'बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा और नमाज एक साथ', भोजशाला मामले पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
Supreme court: मध्य प्रदेश के धार जिले के भोजशाला में बसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजा करने के लिए दायर की गई याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने इस अवसर पर सरस्वती पूजा और नमाज दोनों का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बसंत पंचमी के अवसर पर भोजशाला में सरस्वती पूजा और नमाज दोनों होंगी. सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी के दिन विवादित भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को प्रार्थना करने की अनुमति दी है. इसके साथ ही दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज का वक्त भी तय किया है.
जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मध्य प्रदेश के धार जिले के ऐतिहासिक भोजशाला में बसंत पंचमी के अवसर पर सिर्फ हिंदुओं को मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की अनुमति देने के लिए हिंदू पक्ष ने याचिका दायर की थी. इसके साथ ही हिंदू पक्ष ने अपनी याचिका में इस अवसर मुस्लिम समुदाय को नमाज अदा करने से रोकरने की मांग की थी. बता दें कि इस बार बसंत पंचमी का त्योहार शुक्रवार यानी 23 जनवरी को है. ऐसे में हिंदू पक्ष भोजशाला में मां सरस्वती की पूजा करता है. जबकि मुस्लिम समुदाय के लोग जुमा की नमाज अदा करते हैं.
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