मर्दानी से थप्पड़ तक: 2014 के बाद बदली हीरोइन की परिभाषा, बॉलीवुड ने महिलाओं की आवाज को बनाया ताकत
मुंबई, 22 जनवरी (आईएएनएस)। भारत में बेटियों के प्रति सामाजिक सोच बदलने और उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को गुरुवार को 11 साल पूरे हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 जनवरी 2015 को शुरू किए गए 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान और उसके साथ जुड़ी 'सुकन्या समृद्धि योजना' ने देश के हर कोने में बालिकाओं के सशक्तीकरण की नई इबारत लिखी है।
मर्दानी से थप्पड़ तक: 2014 के बाद बदली हीरोइन की परिभाषा, बॉलीवुड ने महिलाओं की आवाज को बनाया ताकत
मुंबई, 22 जनवरी (आईएएनएस)। भारत में बेटियों के प्रति सामाजिक सोच बदलने और उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को गुरुवार को 11 साल पूरे हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 जनवरी 2015 को शुरू किए गए 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान और उसके साथ जुड़ी 'सुकन्या समृद्धि योजना' ने देश के हर कोने में बालिकाओं के सशक्तीकरण की नई इबारत लिखी है।
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