चीन के रूट से हट रहे इंटरनेट केबल:अब ये हिंद महासागर में बिछ रहे, भारत को फायदा; दुनिया का 99% डेटा समुद्र के नीचे चलता है
दुनिया भर में इंटरनेट का 99% डेटा समुद्र के नीचे बिछे केबलों के जरिए चलता है। पिछले दस सालों तक चीन के पास मौजूद दक्षिण चीन सागर और लाल सागर इसके मुख्य रास्ते थे। लेकिन युद्ध, तनाव और लालफीताशाही के कारण अब कंपनियां इन रास्तों से बच रही हैं। नए इंटरनेट केबल सीधे हिंद महासागर से बिछाए जा रहे हैं, ताकि एआई जैसी सेवाओं के लिए बिना रुकावट तेज इंटरनेट मिल सके। इस बड़े बदलाव से भारत को बड़ा फायदा हो रहा है और मुंबई के बाद अब चेन्नई भी दुनिया का नया बड़ा इंटरनेट हब बन रहा है। भारत साउथ एशिया में सुरक्षित ‘डिजिटल हब’ बनकर उभर रहा भारत द. एशिया में सुरक्षित ‘डिजिटल हब’ बनकर उभर रहा है। लक्षद्वीप सागर का केबल कॉरिडोर के रूप में महत्व बढ़ने से भारत को हिंद महासागर में नई रणनीतिक बढ़त मिलेगी। साथ ही, वैश्विक टेक कंपनियों के भारी निवेश और बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। किसी देश की अर्थव्यवस्था को बना सकता है अपाहिज सबमरीन केबल्स दुनिया के 99% इंटरनेट ट्रैफिक को संभालते हैं, जिसके बिना वैश्विक बैंकिंग, संचार व अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी। आने वाले समय में एआई, क्लाउड डेटा और सुपरकंप्यूटिंग की भारी जरूरतों के कारण इनकी रणनीतिक अहमियत और कई गुना बढ़ेगी। यह स्थिति एक ‘अदृश्य युद्ध’ जैसी ही है, जहां किसी देश के केबल काट देना बिना मिसाइल चलाए उसकी अर्थव्यवस्था को अपाहिज बना सकता है। सबमरीन केबल कैसे काम करती है? फाइबर ऑप्टिक तकनीक: सबमरीन केबल बिजली के तारों जैसी नहीं होतीं। इनमें बेहद पतले ग्लास फाइबर होते हैं, जिनसे डेटा लाइट पल्स के रूप में हजारों किलोमीटर तक जाता है। रिपीटर: लंबी दूरी में सिग्नल कमजोर न हो, इसलिए केबल में जगह-जगह रिपीटर लगाए जाते हैं। इन्हें केबल के अंदर मौजूद धातु की परत के जरिए बिजली मिलती है। सुरक्षा: केबल को समुद्र के दबाव और नुकसान से बचाने के लिए कई सुरक्षात्मक परतों से ढका जाता है। तट के पास इन्हें ज्यादा मजबूत बनाया जाता है और कई जगह समुद्र तल में दबाया जाता है। सबमरीन केबल कटने पर क्या होता है? इंटरनेट पूरी तरह बंद नहीं होता। केबल कटने पर डेटा दूसरी केबलों से भेज दिया जाता है। इसे नेटवर्क रिडंडेंसी कहते हैं। कंपनियां डेटा ट्रैफिक को कई केबलों में बांटकर रखती हैं, ताकि एक केबल खराब होने पर दूसरी काम कर सके। जहां केबल कम होती हैं, वहां इंटरनेट धीमा हो सकता है या कुछ सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। सैटेलाइट कनेक्टिविटी भी जरूरी सेवाओं के लिए बैकअप का काम कर सकती है। लेकिन अगर किसी क्षेत्र में सिर्फ एक ही केबल है और वह कट जाए, तो वहां इंटरनेट पूरी तरह बंद हो सकता है। ------------------------- ये खबर भरी पढ़ें… TRAI का नया DCR प्लेटफॉर्म और एप लॉन्च: घर-ऑफिस में नेटवर्क और इंटरनेट स्पीड पता चल सकेगी टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग यानी DCR प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप लॉन्च किया है। इससे अब इमारतों को डिजिटल कनेक्टिविटी की रेटिंग मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…
आपका पैसा- इमरजेंसी में पैसों की जरूरत है:अपने प्रोविडेंट फंड पर लें बैंक से सस्ता लोन, जानें नियम और लेने का पूरा प्रोसेस
इमरजेंसी में पैसों की जरूरत पड़ने पर ज्यादातर लोग दोस्त-रिश्तेदार, क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन से कर्ज लेने के बारे में सोचते हैं। लेकिन अगर आपके पास PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) अकाउंट है, तो आपके पास कम ब्याज पर कर्ज लेने का एक और विकल्प मौजूद है। दरअसल, PPF सिर्फ लंबी अवधि की बचत और टैक्स बचाने की स्कीम नहीं है। सरकार इसमें जमा रकम के आधार पर लोन की सुविधा भी देती है। इससे बिना PPF अकाउंट बंद किए या निवेश तोड़े जरूरत के समय पैसों का इंतजाम किया जा सकता है। हालांकि, यह सुविधा सभी खाताधारकों को हर समय नहीं मिलती। इसके लिए कुछ तय नियम, समय-सीमा और पात्रता शर्तें हैं। इसलिए आज ‘आपका पैसा’ में PPF पर मिलने वाले लोन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट– जितेंद्र सोलंकी, फाइनेंशियल