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बंगाल में राजनीतिक उलटफेर: जब ममता बनर्जी ने माकपा नेता को अचानक मिलाया फोन, जानें इनसाइड स्टोरी

पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी और माकपा के बीच नज़दीकियां बढ़ी हैं. ममता ने माकपा नेता एम.ए. बेबी से फोन पर बात कर विपक्षी एकता पर चर्चा की.

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UNGA के इतर S Jaishankar ने Russia और Iran के विदेश मंत्रियों से की अहम वार्ता

(योषिता सिंह) न्यूयॉर्क, 26 सितंबर रूस और ईरान से तेल एवं गैस खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध से संबंधित एक नए कानून पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के कुछ दिन बाद भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र के इतर रूस और ईरान के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान और रूस के अपने समकक्षों से मुलाकात की। इन बैठकों में द्विपक्षीय मुद्दों, ब्रिक्स समूह में सहयोग और खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात कर द्विपक्षीय मुद्दों और ब्रिक्स समूह में सहयोग पर चर्चा की। जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ आज अच्छी बैठक हुई। कई मौजूदा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

हमने द्विपक्षीय और ब्रिक्स सहयोग की भी समीक्षा की।’’ ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। भारत ने इस महीने की शुरुआत में ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी, जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी भाग लिया था। रूस के विदेश मंत्रालय ने जयशंकर और लावरोव की द्विपक्षीय बैठक के बारे में जारी बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने ‘‘रूस-भारत सहयोग से जुड़े प्रमुख मुद्दों, द्विपक्षीय संपर्कों के आगामी कार्यक्रम और यूक्रेन संकट तथा पश्चिम एशिया की स्थिति समेत मौजूदा क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों’’ पर चर्चा की।

दोनों नेताओं ने ‘‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’’ को और मजबूत करने के प्रयास जारी रखने तथा संयुक्त राष्ट्र, जी20, ब्रिक्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय समूहों में करीबी समन्वय बनाए रखने की इच्छा जताई। जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र से इतर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से भी शुक्रवार को मुलाकात की। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत हुई।

हमने खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष से जुड़े ताजा घटनाक्रम पर चर्चा की। हम संपर्क में बने रहेंगे।’’ ट्रंप ने पिछले सप्ताह ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पर हस्ताक्षर किए थे। यह कानून रूस पर वैधानिक प्रतिबंधों, शुल्क और पाबंदियों को लागू करने एवं उनका दायरा बढ़ाने की अनुमति देता है और ईरान पर मौजूदा प्रतिबंधों का विस्तार करता है।

अमेरिका के रूस संबंधी प्रतिबंध कानून पर भारत ने कहा है कि वह अपने 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वह विभिन्न स्रोतों से ऊर्जा खरीदने की नीति के जरिये ऐसा करना जारी रखेगा। यह कानून ट्रंप को रूस पर प्रतिबंध लगाने और तेल एवं गैस क्षेत्र में भारत तथा चीन जैसे उसके व्यापारिक साझेदारों पर भारी शुल्क लगाने का अधिकार देता है। संयुक्त राष्ट्र में अपनी बैठकों के क्रम में जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर न्यूयॉर्क में भारत-खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ‘ट्रोइका’ मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भी की।

उन्होंने भारत-जीसीसी संयुक्त कार्ययोजना 2024-28 की प्रगति की समीक्षा की और साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। भारत ने भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू होने का स्वागत किया। जयशंकर ने कहा, ‘‘इस वार्ता से व्यापार, निवेश, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, नयी प्रौद्योगिकियों, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद है।

