योगी सरकार और IGNCA की अहम पहल, शैल और भित्ति चित्रों का किया जाएगा संरक्षण
UP News: योगी सरकार राज्य की प्राचीन कला और पुरातात्विक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में नई पहल शुरू कर रही है. जिसके तहत राज्य सरकार यूपी में मौजूद शैलचित्रों और ऐतिहासिक भित्ति चित्रों की पहचान, दस्तावेजीकरण और वैज्ञानिक संरक्षण के लिए राज्य पुरातत्व निदेशालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के साथ मिलकर काम कर रही है.
इसके लिए राज्य के अपर मुख्य सचिव (संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य) अमृत अभिजात की अध्यक्षता में राज्य पुरातत्व निदेशालय और IGNCA के अधिकारियों की बैठक का आयोजन हुआ. इस बैठक में 3 सितंबर 2025 को दोनों संस्थानों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत चलने वाले कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई. इसके साथ ही बैठक में आगामी गतिविधियों की रूपरेखा को लेकर भी चर्चा हुई.
पहले चरण में इन जिलों में चलेगा अभियान
राज्य पुरातत्व विभाग की निदेशक डॉ. रेनू त्रिवेदी के मुताबिक, राज्य की पारंपरिक ब्लॉक पेंटिंग और वॉल पेंटिंग को आधुनिक तकनीकों की मदद से संरक्षित करने की दिशा में संयुक्त रूप से काम किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इसके तहत पहले चरण में मथुरा, अलीगढ़ और बुंदेलखंड क्षेत्र में सर्वे कराया जाएगा. सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर संरक्षण कार्यों के लिए बजट का इंतजाम किया जाएगा.
इस बैठक के दौरान अधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य के कई हिस्सों में चट्टानों, दीवारों और पहाड़ी क्षेत्रों पर मौजूद प्राचीन चित्र समय के साथ खराब हो रहे हैं. जिससे मौसम, प्राकृतिक क्षरण और अन्य कारणों से इन कलाकृतियों के अस्तित्व पर असर पड़ रहा है. जिससे इनके वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और रिकॉर्ड तैयार करने की जरूरत को ध्यान में रखा गया है.
15वीं से 19वीं शताब्दी की चित्रकलाओं को दी जाएगी प्राथमिकता
इस योजना के तहत संरक्षित स्मारकों में मौजूद 15वीं से 19वीं शताब्दी के बीच की ऐतिहासिक चित्रकलाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर संरक्षण के दायरे में लाया जाएगा. इसके लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव और IGNCA के प्रमुख को औपचारिक पत्र भेजने की तैयारी है.
बैठक के दौरान राज्य के सभी संरक्षित शैलचित्रों और भित्ति चित्रों का जनपदवार सर्वे, अभिलेखन और कंडीशन असेसमेंट कराने का निर्णय लिया गया. इसके लिए IGNCA के विशेषज्ञ संबंधित स्थलों पर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का अध्ययन किया जाएगा, साथ ही संरक्षण की जरूरतों का आकलन करेंगे.
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इस बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने सुझाव दिया कि शुरुआती चरण में चंदौली, सोनभद्र और मिर्जापुर के शैलचित्र स्थलों को शामिल किया जाए. उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार इन क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से पुरातात्विक उत्खनन भी कराया जा सकता है.
बता दें कि संरक्षण कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए काम शुरू होने से पहले प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा. इसमें विभाग के तकनीकी अधिकारियों के अलावा उन कारीगरों और तकनीकी सहायकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा. जिनका काम संरक्षण कार्यों को अंजाम देना होगा.
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रूस की तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन ने दाग दिए दनादन ड्रोन, 3 लोगों की मौत
रूस के दक्षिणी क्रास्नोडार इलाके में यूक्रेनी ड्रोन हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और दो घायल हो गए। स्थानीय टास्क फोर्स का कहना है कि हमले के कारण औद्योगिक इलाकों में आग लग गई थी, जिसे अब बुझा दिया गया है। इससे पहले यूक्रेन की सेना ने बताया था कि यूक्रेनी बलों ने रात के समय क्रास्नोडार में इल्स्की ऑयल रिफाइनरी पर हमला किया। यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने बताया कि इस जगह पर आग लग गई थी; उन्होंने कहा कि यह रिफाइनरी रूस की युद्ध की कोशिशों में मदद करती है। रूस के स्वतंत्र न्यूज़ आउटलेट एस्ट्रा ने दावा किया कि उसने हमले की जगह का पता लगा लिया है और यह हमला इल्स्की ऑयल रिफाइनरी पर हुआ था। एस्ट्रा के पाठकों ने बताया कि हमला आधी रात के आसपास शुरू हुआ। एस्ट्रा ने लिखा कि स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया ग्रुप्स में धमाकों और एयर डिफेंस सिस्टम की आवाज़ें सुनने और रिफाइनरी में आग लगने की पुष्टि की, लेकिन एयर रेड सायरन बजने की खबर दो घंटे बाद ही सामने आई। एस्ट्रा ने चश्मदीदों के वीडियो फुटेज का विश्लेषण करने के बाद बताया कि आग क्रास्नोडार से 50 किलोमीटर (31 मील) दूर सेवेर्स्की ज़िले के इल्स्की गाँव में स्थित एए शमार इल्स्की ऑयल रिफाइनरी में लगी है।
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क्रास्नोडार क्राई के गवर्नर वेनियामिन कोंद्रात्येव ने हमले की पुष्टि की और कहा कि उसी ज़िले में दो कारोबारों को नुकसान पहुँचा है, लेकिन उन्होंने इसके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी। कोंद्रात्येव ने लिखा सेवेर्स्की ज़िले पर ड्रोन से हमला किया गया। दुख की बात है कि इसमें कुछ लोग हताहत हुए... ड्रोन के मलबे से एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुँचा। ज़िले में दो कारोबारों में भी आग लगने की खबर है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि शुक्रवार रात 8 बजे से शनिवार सुबह 8 बजे के बीच देश भर में 645 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने दावा किया कि शनिवार सुबह उनके शहर ने 20 ड्रोन मार गिराए। इल्स्की रिफाइनरी इलाके में तेल सप्लाई करने वाली एक बड़ी रिफाइनरी है, जिसकी सालाना प्रोसेसिंग क्षमता 6.6 मिलियन टन कच्चा तेल है; इस पर पिछली बार 8 अगस्त को हमला हुआ था। एस्ट्रा ने बताया कि इस रिफाइनरी पर 10 जुलाई, 2 जून, 17 फरवरी, 1 जनवरी और 2023 के बाद कई बार हमले हो चुके हैं।
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यूक्रेन ने दावा किया है कि जुलाई की शुरुआत तक उसने रूस की रिफाइनिंग क्षमता का 43 प्रतिशत हिस्सा बंद कर दिया था। रूसी तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर कीव के हमलों ने देश की रिफाइनिंग और एक्सपोर्ट क्षमता को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके कारण रूस को केवल अगस्त महीने में ही इतना तेल उत्पाद (समुद्र के रास्ते) आयात करना पड़ा, जो 2025 में आयात किए गए कुल तेल उत्पादों की मात्रा का तीन गुना था। साथ ही, खबरों के अनुसार, कुल एक्सपोर्ट और रेवेन्यू में भी क्रमशः 7 प्रतिशत और 8 प्रतिशत की गिरावट आई है।
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