Bigg Boss 20 Weekend Ka Vaar में Qazi Touqeer पर भद्दी टिप्पणी के लिए Reeti Tiwari पर भड़के Salman Khan
रियालिटी शो 'बिग बॉस 20' (Bigg Boss 20) में इन दिनों ड्रामा और विवाद अपने चरम पर हैं। घर के भीतर सदस्यों के बीच लगातार हो रहे झगड़ों और तीखी बहसों के बीच इस हफ्ते का 'वीकेंड का वार' (Weekend Ka Vaar) बेहद धमाकेदार होने वाला है। मेकर्स द्वारा जारी किए गए लेटेस्ट प्रोमो में शो के होस्ट सलमान खान (Salman Khan) प्रतिभागी रीति तिवारी (Reeti Tiwari) और आसिफ खान (Asif Khan) की क्लास लगाते हुए नजर आ रहे हैं। रीति तिवारी द्वारा कंटेस्टेंट काज़ी तौकीर (Qazi Touqeer) के खिलाफ की गई आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियों के चलते सलमान खान काफी नाराज दिखे।
सलमान खान ने रीति से क्या कहा?
बिग बॉस के 'वीकेंड का वार' एपिसोड में, सलमान खान पूरे हफ़्ते कंटेस्टेंट्स के व्यवहार पर चर्चा करते हैं और नियम या सीमाएं तोड़ने वालों को फटकार लगाते हैं। इस बार, रीति तिवारी और आसिफ खान चर्चा का केंद्र रहे। प्रोमो में, सलमान खान रीति से कहते हैं, "तुम काज़ी से बहुत जलती हो और असुरक्षित महसूस करती हो।" रीति जवाब देती हैं, "मैं जलती नहीं हूँ; बस मुझे वह इंसान के तौर पर पसंद नहीं हैं।"
सलमान आगे कहते हैं, "बेइज्जती करने की भी एक सीमा होती है, लेकिन तुमने सारी हदें पार कर दीं।" रीति ने अपना बचाव करने की कोशिश की, लेकिन सलमान ने उनकी बात नहीं सुनी। गौरतलब है कि रीति एक्टर और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी की बेटी हैं।
सलमान ने आसिफ खान से सवाल किए
प्रोमो में सलमान खान घर वालों से पूछते हुए दिखते हैं, "क्या तुम्हें नहीं लगा कि उसने बेइज्जती की सारी हदें पार कर दीं? तुम उसे उकसा रहे थे, और वह और आगे बढ़ती गई।" फिर सलमान गुस्से में आसिफ खान से पूछते हैं, "तुम्हारी समझदारी कहाँ गई थी? अगर कोई और तुम्हारी बहन की इस तरह बेइज्जती करता, तो क्या तुम उसे होने देते?"
मामला क्या था?
बिग बॉस में एक टास्क हुआ जिसमें यंग और काज़ी की टीमों के बीच मुकाबला था। दोनों टीमों को एक-दूसरे के सदस्यों की बुराई करने—यानी बेइज्जती करने—और उनकी आलोचना करने का काम दिया गया था। टास्क की आड़ में, रीति ने हद पार कर दी और काज़ी के खिलाफ़ कई आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं; उसे रोकने के बजाय, उनकी टीम ने उनके व्यवहार को बढ़ावा दिया। नतीजतन, सलमान खान ने रीति और आसिफ को फटकार लगाई। खास बात यह है कि यह रियलिटी शो रोज़ रात 9 बजे Jio Hotstar पर और रात 10:30 बजे Colors पर आता है। आज के एपिसोड में 'वीकेंड का वार' होगा, जिसमें सलमान खान इस हफ़्ते के लिए बिग बॉस 20 के कंटेस्टेंट्स को फ़ीडबैक देंगे। वह कल इस हफ़्ते के एलिमिनेशन की घोषणा करेंगे।
India Bloc Meeting: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चाबंदी की तैयारी! इस दिन होगी 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक, दो धुर विरोधी भी आएंगे साथ
भारतीय राजनीति में एक बार फिर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच तनातनी बढ़ती नजर आ रही है। विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) में शामिल कई प्रमुख दल आगामी 30 सितंबर को नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तैयार करना है।
माकपा और टीएमसी का आना साथ, ममता बनर्जी से बातचीत
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ा है, जहां एक-दूसरे की धुर विरोधी मानी जाने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) चुनाव आयोग से जुड़े इस मुद्दे पर एक ही पक्ष में खड़ी नजर आ रही हैं।
माकपा महासचिव एमए बेबी ने विपक्षी दलों को पत्र लिखकर बैठक बुलाने का अनुरोध किया था और इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी चर्चा की, जिस पर ममता ने स्थिति से निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के प्रस्ताव की तैयारी
वाम दलों (माकपा, भाकपा, भाकपा माले) के साथ-साथ कांग्रेस ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग तेज कर दी है। कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की 29 सितंबर को होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर पार्टी अपना रुख साफ करेगी। विपक्ष सीईसी को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में नया प्रस्ताव लाने की योजना बना रहा है, जिसके लिए कानूनी विशेषज्ञों से राय ली जा रही है।
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद और विपक्ष की लामबंदी
विपक्ष की इस ताजा गोलबंदी की मुख्य वजह एक मीडिया रिपोर्ट है, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर से जुड़े फैसलों पर अन्य आयुक्तों द्वारा आपत्तियां जताई गई थीं।
हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि बहुसदस्यीय संस्था में अलग-अलग विचार आना एक सामान्य प्रक्रिया है और उनके सभी आदेश पूरी तरह वैधानिक हैं। इससे पहले 23 विपक्षी दलों और एक सांसद ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से भी मिलकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी।
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