क्या अब नी ट्रांसप्लांट की नहीं पड़ेगी जरूरत? घुटने में लगा दिया खुद का टिश्यू, RML के डॉक्टरों ने की भारत की पहली सर्जरी
अभी तक घुटने में कुछ भी खराबी आने पर घुटने को ट्रांसप्लांट कर दिया जाता था, लेकिन पहली बार ABVIMS और डॉ. आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों ने भारत में पहली बार मेनिस्कस ऑटोग्राफ्ट सर्जरी की है. इस सर्जरी से डॉक्टरों ने न केवल घुटना बचाया है, बल्कि मरीज के शरीर से ही टिश्यू लगाकर मरीज के नी ट्रांसप्लांट को कई साल पीछे धकेल दिया है. आइए जानते हैं इसके बारे में..;
उज्जैन-वाराणसी की तर्ज पर बिहार का पहला शिव कॉरिडोर बनने की राह खुली, इस शहर में गंगा की धारा मोड़ने की योजना
Bhagalpur Sultanganj Shiv Corridor: भागलपुर के सुल्तानगंज में वर्षों से रुका सपना अब साकार होने की दहलीज पर है. बिहार के पहले शिव कॉरिडोर का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है. गंगा किनारे अजगैवीनाथ धाम की तस्वीर अब उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर बदलने जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं में नई उम्मीद और उत्साह है.
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