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21 साल बाद भोपाल के विकास का नया खाका, CM डॉ. मोहन यादव ने जारी किया ‘भोपाल विकास योजना-2047’ का प्रारूप

झीलों और हरियाली की पहचान बचाते हुए भोपाल को अगले 20 साल में किस तरह विकसित किया जाएगा, इसका नया खाका सामने आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल विकास योजना-2047 का प्रारूप जारी किया है। इसमें 51 किलोमीटर के ग्रोथ कॉरिडोर से लेकर EKAI सिटी, अफोर्डेबल हाउसिंग, गोल्फ कोर्स और नए पार्किंग मॉडल तक कई बड़े प्रस्ताव हैं। खास बात यह है कि शहर में हरित क्षेत्र को करीब 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने की तैयारी है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि योजना तैयार करते समय भोजताल, वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्र जैसी भोपाल की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ बेहतर सुविधाओं, आसान आवागमन और आर्थिक विकास को ध्यान में रखा गया है। अभी योजना का प्रारूप जारी हुआ है, जिस पर नागरिक अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकेंगे।

51 KM का ग्रोथ कॉरिडोर जोड़ेगा भोपाल के नए ठिकाने

शहर के भविष्य के विस्तार में 51 किलोमीटर लंबा ग्रोथ कॉरिडोर अहम होगा। इसके लिए करीब 3000 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित है। यह कॉरिडोर EKAI City, एयरपोर्ट, प्रस्तावित CMU, लॉजिस्टिक और थोक क्षेत्र के साथ अलग-अलग उपनगरों को जोड़ेगा। यहां IT, AI एवं Data Centre, होटल, अस्पताल, मॉल-मल्टीप्लेक्स, कॉरपोरेट ऑफिस, एजुकेशन हब और हाउसिंग जैसी गतिविधियों के लिए जगह होगी। सार्वजनिक परिवहन के लिए BRTS कॉरिडोर प्रस्तावित है, जिसे भविष्य में MRTS में बदला जा सकेगा।

16% से 27% हरियाली, भानपुर खंती पर गोल्फ कोर्स

भोपाल मास्टर प्लान-2005 में करीब 16 प्रतिशत हरित क्षेत्र था। नई योजना में इसे बढ़ाकर लगभग 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। कॉलोनियों में खुला क्षेत्र भी 10 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया जाएगा। शहर की बाहरी सीमा पर प्रस्तावित Green Field Corridor के दोनों ओर 50-50 मीटर हरित क्षेत्र रखने की योजना है। भानपुर खंती के पुनर्विकास के लिए यहां गोल्फ कोर्स प्रस्तावित किया गया है। वहीं 70 प्रतिशत रहवासियों की सहमति होने पर RWA पुराने Residential Apartment का पुनर्विकास करा सकेगी। Affordable और Rental Housing को बढ़ावा देने के प्रावधान भी रखे गए हैं।

भौंरी में EKAI City, Digital Twin से शहर पर नजर

भौंरी में Education Knowledge Artificial Intelligence (EKAI) City विकसित करने की परिकल्पना की गई है। वहीं Digital Twin City के जरिए शहर के विकास, अनधिकृत निर्माण और मोबिलिटी से जुड़ी समस्याओं की Real-Time Monitoring का प्रस्ताव है। Safe City के तहत सार्वजनिक स्थानों पर लगे निजी CCTV कैमरों की नेटवर्किंग और सुरक्षित यातायात से जुड़े प्रावधान रखे गए हैं।

फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग, मकान-दुकान के लिए Mixed Land Use

नई योजना में Multi-Level और Mechanised Parking के साथ ROB और Flyover के नीचे भी पार्किंग की व्यवस्था प्रस्तावित है। कुछ सार्वजनिक मार्गों पर RWA के जरिए Parking Fee लेने का प्रावधान भी रखा गया है। Mixed Land Use के जरिए सड़क की चौड़ाई के आधार पर आवासीय क्षेत्रों में दूसरे उपयोग की अनुमति देने का प्रस्ताव है, जिससे घर और कार्यस्थल के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सके।

254 गांव और 45 लाख आबादी को ध्यान में रखकर प्लान

भोपाल विकास योजना-2047 का प्रारूप 1016.90 वर्ग किलोमीटर निवेश क्षेत्र के लिए तैयार किया गया है। इसमें 254 गांव और 45 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखा गया है। इससे पहले भोपाल विकास योजना-2005 का निवेश क्षेत्र 601.06 वर्ग किलोमीटर था और उसमें 146 गांव शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे “समृद्ध, सुगम और विकसित भोपाल” के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है। अब प्रारूप पर लोगों से दावे-आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे।

