UNGA के इतर S Jaishankar ने Russia और Iran के विदेश मंत्रियों से की अहम वार्ता
(योषिता सिंह) न्यूयॉर्क, 26 सितंबर रूस और ईरान से तेल एवं गैस खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध से संबंधित एक नए कानून पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के कुछ दिन बाद भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र के इतर रूस और ईरान के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान और रूस के अपने समकक्षों से मुलाकात की। इन बैठकों में द्विपक्षीय मुद्दों, ब्रिक्स समूह में सहयोग और खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात कर द्विपक्षीय मुद्दों और ब्रिक्स समूह में सहयोग पर चर्चा की। जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ आज अच्छी बैठक हुई। कई मौजूदा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
हमने द्विपक्षीय और ब्रिक्स सहयोग की भी समीक्षा की।’’ ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। भारत ने इस महीने की शुरुआत में ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी, जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी भाग लिया था। रूस के विदेश मंत्रालय ने जयशंकर और लावरोव की द्विपक्षीय बैठक के बारे में जारी बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने ‘‘रूस-भारत सहयोग से जुड़े प्रमुख मुद्दों, द्विपक्षीय संपर्कों के आगामी कार्यक्रम और यूक्रेन संकट तथा पश्चिम एशिया की स्थिति समेत मौजूदा क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों’’ पर चर्चा की।
दोनों नेताओं ने ‘‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’’ को और मजबूत करने के प्रयास जारी रखने तथा संयुक्त राष्ट्र, जी20, ब्रिक्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय समूहों में करीबी समन्वय बनाए रखने की इच्छा जताई। जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र से इतर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से भी शुक्रवार को मुलाकात की। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत हुई।
हमने खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष से जुड़े ताजा घटनाक्रम पर चर्चा की। हम संपर्क में बने रहेंगे।’’ ट्रंप ने पिछले सप्ताह ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पर हस्ताक्षर किए थे। यह कानून रूस पर वैधानिक प्रतिबंधों, शुल्क और पाबंदियों को लागू करने एवं उनका दायरा बढ़ाने की अनुमति देता है और ईरान पर मौजूदा प्रतिबंधों का विस्तार करता है।
अमेरिका के रूस संबंधी प्रतिबंध कानून पर भारत ने कहा है कि वह अपने 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वह विभिन्न स्रोतों से ऊर्जा खरीदने की नीति के जरिये ऐसा करना जारी रखेगा। यह कानून ट्रंप को रूस पर प्रतिबंध लगाने और तेल एवं गैस क्षेत्र में भारत तथा चीन जैसे उसके व्यापारिक साझेदारों पर भारी शुल्क लगाने का अधिकार देता है। संयुक्त राष्ट्र में अपनी बैठकों के क्रम में जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर न्यूयॉर्क में भारत-खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ‘ट्रोइका’ मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भी की।
उन्होंने भारत-जीसीसी संयुक्त कार्ययोजना 2024-28 की प्रगति की समीक्षा की और साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। भारत ने भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू होने का स्वागत किया। जयशंकर ने कहा, ‘‘इस वार्ता से व्यापार, निवेश, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, नयी प्रौद्योगिकियों, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद है।
भारतीय समुदाय को दिए गए सहयोग के लिए जीसीसी नेतृत्व का आभार जताया।’’ भारत ने नौवहन की स्वतंत्रता तथा नाविकों और वाणिज्यिक पोतों की सुरक्षा को लेकर अपनी मजबूत प्रतिबद्धता भी दोहराई। जयशंकर ने यूनान के विदेश मंत्री जॉर्ज गेरापेट्रिटिस के साथ ‘‘अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के संदर्भ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा पर जोर’’ विषयक एक कार्यक्रम की सह-अध्यक्षता भी की। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा कि उन्होंने एआई से मिलने वाली संभावनाओं का उपयोग करने, उसके परिणामों का पहले से आकलन करने और उससे जुड़े जोखिमों को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए ऐसा दृष्टिकोण जरूरी है जो नवोन्मेष को बढ़ावा दे, लेकिन साथ ही सुरक्षा पर पड़ने वाले उसके प्रभावों को लेकर भी सचेत रहे।’’ जयशंकर ने कहा कि नयी दिल्ली घोषणा में एआई संसाधनों तक लोकतांत्रिक पहुंच, सुरक्षित और भरोसेमंद प्रणालियां विकसित करने, मानव क्षमताओं में निवेश तथा आर्थिक विकास एवं सामाजिक कल्याण के लिए एआई के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि एआई, समुद्री क्षेत्र में गतिविधियों की निगरानी और जानकारी जुटाने की क्षमता, खोज एवं बचाव अभियानों, आपदा प्रतिक्रिया, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तथा बंदरगाहों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा एवं मजबूती बढ़ाने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही एआई का इस्तेमाल उन्नत निगरानी करने, कमजोरियों की पहचान करने और जहाजों, संचार नेटवर्क तथा समुद्र के नीचे स्थित बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले साइबर अभियानों के लिए भी किया जा सकता है।
