गणेश विसर्जन के बाद तालाब में नहाने उतरा युवक डूबा, SDRF ने निकाला शव
मध्य प्रदेश के उज्जैन में गणेश विसर्जन के दौरान एक हादसा देखने को मिला। यहां प्रतिमा विसर्जित करने के बाद एक युवक तालाब में डूब गया। ये युवक तैरने का बोलकर तालाब में उतरा था। लेकिन वापस बाहर नहीं निकल पाया। ये घटना युवक की दोस्त ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड की है।
यह मामला मक्सी रोड के पंचकोशी मार्ग पर स्थित उंडासा तलाब का है। गोलू नाम का युवक अपने दोस्त और महिला मित्र के साथ गणेश प्रतिमा विसर्जित करने के लिए पहुंचा था। तीनों प्रशासन द्वारा तय किए गए निर्धारित स्थान की जगह यहां विसर्जन के लिए पहुंचे थे।
तैरने गया था, डूब गया
इस युवक की पहचान पंवासा की सत्संग गली में रहने वाले सागर कटारिया उर्फ गोलू के रूप में हुई है। वह बापू नगर में किराए का कमरा लेकर अपनी महिला मित्र के साथ रहता था। प्रतिमा विसर्जन करने के बाद उसका दोस्त अनमोल मौके से चला गया था। गोलू और उसकी महिला मित्र मौके पर ही थे। तभी उसने कहा कि उसे तैरना आता है और वह तालाब में नहाने जा रहा है। वह पानी में उतर कर बीच में स्थित एक टापू पर जाकर बैठा।
युवक की दोस्त ने कहा कि अब वापस आ जाओ। इसके बाद वह टापू से पानी में कूदा। युवक पानी में कूदने के बाद आगे बढ़ने की जगह एक ही जगह हाथ पैर मारने लगा। कुछ ही देर में वो पानी में डूबने लगा। पहले तो उसकी दोस्त को लगा कि वह छप छप कर रहा है, लेकिन जब युवक डूबने लगा तो उसे हादसा होने का एहसास हुआ।
मौके पर जमा हुई भीड़
जब लड़की ने गोलू को डूबता हुआ देखा तो उसे हादसे का एहसास हुआ। उसने चीख पुकार मचाई तब जाकर आसपास के लोगों को मामले की जानकारी लगी। पुलिस को भी सूचना दी गई मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
SDRF ने किया रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद एसडीआरएफ के गोताखोरों को मौके पर बुलाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर टीम ने गोलू के शव को तालाब से बाहर निकाला। पोस्टमार्टम के बाद इनका शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
AI एजेंट ने अमेरिकी सरकारी वेबसाइट्स से छेड़छाड़ की:शिक्षा विभाग की साइट में सेंधमारी की कोशिश, सरकारी डेटा भी एक्सेस किया
चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के AI एजेंट्स ने अमेरिकी सरकार की वेबसाइट में छेड़छाड़ की। इसमें अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC और कॉमर्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट शामिल है। ओपनएआई ने इसकी जानकारी दी। हालांकि इस छेड़छाड़ से किसी तरह का कोई नकुसान नहीं हुआ। एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। AI एजेंट ने डेटा की कॉपी बनाई, इंटरनेट पर पोस्ट की AI एजेंट्स ने अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC के डेटा की कॉपी बनाई और उसे इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया, जबकि उन्हें ऐसा न करने के साफ निर्देश दिए गए थे। कॉमर्स डिपार्टमेंट के मामले में एआई एजेंट ने यूएस सेन्सस डेटा की वेबसाइट को ऐसे प्रोग्रामिंग इंटरफेस से एक्सेस किया, जो उस काम के लिए नहीं बनाया गया था। AI एजेंट ने शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट में भी घुसने का प्रयास किया। हालांकि, वो इसमें कामयाब नहीं हो सका। एजेंसियां बोलीं- कोई संवेदनशील डेटा लीक नहीं मामला सामने आने के बाद अमेरिकी एजेंसियों ने सफाई दी है। शेयर बाजार नियामक SEC के प्रवक्ता ने कहा कि एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने बताया कि डेटाबेस को कोई नुकसान नहीं हुआ हैं। वहीं, कॉमर्स डिपार्टमेंट की ओर से इस पर तुरंत कोई बयान नहीं आया है। AI एजेंट ने शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट में भी घुसने का प्रयास किया। हालांकि, वो इसमें कामयाब नहीं हो सके। कंपनी बोली- भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी साइट्स पर गए थे ओपनएआई ने बताया कि यह गड़बड़ी तब हुई जब उनके एआई सिस्टम की ट्रेनिंग चल रही थी। ट्रेनिंग के दौरान एआई से कई सवाल पूछे गए थे। एआई मॉडल भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइटों पर ही जाते हैं, इसलिए वह खुद-ब-खुद उन साइट्स पर गए। कंपनी का कहना है कि एआई का मकसद कोई गड़बड़ करना नहीं, बल्कि सरकारी साइट्स से आम जानकारी जुटाना ही था। ये एक सामान्य रिसर्च का काम है। AI एजेंट ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट में भी घुस गए थे दो दिन दिन पहले खुलासा हुआ था इन ओपन एआई के AI एजेंट्स ने ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट का भी एक्सेस हासिल कर लिया था। यह घटना जून में हुई थी, लेकिन सरकार को इसकी जानकारी सितंबर में मिली। एआई को बेकाबू होने से रोकने के लिए 'किल स्विच' की बात हो रही कई देश और एक्सपर्ट चाहते हैं कि एआई कंपनियों के लिए एक इमरजेंसी 'किल स्विच' बनाया जाए, जिससे खतरा दिखने पर पूरे एआई को एक झटके में बंद किया जा सके। ओपनएआई ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स तैयार करने में जुटी है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर के नेटवर्क से जुड़े AI को किसी एक स्विच से बंद करना लगभग नामुमकिन है। भविष्य के खतरों पर एआई विशेषज्ञों का क्या कहना है? यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के डॉ. हैमंड पिएर्स ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामले आगे चलकर और खतरनाक हो सकते हैं। ये सरकारों के लिए खतरे की बड़ी घंटी है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के डॉ. राफेल सिरिएलो ने कहा कि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन एआई लगातार ताकतवर होता जा रहा है। इसकी 24 घंटे निगरानी जरूरी है। किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग को अनिवार्य करना होगा। ----------------------------------- AI से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गेट्स बोले-AI के गलत इस्तेमाल से 100 करोड़ मौतें संभव:अमेरिकी सरकार इस पर कानून बनाए; ऑस्ट्रेलिया में AI सरकारी पोर्टल हैक कर चुका माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने चेतावनी दी है कि गलत हाथों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इतना ताकतवर हो सकता है कि इससे 100 करोड़ लोगों की मौत तक हो सकती है। एक इंटरव्यू में गेट्स ने कहा कि बुरे इरादे वाले लोगों के साथ AI टूल्स का मेल अब तक के किसी भी हथियार से ज्यादा खतरनाक हो सकता है। उन्होंने खतरे को गंभीरता से लेने को कहा है। पूरी खबर पढ़ें…
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