एडवाइजर, गाजियाबाद सवाल- PPF अकाउंट क्या होता है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- PPF अकाउंट पर कौन और कब लोन ले सकता है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- उदाहरण के लिए- सवाल- PPF अकाउंट पर लोन कैसे मिलता है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- PPF पर कितना लोन मिल सकता है? जवाब- PPF खाते पर आप दो साल पहले के बैलेंस का अधिकतम 25% तक लोन ले सकते हैं। उदाहरण के लिए- मान लीजिए, 31 मार्च 2025 को आपके PPF खाते में ₹4 लाख जमा थे। ऐसे में आप अधिकतम ₹1 लाख का लोन ले सकते हैं। सवाल- PPF लोन पर ब्याज दर कितनी होती है? जवाब- PPF लोन की ब्याज दर अलग से तय नहीं होती, बल्कि यह आपके PPF खाते पर मिलने वाली ब्याज दर से जुड़ी होती है। मौजूदा नियमों के अनुसार, PPF पर लागू ब्याज दर से 1% अधिक ब्याज देकर लोन चुकाना होता है। अगर PPF पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है, तो PPF लोन पर प्रभावी ब्याज दर 8.1% सालाना होगी। सवाल- PPF से लोन लेने का पूरा प्रोसेस क्या है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- स्टेप-1: PPF लोन की पात्रता चेक करें स्टेप-2: बैंक या डाकघर में आवेदन करें स्टेप-3: जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करें स्टेप-4: आवेदन और डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन होगा स्टेप-5: लोन की रकम खाते में मिलेगी PPF लोन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर समय पर लोन नहीं चुका पाए तो क्या होगा? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- PPF पर लोन लेने के क्या फायदे हैं? जवाब- PPF पर लोन लेने के कई फायदे हैं। खासकर तब, जब कम ब्याज पर थोड़े समय के लिए पैसों की जरूरत हो। ग्राफिक में इसके सभी फायदे देखिए- सवाल- PPF लोन और पर्सनल लोन में क्या अंतर है और कौन-सा विकल्प बेहतर है? जवाब- कौन-सा विकल्प बेहतर है, यह आपकी जरूरत और पात्रता पर निर्भर करता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या PPF लोन, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड से सस्ता पड़ता है? जवाब- हां, आमतौर पर PPF लोन पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड के मुकाबले सस्ता पड़ता है। इसकी वजह यह है कि PPF लोन पर ब्याज, PPF खाते पर लागू ब्याज दर से केवल 1% अधिक होता है। वहीं, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दरें आमतौर पर इससे काफी ज्यादा होती हैं। सवाल- इमरजेंसी में PPF लोन लेना बेहतर है या पर्सनल लोन? जवाब- यह आपकी जरूरत और पात्रता पर निर्भर करता है, जैसेकि– सवाल- क्या PPF पर लिया गया लोन CIBIL स्कोर को प्रभावित करता है? जवाब- आमतौर पर नहीं। PPF लोन आपके अपने PPF खाते में जमा राशि के आधार पर मिलता है। इसलिए इसके लिए सामान्य तौर पर CIBIL स्कोर चेक नहीं किया जाता है। यही वजह है कि PPF लोन का CIBIL स्कोर पर सीधा असर नहीं पड़ता है। सवाल- PPF लोन लेते समय कौन-सी 8 गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- आवेदन करने से पहले और लोन चुकाते समय ये गलतियां करने से बचें। ग्राफिक में देखिए- सवाल- PPF लोन लेने से PPF अकाउंट की मैच्योरिटी, ब्याज या टैक्स बेनिफिट पर क्या असर पड़ता है? जवाब- आमतौर पर PPF लोन लेने से आपके PPF अकाउंट की मैच्योरिटी, ब्याज या टैक्स बेनिफिट पर कोई असर नहीं पड़ता। हालांकि, PPF लोन पर तय समय के भीतर मूलधन और ब्याज का भुगतान करना जरूरी होता है। देरी होने पर अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है, लेकिन इसका PPF खाते की मैच्योरिटी या टैक्स बेनिफिट से कोई संबंध नहीं होता। ********************** ग्राफिक्स- महेंद्र वर्मा ………………… आपका पैसा की ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- रोज ₹100 इन्वेस्ट कर बनें लखपति: फाइनेंशियल एक्सपर्ट से जानें कहां लगाएं पैसा, कैसे छोटी रकम से बनेगा बड़ा फंड हम अक्सर सोचते हैं कि करोड़पति बनने के लिए बड़ी सैलरी या मोटा निवेश जरूरी है। लेकिन निवेश की दुनिया में कई बार छोटी रकम और लंबा समय बड़ा कमाल कर देते हैं। रोजाना सिर्फ ₹100 का निवेश करके बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
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