बैंकॉक में रिकॉर्ड बारिश, 50 जिलों को घोषित किया गया आपदा क्षेत्र
बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सिट्टीपुंट ने लगभग 48 घंटे की लगातार बारिश के कारण बड़े पैमाने पर बाढ़ और ट्रैफ़िक में रुकावट आने के बाद सभी 50 ज़िलों को आपदा-प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया है.
राजधानी में लगभग 30 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी जमा हो गया; मिन बुरी में बारिश 274.5 मिमी और ख्लोंग सैम वा में 273 मिमी दर्ज की गई. नोंथाबुरी और पथम थानी से भी अतिरिक्त पानी बैंकॉक में आया.
अधिकारी 1,200 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड की संयुक्त क्षमता वाले पंप चला रहे हैं और दस लाख रेत की बोरियाँ बाँट रहे हैं. बैंकॉक के जिन स्कूलों पर बाढ़ का असर नहीं पड़ा है, उन्हें अस्थायी आश्रय स्थल के तौर पर खोला जा रहा है, जबकि बिस्तर पर पड़े मरीज़ों समेत कमज़ोर निवासियों की मदद को प्राथमिकता दी जा रही है.
अधिकारियों ने बताया कि मुख्य नहरों में जलस्तर स्थिर होने लगा है और अगर और बारिश नहीं हुई तो छह घंटे के भीतर स्थिति में सुधार हो सकता है. निवासियों को घर पर रहने और बाढ़ प्रभावित सड़कों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है, खासकर रामखमहेंग, न्यू पेटचाबुरी, एक्कामाई, सेना निकोम 1, किंग काएओ और लैट क्राबांग इलाकों में.
टूटी सड़कों को लेकर सीएम योगी की सख्ती, गड्डामुक्त होंगे यूपी के रोड; कल लेंगे हिसाब
UP News: उत्तर प्रदेश में टूटी और जर्जर सड़कों को लेकर सीएम योगी बेहद सख्त नजर आ रहे हैं. इसके लिए सीएम योगी कल यानी रविवार (27 सितंबर) को लोक निर्माण विभाग (PWD) की समीक्षा बैठक बुलाई है. इस बैठक में सीएम योगी पीडब्ल्यूडी के कामों का हिसाब-किताब करेंगे. जिसे देखते हुए प्रमुख सचिव अजय चौहान ने सभी चीफ इंजीनियरों को तैयारी के साथ बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए हैं.
बता दें कि इस बैठक के दौरान सीएम योगी बारिश के चलते टूटी सड़कों की मरम्मत, उन्हें गड्ढामुक्त किए जाने, वित्तीय वर्ष 2023-24 से पहले स्वीकृत 50 करोड़ से अधिक के अधूरे कामों को पूरा करने के लिए रिवाइज्ड एक्शन प्लान, वित्तीय वर्ष 2027-28 के नए कामों का एक्शन प्लान और 2026-27 के तहत अलॉट किए रुपयों और खर्च की समीक्षा करेंगे.
दोपहर 12 बजे होगा समीक्षा बैठक का आयोजन
इस समीक्षा बैठके लिए लोक निर्माण विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. विभाग के प्रमुख सचिव के निर्देश पर प्रदेश के सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं को जरूरी सूचनाओं के साथ बैठक में शामिल होने को कहा गया है. ये बैठक दोपहर 12 बजे से आयोजित होगी. इसमें जीएसटी से संबंधित जानकारी के साथ अतिरिक्त बिटुमिन की आवश्यकता से जुड़ी रिपोर्ट भी पेश की जाएगी.
समीक्षा बैठक को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के कार्यालय शनिवार और रविवार को भी सामान्य रूप से संचालित होंगे. प्रमुख अभियंता कार्यालय के अलावा सभी क्षेत्रीय, वृत्तीय और खंडीय कार्यालय खुले रहेंगे. विभागाध्यक्ष एवं प्रमुख अभियंता एके द्विवेदी के अनुसार मुख्य अभियंता मुख्यालय-1, सेतु और भवन से जुड़े कार्यालयों में भी नियमित दिनों की तरह कामकाज जारी रहेगा.
कानपुर में सड़कों की खराब स्थिति पर पीडब्ल्यूडी से जवाब तलब
इस बीच कानपुर में जर्जर सड़कों को लेकर नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया है. शुक्रवार को हुई बैठक में महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि शहर की कई प्रमुख क्षतिग्रस्त सड़कें पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र में आती हैं. बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय सहित जलकल, पीडब्ल्यूडी, केस्को और मेट्रो के अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ सड़क मरम्मत का काम पूरा कराएं. इसके लिए 10 अक्तूबर तक शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है.
सड़कों की मरम्मत और खुदाई के बाद बहाली पर चर्चा
मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान शहर की प्रमुख सड़कों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई. इस दौरान उन स्थानों पर भी चर्चा हुई, जहां पाइपलाइन, बिजली की लाइन या अन्य विकास कार्यों के लिए सड़कें खोदी गईं, लेकिन काम पूरा होने के बाद उनकी उचित मरम्मत नहीं हुई. महापौर ने कहा कि सड़क खराब होने का असर सीधे आम लोगों की आवाजाही पर पड़ रहा है. उन्होंने संबंधित विभागों से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत जल्द कराने के निर्देश दिए. साथ ही कहा कि जिन स्थानों पर तत्काल काम की जरूरत है, वहां किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए.
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त्योहारों से पहले काम पूरा करने पर जोर
बैठक में सड़क मरम्मत की प्रगति और काम पूरा होने में आ रही अड़चनों की जानकारी भी ली गई. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए सड़क सुधार के काम में तेजी लाई जाए. यह भी तय किया गया कि एक विभाग द्वारा सड़क तैयार किए जाने के बाद दूसरे विभाग की ओर से की जाने वाली खुदाई से सड़क दोबारा खराब न हो. इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया.
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