Winter Health Tips: सर्दी से बचने के लिए महंगे स्वेटर-जैकेट खरीदना काफी नहीं! इन तरीकों से भगाए ठंड, शरीर रहेगा गर्म
Winter Health Tips: सर्दियों के मौसम में अपने शरीर को गर्म रखने के लिए शरीर को गर्माहट देने के लिए हमें कुछ घरेलू तरीकों को अपनाने की जरूरत होती है. कोई भी मौसम हो, जब बदलता है तो उसका असर हमारे शरीर पर सबसे पहले दिखता है. ठंड में ज्यादा सुस्ती, नींद और बार-बार बीमार पड़ना एक आम समस्या है. ऐसे में शरीर को अंदरूनी गर्माहट देना जरूरी होता है. चलिए हम आपको कुछ आसान तरीके बताते हैं.
सर्दी से बचना क्यों जरूरी?
सर्दियों के मौसम में अपने शरीर का खास ख्याल रखना होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि अंदर और बाहर दोनों जगह वातावरण ठंडा होता है. इस सीजन में हमें गर्म कपड़ों को पहनने का सही तरीका जानना जरूरी होता है क्योंकि कई बार हम महंगे कपड़े तो ले लेते हैं लेकिन फिर भी खुद को ठंड से बचा नहीं पाते हैं. सर्दी से बचना इसलिए जरूरी है ताकि आप बीमार न पड़े और किसी गंभीर समस्या से बच सकें.
ये भी पढ़ें- क्या मीठे ड्रिंक्स पुरुषों में बाल झड़ने का बढ़ाते हैं खतरा? डॉक्टर से जानें बचाव का तरीका
अपनाएं ये तरीके
सिर्फ स्वेटर पहनना काफी नहीं
जी हां, इस कड़ाके की ठंड में सिर्फ स्वेटर पहनकर शरीर को गर्माहट नहीं दी जा सकती है. आपको इस मौसम में स्वेटर के साथ जैकेट, कान ढकने के लिए टोपी, शॉल और मफलर से गर्दन को ढकना चाहिए. साथ ही, दस्ताने और गर्म मोज़े पहनें.
कंबल-रजाई का सही इस्तेमाल
अक्सर, लोग सर्दियों के मौसम में कंबल और रजाई का इस्तेमाल सिर्फ सोते समय करते हैं जबकि आपको एक पतला कंबल रखना चाहिए. इसे आप घर में बाकी समय पर ओढ़े रखें. मोटी रजाई को रात में सोते समय ओढ़े. पतला कंबल घर के अंदर भी आपको गर्माहट देगा और शरीर में अकड़न नहीं आएगी.
धूप भी जरूरी
हालांकि, सर्दियों के मौसम में कई बार हफ्तों तक धूप नहीं खिलती है. मगर जब भी धूप आए तो आपको उस समय जरूर धूप लेनी चाहिए. धूप से शरीर को प्राकृतिक रूप से गर्माहट मिलती है. इससे हड्डियों और जोड़ों में दर्द की समस्या भी नहीं होती है. धूप सर्दियों में आलस को भी कम करता है.
व्यायाम जरूरी
अगर सर्दियों में शरीर को गर्म रखना चाहते हैं तो शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सही होना जरूरी है. इसके लिए शारीरिक व्यायाम करना चाहिए. ठंड में आपको रोजाना थोड़ी देर के लिए टहलने और एक्सरसाइज करनी चाहिए. इससे मसल्स एक्टिव रहती है.
ये भी पढ़ें- Brain Stroke Symptoms: सिर्फ फ्लू नहीं सर्दियों में बढ़ जाता है स्ट्रोक का खतरा, इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज
आयुर्वेद का शक्तिशाली त्रिवेणी संयोजन, जो रखे आपकी मेंटल हेल्थ का ख्याल
नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। आजकल हम सब अपने मेंटल हेल्थ को लेकर काफी परेशान रहते हैं। कभी ओवरथिंकिंग, कभी बेचैनी, कभी याददाश्त कमजोर लगना जैसी छोटी-छोटी चीजें हमारे रोजमर्रा के काम और मूड को प्रभावित कर देती हैं। आयुर्वेद में इसे अलग नजरिए से देखा जाता है और इसके लिए एक खास त्रिवेणी संयोजन भी बताया गया है।
आयुर्वेद में दिमाग को सिर्फ सोचने का अंग नहीं माना गया, बल्कि इसे मन, बुद्धि और स्मृति का केंद्र माना गया है। जब इन सब में असंतुलन आता है, तो दिमाग का काम ठीक से नहीं होता। ऐसे में आयुर्वेद का एक खास त्रिवेणी संयोजन, यानी वचा, ब्राह्मी और शंखपुष्पी काम आता है।
वचा दिमाग के रास्ते को साफ करती है। यह जड़ता और सुस्ती को दूर करने में मदद करती है, जिससे हम थोड़ा जागरूक और चुस्त महसूस करते हैं। ब्राह्मी पूरी तरह से पोषण और शक्ति देती है। इसका असर धीरे-धीरे होता है, लेकिन लंबे समय तक दिमाग को मजबूत बनाता है। शंखपुष्पी मन को शांति देती है। जब बेचैनी या नींद में खलल हो, तो यह उसे संतुलित कर देती है। तीनों मिलकर ऐसा संतुलन बनाते हैं कि दिमाग तेज भी रहता है और शांत भी।
इनको एक साथ लेना जरूरी है, लेकिन सही समय और सही मात्रा में। उदाहरण के लिए, सुबह वचा कम मात्रा में लेना चाहिए और ब्राह्मी और शंखपुष्पी शाम या रात को। ऐसा करने से यह संयोजन दिमाग को उत्तेजित या शांत करने की बजाय सही तरीके से संतुलित करता है। इससे फोकस बढ़ता है, स्मृति मजबूत होती है और मन हल्का महसूस करता है।
अगर आप मानसिक दबाव, पढ़ाई, काम या बस रोजमर्रा की बेचैनी से परेशान हैं, तो यह संयोजन बहुत मददगार साबित हो सकता है। लेकिन, ध्यान रखें, किसी भी आयुर्वेदिक दवा की तरह इसे भी सही मात्रा, सही व्यक्ति और सही समय के अनुसार ही लेना चाहिए। ब्लड प्रेशर, थायरॉयड या अन्य दवाइयां चल रही हों तो पहले वैद्य से सलाह लेना जरूरी है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका दिमाग तेज भी रहे और मन शांत भी, तो वचा, ब्राह्मी और शंखपुष्पी का यह आयुर्वेदिक त्रिवेणी संयोजन आजमा सकते हैं। यह सिर्फ दिमाग की क्षमता बढ़ाने वाला नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और शांति देने वाला भी है। सही मात्रा और सही समय के साथ इसे अपनाकर आप अपने दिमाग का पूरा ख्याल रख सकते हैं।
--आईएएनएस
पीआईएम/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation




















