पीने से दो दिन में 19 लोगों की मौत, सप्लाई चेन डिकोड करने में जुटी पुलिस
नागालैंड में कथिर तौर पर मिलावटी और अवैध शराब पीने की वजह से पिछले दो दिनों में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया है. टीम संदिग्ध शराब के स्रोतों और उनकी सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश कर रही है. घटना मोकोकचुंग और तुएनसांग जिलों से सामने आई है. पुलिस के अनुसार, मोकोकचुंग में 8 और तुएनसांग में 11 लोगों की मौत हुई है.
दो जिलों में हुई मौतें
पुलिस के अनुसार, मोकोकचुंग जिले में पिछले कुछ दिनों से संदिग्ध अवैध शराब के सेवन के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई है. यहां मौतों का आंकड़ा बढ़कर 8 हो गया है. तुएनसांग जिले में भी शराब पीने के बाद लोगों की मौत की खबर सामने आई है. यहां अब तक 11 मौतें हो चुकी हैं. अधिकारियों का कहना है कि दोनों घटनाओं के बीच संबंध और शराब के स्रोतों की जांच की जा रही है.
मोकोकचुंग पुलिस ने इससे पहले मंगकोलेम्बा इलाके में संदिग्ध मिलावटी शराब पीने के बाद 4 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग बीमार भी हो गए थे. बाद में जिले में अलग-अलग इलाकों से और मौतों की सूचना सामने आई है. पुलिस ने संदिग्ध शराब के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की है.
SIT करेगी जांच, गुवाहाटी भेजे गए सैंपल
मामले की जांच के लिए बनाई गई SIT का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आई. बुंगलांग चांग कर रहे हैं. मोकोकचुंग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वेसुप्रा केजो के अनुसार, जांच टीम शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों के जरिए अलग-अलग इलाकों तक पहुंचाया गया, इसका पता लगाएगी.
पुलिस ने संदिग्ध शराब के सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए गुवाहाटी भेजे हैं. इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि मौतों के पीछे शराब में मौजूद कौन से जहरीले या हानिकारक पदार्थ जिम्मेदार हैं. पुलिस का कहना है कि जांच में कुछ सुराग मिले हैं, लेकिन फोरेंसिक रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
19 गिरफ्तार, करीब 3 हजार बोतलें जब्त
मौतों के बाद पुलिस ने कई जगह छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 3,000 बोतल शराब जब्त की गई है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि संदिग्ध शराब कहीं राज्य के दूसरे हिस्सों में तो नहीं पहुंचाई गई. मोकोकचुंग में पुलिस की छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में रम, बीयर, व्हिस्की और वोदका भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है. जांच एजेंसियां शराब के निर्माण, परिवहन, वितरण और बिक्री से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं.
1990 से शराबबंदी लागू, फिर भी अवैध शराब का कारोबार
नागालैंड में 1990 से शराबबंदी कानून लागू है. इसके बावजूद राज्य में अवैध शराब की बिक्री और सेवन से जुड़ी घटनाएं सामने आती रही हैं. मौजूदा घटना के बाद पुलिस ने लोगों को अज्ञात, बिना लेबल वाली या संदिग्ध शराब का सेवन नहीं करने की सलाह दी है. पुलिस ने चेतावनी दी है कि शराब पीने के बाद चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सांस लेने में परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण नजर आएं तो तुरंत अस्पताल पहुंचें. अधिकारियों ने लोगों से संदिग्ध शराब की बिक्री या भंडारण की जानकारी पुलिस को देने की अपील भी की है.
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