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गणेश विसर्जन के बाद तालाब में नहाने उतरा युवक डूबा, SDRF ने निकाला शव

मध्य प्रदेश के उज्जैन में गणेश विसर्जन के दौरान एक हादसा देखने को मिला। यहां प्रतिमा विसर्जित करने के बाद एक युवक तालाब में डूब गया। ये युवक तैरने का बोलकर तालाब में उतरा था। लेकिन वापस बाहर नहीं निकल पाया। ये घटना युवक की दोस्त ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड की है।

यह मामला मक्सी रोड के पंचकोशी मार्ग पर स्थित उंडासा तलाब का है। गोलू नाम का युवक अपने दोस्त और महिला मित्र के साथ गणेश प्रतिमा विसर्जित करने के लिए पहुंचा था। तीनों प्रशासन द्वारा तय किए गए निर्धारित स्थान की जगह यहां विसर्जन के लिए पहुंचे थे।

तैरने गया था, डूब गया

इस युवक की पहचान पंवासा की सत्संग गली में रहने वाले सागर कटारिया उर्फ गोलू के रूप में हुई है। वह बापू नगर में किराए का कमरा लेकर अपनी महिला मित्र के साथ रहता था। प्रतिमा विसर्जन करने के बाद उसका दोस्त अनमोल मौके से चला गया था। गोलू और उसकी महिला मित्र मौके पर ही थे। तभी उसने कहा कि उसे तैरना आता है और वह तालाब में नहाने जा रहा है। वह पानी में उतर कर बीच में स्थित एक टापू पर जाकर बैठा।

युवक की दोस्त ने कहा कि अब वापस आ जाओ। इसके बाद वह टापू से पानी में कूदा। युवक  पानी में कूदने के बाद आगे बढ़ने की जगह एक ही जगह हाथ पैर मारने लगा। कुछ ही देर में वो पानी में डूबने लगा। पहले तो उसकी दोस्त को लगा कि वह छप छप कर रहा है, लेकिन जब युवक डूबने लगा तो उसे हादसा होने का एहसास हुआ।

मौके पर जमा हुई भीड़

जब लड़की ने गोलू को डूबता हुआ देखा तो उसे हादसे का एहसास हुआ। उसने चीख पुकार मचाई तब जाकर आसपास के लोगों को मामले की जानकारी लगी। पुलिस को भी सूचना दी गई मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

SDRF ने किया रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद एसडीआरएफ के गोताखोरों को मौके पर बुलाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर टीम ने गोलू के शव को तालाब से बाहर निकाला। पोस्टमार्टम के बाद इनका शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

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  Sports

'2027 वनडे वर्ल्ड कप मेरा आखिरी होगा, ट्रॉफी जीतने के लिए सब कुछ न्योछावर कर दूंगा', विराट कोहली का बड़ा ऐलान

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने अपने भविष्य के इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। दक्षिण अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में आयोजित होने वाला 2027 वनडे वर्ल्ड कप भारतीय जर्सी में उनका आखिरी विश्व कप होगा। तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज़ से पहले कोहली ने साफ कर दिया कि उनका एकमात्र लक्ष्य भारत को विश्व विजेता बनाना है, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी हद तक जाना पड़े।

कोहली ने तीन मैचों की सीरीज़ से पहले JioStar से कहा, "मेरे लिए, यह भारत के लिए खेलने वाला आखिरी वर्ल्ड कप होगा। और यही मेरी प्रेरणा है। जैसे, आप जानते हैं, अपना सब कुछ झोंक देना। और ज़ाहिर है, लक्ष्य तो वर्ल्ड कप जीतना ही है। और इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं पूरी तरह तैयार हूँ।" अक्टूबर और नवंबर में दक्षिण अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित होने वाला 2027 वर्ल्ड कप, कोहली का चौथा वनडे वर्ल्ड कप होगा।

37 वर्षीय खिलाड़ी की ये बातें एक ऐसे वनडे साइकल की शुरुआत में आई हैं जिसमें हर मैच का महत्व बढ़ जाता है। भारत ने वेस्टइंडीज़ सीरीज़ के लिए अपनी टीम में कोहली और रोहित शर्मा को शामिल किया है, जबकि शुभमन गिल कप्तान बने रहेंगे क्योंकि टीम 2027 के टूर्नामेंट की तैयारी शुरू कर रही है।