भारतीय समुदाय को दिए गए सहयोग के लिए जीसीसी नेतृत्व का आभार जताया।’’ भारत ने नौवहन की स्वतंत्रता तथा नाविकों और वाणिज्यिक पोतों की सुरक्षा को लेकर अपनी मजबूत प्रतिबद्धता भी दोहराई। जयशंकर ने यूनान के विदेश मंत्री जॉर्ज गेरापेट्रिटिस के साथ ‘‘अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के संदर्भ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा पर जोर’’ विषयक एक कार्यक्रम की सह-अध्यक्षता भी की। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा कि उन्होंने एआई से मिलने वाली संभावनाओं का उपयोग करने, उसके परिणामों का पहले से आकलन करने और उससे जुड़े जोखिमों को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए ऐसा दृष्टिकोण जरूरी है जो नवोन्मेष को बढ़ावा दे, लेकिन साथ ही सुरक्षा पर पड़ने वाले उसके प्रभावों को लेकर भी सचेत रहे।’’ जयशंकर ने कहा कि नयी दिल्ली घोषणा में एआई संसाधनों तक लोकतांत्रिक पहुंच, सुरक्षित और भरोसेमंद प्रणालियां विकसित करने, मानव क्षमताओं में निवेश तथा आर्थिक विकास एवं सामाजिक कल्याण के लिए एआई के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि एआई, समुद्री क्षेत्र में गतिविधियों की निगरानी और जानकारी जुटाने की क्षमता, खोज एवं बचाव अभियानों, आपदा प्रतिक्रिया, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तथा बंदरगाहों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा एवं मजबूती बढ़ाने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही एआई का इस्तेमाल उन्नत निगरानी करने, कमजोरियों की पहचान करने और जहाजों, संचार नेटवर्क तथा समुद्र के नीचे स्थित बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले साइबर अभियानों के लिए भी किया जा सकता है।

जयशंकर ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में देशों के आचरण को नियंत्रित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर और समुद्री कानून समेत अंतरराष्ट्रीय कानून महत्वपूर्ण ढांचा बने हुए हैं। जयशंकर ने कहा, ‘‘इन सिद्धांतों के अनुरूप एआई का विकास और इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए अधिक पारदर्शिता, विश्वास बहाली, क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग और सर्वोत्तम तौर-तरीकों का आदान-प्रदान जरूरी है।

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  Sports

'2027 वनडे वर्ल्ड कप मेरा आखिरी होगा, ट्रॉफी जीतने के लिए सब कुछ न्योछावर कर दूंगा', विराट कोहली का बड़ा ऐलान

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने अपने भविष्य के इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। दक्षिण अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में आयोजित होने वाला 2027 वनडे वर्ल्ड कप भारतीय जर्सी में उनका आखिरी विश्व कप होगा। तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज़ से पहले कोहली ने साफ कर दिया कि उनका एकमात्र लक्ष्य भारत को विश्व विजेता बनाना है, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी हद तक जाना पड़े।

कोहली ने तीन मैचों की सीरीज़ से पहले JioStar से कहा, "मेरे लिए, यह भारत के लिए खेलने वाला आखिरी वर्ल्ड कप होगा। और यही मेरी प्रेरणा है। जैसे, आप जानते हैं, अपना सब कुछ झोंक देना। और ज़ाहिर है, लक्ष्य तो वर्ल्ड कप जीतना ही है। और इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं पूरी तरह तैयार हूँ।" अक्टूबर और नवंबर में दक्षिण अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित होने वाला 2027 वर्ल्ड कप, कोहली का चौथा वनडे वर्ल्ड कप होगा।

37 वर्षीय खिलाड़ी की ये बातें एक ऐसे वनडे साइकल की शुरुआत में आई हैं जिसमें हर मैच का महत्व बढ़ जाता है। भारत ने वेस्टइंडीज़ सीरीज़ के लिए अपनी टीम में कोहली और रोहित शर्मा को शामिल किया है, जबकि शुभमन गिल कप्तान बने रहेंगे क्योंकि टीम 2027 के टूर्नामेंट की तैयारी शुरू कर रही है।

2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से, उन्होंने 12 वनडे मैचों में 76 की औसत से 760 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। 2025 की शुरुआत से, उनके नाम 64.68 की औसत से 1,035 रन हैं, जबकि उनके पिछले 10 वनडे मैचों में तीन शतक और सात बार पचास या उससे ज़्यादा रन बनाए हैं।