जयशंकर ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में देशों के आचरण को नियंत्रित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर और समुद्री कानून समेत अंतरराष्ट्रीय कानून महत्वपूर्ण ढांचा बने हुए हैं। जयशंकर ने कहा, ‘‘इन सिद्धांतों के अनुरूप एआई का विकास और इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए अधिक पारदर्शिता, विश्वास बहाली, क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग और सर्वोत्तम तौर-तरीकों का आदान-प्रदान जरूरी है।
Chhattisgarh Heavy Rainfall | छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात के बीच स्कूलों में छुट्टी का ऐलान, जानें कब फिर से खुलेंगे स्कूल
छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश और नदियों-नालों के उफान पर होने के कारण उपजे बाढ़ जैसे हालात के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए शनिवार को प्रदेश के सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इसकी जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि स्थिति सामान्य होने और बाढ़ का प्रभाव कम होने के बाद ही नियमित कक्षाएं दोबारा शुरू की जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो सकता है, नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ सकता है और आवागमन में दिक्कतें आ सकती हैं। यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि बच्चों को किसी भी तरह के जोखिम का सामना न करना पड़े।
CM ने अधिकारियों को बचाव कार्य करने के निर्देश दिए
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने ज़िला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ और जलभराव को देखते हुए पूरी सतर्कता के साथ राहत और बचाव कार्य करें। इसमें बस्तर संभाग भी शामिल है, जिसमें सात ज़िले आते हैं।
रिलीज़ में साय के हवाले से कहा गया, "प्रभावित इलाकों में ज़रूरतमंद लोगों को मदद पहुंचाने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, प्रशासन को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।"
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्थिति पर नज़र रखने का भी निर्देश दिया, जिसमें निचले इलाकों और नदियों व नालों के पास बसे गांवों और बस्तियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाके जलमग्न हो गए, नदियों का जलस्तर बढ़ गया और बस्तर क्षेत्र में दूर-दराज़ की बस्तियां कट गईं।
इस बीच, उन्होंने राहत और बचाव टीमों को ज़रूरी संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा और ज़िला प्रशासन, पुलिस, शहरी स्थानीय निकायों, पंचायतों और अन्य विभागों को आपसी तालमेल से काम करने का निर्देश दिया ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ज़रूरत के हिसाब से सुरक्षित आश्रय, भोजन, पीने का पानी, दवाएं और अन्य ज़रूरी सुविधाएं उपलब्ध हों।
कोंडागांव ज़िले में भारी बारिश से एक व्यक्ति की मौत
अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण कोंडागांव ज़िले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। शुक्रवार को पानी से भरे धान के खेत में मछली पकड़ते समय 40 साल का एक किसान पानी से भरे नाले में गिरकर डूब गया।
गौरतलब है कि 1 जून से 25 सितंबर के बीच राज्य में औसतन 1,082.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 10 साल के मौसमी औसत (1,081.5 मिमी) का 100.1 प्रतिशत है। अकेले पिछले 24 घंटों में राज्य में औसतन 52.8 मिमी बारिश हुई।
बलरामपुर में सबसे ज़्यादा बारिश
IMD ने बताया कि बलरामपुर में मौसमी औसत के मुकाबले सबसे ज़्यादा बारिश (169.4 प्रतिशत या 1,527.7 मिमी) दर्ज की गई, जबकि नारायणपुर में सबसे ज़्यादा कुल बारिश (1,600.4 मिमी) दर्ज की गई।
हालांकि, कुछ ज़िलों में सामान्य से कम बारिश हुई, जैसे सरगुजा में 606.6 मिमी (75.5 प्रतिशत), जशपुर में 828.7 मिमी (79.7 प्रतिशत), कबीरधाम में 672 मिमी (82.2 प्रतिशत), बेमेतरा में 597.1 मिमी (74.5 प्रतिशत) और कांकेर में 1,110.7 मिमी (75.9 प्रतिशत) बारिश दर्ज की गई। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सामान्य बारिश का 74.7 प्रतिशत और बीजापुर में 78.7 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई। बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोरबा, जांजगीर-चांपा, दुर्ग और राजनांदगांव में बारिश सामान्य के करीब रही।
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