2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से, उन्होंने 12 वनडे मैचों में 76 की औसत से 760 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। 2025 की शुरुआत से, उनके नाम 64.68 की औसत से 1,035 रन हैं, जबकि उनके पिछले 10 वनडे मैचों में तीन शतक और सात बार पचास या उससे ज़्यादा रन बनाए हैं।

उम्मीदों की चिंता नहीं करेंगे
ये आंकड़े उनके खेलने के तरीके में आए एक साफ़ बदलाव के साथ आए हैं। कोहली ने कहा, "सबसे पहले तो बदलाव यह आया है कि मैंने खुद से वादा किया है कि मैं अब और खुलकर खेलूंगा। मैं लोगों की उम्मीदों की चिंता नहीं करूंगा। लंबे समय तक मेरा रोल पारी को संभालने और स्थिरता लाने का रहा है।"

यह आज़ादी पिछले कुछ IPL सीज़न में साफ़ दिखी है, जहाँ कोहली पहले के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा तेज़ी से रन बना रहे हैं। IPL 2026 में, उन्होंने 16 मैचों में 165.85 के स्ट्राइक रेट से 675 रन बनाए। उन्होंने अपनी सबसे तेज़ IPL फ़िफ़्टी भी लगाई और RCB को टाइटल बचाने में मदद की।

ओपनिंग बैटर के तौर पर खेलने से कोहली को रिस्क लेने की हिम्मत मिली; अब वह आउट होने को अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में नाकामी नहीं मानते। उनका कहना है कि उन्होंने यह सीख अपने ODI क्रिकेट में भी अपनाई है। इसका मतलब ज़िम्मेदारी छोड़ना नहीं है। बल्कि, कोहली अपने अनुभव का इस्तेमाल करके क्रीज़ पर जमने के बाद ज़्यादा से ज़्यादा असरदार खेलना चाहते हैं।

"मैं खेल में फ़र्क लाने की कोशिश कर रहा हूँ, ताकि 30-40 रन ज़्यादा बन सकें। मैं ऐसी सोच के साथ खेलना चाहता हूँ कि अगर मैं रिस्क नहीं ले रहा हूँ, तो इसलिए नहीं कि मैं डर रहा हूँ, बल्कि इसलिए कि मैं खुद को ऐसी स्थिति में ला रहा हूँ जहाँ मैं कह सकूँ - ठीक है, अब तेज़ी से रन बनाने का समय आ गया है।"

कोहली का मानना ​​है कि यह सोच ODI गेम में बहुत काम आ सकती है, जहाँ आजकल बहुत ज़्यादा रन बन रहे हैं।

"खेल का मिज़ाज बदल रहा है। खासकर जब हालात तेज़ और अच्छे हों, और दूसरी टीमें आपको 340-350 रन बनाने के लिए मजबूर कर रही हों, तो हमें भी 350-360 रन बनाने में सक्षम होना चाहिए। अब मैं रिस्क लेने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ क्योंकि मुझे पता है कि अगर मैं उस समय रन बना लूँ, तो हम आसानी से 350-360 तक पहुँच जाएँगे। और अगर मैं ऐसा कर पाता हूँ और ज़्यादा देर तक क्रीज़ पर टिकता हूँ, तो आखिर में और भी तेज़ी से रन बना सकता हूँ।"

कोहली के लिए यह बदलाव जितना टेक्निकल था, उतना ही मानसिक भी। "मुझे अपने मन में उस आज़ादी को थोड़ा महसूस करना था। इससे मुझे IPL में भी मदद मिली। मैं उसी आज़ादी के साथ खेल पाया क्योंकि मैं यह नहीं सोच रहा था कि अगर मैं आउट हो गया, तो हमारे लिए स्थिति मुश्किल हो सकती है।"

उनका कहना है कि यह आज़ादी उन्हें अपने आस-पास के लोगों पर भरोसा करने से मिलती है। "मुझे भरोसा है कि मेरे आस-पास दूसरे खिलाड़ी भी हैं जो बहुत अच्छे हैं और स्थिति को संभाल लेंगे। मुझे खुलकर खेलना है और लगातार ऐसा करने का तरीका खोजना है। मेरे करियर के इस पड़ाव पर यह रोमांचक भी है।"

अब, जब 2027 वर्ल्ड कप में 14 महीने से भी कम समय बचा है, कोहली की नज़रें एक आखिरी अभियान पर हैं - और उन्हें साफ़ पता है कि वह इसे किस तरह से खेलना चाहते हैं।

Sat, 26 Sep 2026 16:05:00 +0530

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