देश भर में दिखने लगा अर्नब तूफान का असर, UP-बिहार सहित 8 राज्यों में मूसलाधार बारिश, सैकड़ों गांवों में बाढ़
अर्नब चक्रवात का असर देश भर में दिखाई देने लगा है. उत्तर प्रदेश, बिहार सहित देश के 8 राज्यों में मूसलाधार बारिश हो रही है. बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम अब दक्षिण छत्तीसगढ़ से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रही है, जिस वजह से राजस्थान-मध्य प्रदेश सहित 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार से लगातार बारिश हो रही है. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रहीं हैं. 32 जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है. शनिवार को 58 जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं. वहीं, लखनऊ, सुल्तानपुर और शामली सहित विभिन्न जिलों की सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेज भी बंद रहेंगे. कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आंधी और बारिश से कार पलट गई है. कार में पांच लोग फंस गए हैं. इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में भी करीब 36 घंटे से बारिश हो रही है. सभी स्कूलों में शनिवार को छुट्टी की गई है.
#WATCH | Jajpur, Odisha: Due to heavy rainfall in the upper catchment under the influence of Cyclone Arnab, the water level of the Baitarani River has risen above the danger mark. A 60-foot breach has reopened at the previosuly repaired breach point along the Kani River, a… pic.twitter.com/7jZjYNK2qS
— ANI (@ANI) September 25, 2026
सुपौल के 50 गांवों में बाढ़
इसके अलावा, बिहार के सुपौल में 50 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गई है. 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई है. उत्तराखंड में चमोली के हेमकुंड साहिब, बद्रीनाथ में बर्फबारी हुई है. पिथौरागढ़-घाट सड़क पर लैंडस्लाइड की वजह से 300 से अधिक गाड़ियां फंस गई हैं.
जानें किस राज्य में कैसा रहेगा मौसम
- रेड अलर्ट- उत्तराखंड, वेस्ट उत्तर प्रदेश, ईस्ट उत्तर प्रदेश
- ऑरेंज अलर्ट- वेस्ट मध्य प्रदेश, ईस्ट मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़
- येलो अलर्ट- हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, दिल्ली, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश
आदि कैलाश यात्रा के लिए जारी नहीं किए जाएंगे परमिट
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड और बर्फबारी के चलते आज आदि कैलाश यात्रा के लिए परमिट जारी नहीं किए जाएंगे. जो यात्री आदि कैलाश की यात्रा पर गए हैं, उन्हें गुंजी में ही रुकने की सलाह दी गई है. वहीं, केदारनाथ धाम में हेली सेवाएं फिलहाल बंद हैं, जबकि पैदल यात्रा सुचारु है. इसके अलावा, उत्तराखंड में बर्फबारी-बारिश के वजह से शनिवार को सात जिलों में स्कूल बंद रहेंगे.
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 55 लोगों का रेस्क्यू
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में लगातार बारिश के बाद शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ गया है. कुम्हारी क्षेत्र में बाढ़ का पानी रिहायशी बस्तियों तक पहुंच जाने के कारण कई परिवार फंस गए थे. नगर सेना (होमगार्ड) और एसडीआरएफ (SDRF) ने रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक चले राहत और बचाव अभियान के दौरान 50 से 55 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है.
डब्ल्यूएचओ महामारी समझौते पर भारत का जोर, पैथोजन तक निष्पक्ष पहुंच और लाभ साझा करने की मांग की
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। न्यूयॉर्क में महामारी की रोकथाम और उससे निपटने के तरीकों पर हुई संयुक्त राष्ट्र की एक उच्च-स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने डब्ल्यूएचओ महामारी समझौते के तहत पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग (पीएबीएस) की निष्पक्ष प्रणाली की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जो देश पैथोजन (बीमारी फैलाने वाले कीटाणु) और बायोलॉजिकल संसाधन उपलब्ध कराते हैं, उन्हें वैक्सीन, डायग्नोस्टिक्स, इलाज के तरीकों, टेक्नोलॉजी और दूसरे फायदों तक समय पर पहुंच मिलनी चाहिए।
श्रीवास्तव ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए ग्लोबल हेल्थ सिक्योरिटी को मजबूत करने के भारत के संकल्प को दोहराया और इस बात पर जोर दिया कि कोविड-19 महामारी से मिले सबक को लगातार निवेश, संस्थागत क्षमता और मजबूत हेल्थ सिस्टम में बदला जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशें राष्ट्रीय हेल्थ सिस्टम, विकास योजनाओं और घरेलू फंडिंग पर आधारित होनी चाहिए, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मदद राष्ट्रीय जिम्मेदारी में सहायक हो।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, श्रीवास्तव ने महामारी की रोकथाम और उससे निपटने के लिए सरकार और समाज के स्तर पर भारत के समन्वित दृष्टिकोण के बारे में बताया, जिसमें कई तरह की संभावित स्वास्थ्य आपात स्थिति में शामिल हैं।
उन्होंने लैब नेटवर्क, आपातकालीन समन्वय, हेल्थ वर्कफोर्स, स्टॉक और क्लिनिकल देखभाल क्षमता को बढ़ाने के देश के प्रयासों का जिक्र किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सिस्टम स्वास्थ्य आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार हैं।
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के अनुभव के आधार पर, श्रीवास्तव ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्लोबल पब्लिक गुड (वैश्विक सार्वजनिक भलाई) के रूप में मान्यता देने का आह्वान किया।
उन्होंने महामारी के दौरान निगरानी, टीकाकरण, जोखिम संचार, सप्लाई चेन और स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने में डिजिटल समाधानों की भूमिका पर जोर दिया।
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने लगभग 100 देशों और दो यूएन संस्थाओं को 30 करोड़ वैक्सीन डोज की आपूर्ति की और 150 से ज्यादा देशों को चिकित्सा सहायता प्रदान की, जो एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के सिद्धांत और ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने कोविड-19 के बाद से ग्लोबल हेल्थ सिक्योरिटी ढांचे को मजबूत करने में हुई प्रगति का जिक्र किया, जिसमें डब्ल्यूएचओ महामारी समझौता और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों में संशोधन शामिल हैं।
उन्होंने पीएबीएस सिस्टम पर बातचीत को जल्द पूरा करने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि देरी से भविष्य की महामारियों से निपटने की दुनिया की क्षमता पर असर पड़ सकता है।
--आईएएनएस
एससीएच/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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