उम्मीदों की चिंता नहीं करेंगे
ये आंकड़े उनके खेलने के तरीके में आए एक साफ़ बदलाव के साथ आए हैं। कोहली ने कहा, "सबसे पहले तो बदलाव यह आया है कि मैंने खुद से वादा किया है कि मैं अब और खुलकर खेलूंगा। मैं लोगों की उम्मीदों की चिंता नहीं करूंगा। लंबे समय तक मेरा रोल पारी को संभालने और स्थिरता लाने का रहा है।"

यह आज़ादी पिछले कुछ IPL सीज़न में साफ़ दिखी है, जहाँ कोहली पहले के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा तेज़ी से रन बना रहे हैं। IPL 2026 में, उन्होंने 16 मैचों में 165.85 के स्ट्राइक रेट से 675 रन बनाए। उन्होंने अपनी सबसे तेज़ IPL फ़िफ़्टी भी लगाई और RCB को टाइटल बचाने में मदद की।

ओपनिंग बैटर के तौर पर खेलने से कोहली को रिस्क लेने की हिम्मत मिली; अब वह आउट होने को अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में नाकामी नहीं मानते। उनका कहना है कि उन्होंने यह सीख अपने ODI क्रिकेट में भी अपनाई है। इसका मतलब ज़िम्मेदारी छोड़ना नहीं है। बल्कि, कोहली अपने अनुभव का इस्तेमाल करके क्रीज़ पर जमने के बाद ज़्यादा से ज़्यादा असरदार खेलना चाहते हैं।

"मैं खेल में फ़र्क लाने की कोशिश कर रहा हूँ, ताकि 30-40 रन ज़्यादा बन सकें। मैं ऐसी सोच के साथ खेलना चाहता हूँ कि अगर मैं रिस्क नहीं ले रहा हूँ, तो इसलिए नहीं कि मैं डर रहा हूँ, बल्कि इसलिए कि मैं खुद को ऐसी स्थिति में ला रहा हूँ जहाँ मैं कह सकूँ - ठीक है, अब तेज़ी से रन बनाने का समय आ गया है।"

कोहली का मानना ​​है कि यह सोच ODI गेम में बहुत काम आ सकती है, जहाँ आजकल बहुत ज़्यादा रन बन रहे हैं।

"खेल का मिज़ाज बदल रहा है। खासकर जब हालात तेज़ और अच्छे हों, और दूसरी टीमें आपको 340-350 रन बनाने के लिए मजबूर कर रही हों, तो हमें भी 350-360 रन बनाने में सक्षम होना चाहिए। अब मैं रिस्क लेने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ क्योंकि मुझे पता है कि अगर मैं उस समय रन बना लूँ, तो हम आसानी से 350-360 तक पहुँच जाएँगे। और अगर मैं ऐसा कर पाता हूँ और ज़्यादा देर तक क्रीज़ पर टिकता हूँ, तो आखिर में और भी तेज़ी से रन बना सकता हूँ।"

कोहली के लिए यह बदलाव जितना टेक्निकल था, उतना ही मानसिक भी। "मुझे अपने मन में उस आज़ादी को थोड़ा महसूस करना था। इससे मुझे IPL में भी मदद मिली। मैं उसी आज़ादी के साथ खेल पाया क्योंकि मैं यह नहीं सोच रहा था कि अगर मैं आउट हो गया, तो हमारे लिए स्थिति मुश्किल हो सकती है।"

उनका कहना है कि यह आज़ादी उन्हें अपने आस-पास के लोगों पर भरोसा करने से मिलती है। "मुझे भरोसा है कि मेरे आस-पास दूसरे खिलाड़ी भी हैं जो बहुत अच्छे हैं और स्थिति को संभाल लेंगे। मुझे खुलकर खेलना है और लगातार ऐसा करने का तरीका खोजना है। मेरे करियर के इस पड़ाव पर यह रोमांचक भी है।"

अब, जब 2027 वर्ल्ड कप में 14 महीने से भी कम समय बचा है, कोहली की नज़रें एक आखिरी अभियान पर हैं - और उन्हें साफ़ पता है कि वह इसे किस तरह से खेलना चाहते हैं।

Sat, 26 Sep 2026 16:05:00 +0530

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