Vivo X500 serie: मीडियाटेक डाइमेंशन 9600 प्रोसेसर और धांसू फीचर्स के साथ लॉन्च, जानें कीमत
Vivo X500 series Launch: स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वीवो (Vivo) ने सोमवार को चीन में अपनी लेटेस्ट फ्लैगशिप स्मार्टफोन लाइनअप—वीवो X500 सीरीज (Vivo X500 Series) से पर्दा उठा दिया है। इस नई सीरीज के तहत कंपनी ने तीन दमदार स्मार्टफोन्स—Vivo X500, Vivo X500 Pro और Vivo X500 Pro Max को बाजार में उतारा है। ये सभी नए हैंडसेट इसी महीने के अंत तक वीवो के आधिकारिक ऑनलाइन स्टोर के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। वीवो X500 प्रो सीरीज को चार अलग-अलग कलर वेरिएंट्स में पेश किया गया है।
वीवो X500 सीरीज की कीमत और उपलब्धता
बेस मॉडल Vivo X500 के 12GB रैम और 256GB स्टोरेज वेरिएंट की शुरुआती कीमत 5,499 चीनी युआन (लगभग 79,000 रुपये) तय की गई है। इसके 12GB + 512GB और 12GB + 1TB मॉडल की कीमतें क्रमशः 5,999 युआन (लगभग 86,000 रुपये) और 6,999 युआन (लगभग 1,00,000 रुपये) हैं।
वहीं, Vivo X500 Pro की कीमत 12GB + 256GB वेरिएंट के लिए 6,499 युआन (लगभग 93,000 रुपये) से शुरू होती है। इसके 12GB + 512GB और 12GB + 1TB विकल्प क्रमशः 7,499 युआन (लगभग 1,07,000 रुपये) और 8,499 युआन (लगभग 1,22,000 रुपये) में मिलेंगे।
सीरीज के सबसे प्रीमियम फोन Vivo X500 Pro Max के 12GB + 256GB मॉडल की कीमत 6,999 युआन (लगभग 1,00,000 रुपये), 12GB + 512GB की 7,999 युआन (लगभग 1,14,000 रुपये), 16GB + 512GB वेरिएंट की 8,499 युआन (लगभग 1,22,000 रुपये) और टॉप-एंड 12GB + 1TB मॉडल की कीमत 8,999 युआन (लगभग 1,29,000 रुपये) रखी गई है। इसके अलावा, कंपनी क्रिएटर किट के साथ 16GB + 1TB कॉन्फ़िगरेशन भी ऑफर कर रही है।
सेल की बात करें तो, वीवो X500 और X500 Pro Max की बिक्री चीन में 24 सितंबर से शुरू होगी, जबकि वीवो X500 Pro को 29 सितंबर से खरीदा जा सकेगा। ये फोन्स Dawn, Echoes of the Earth, Night Photography और Sunny (चीनी अनुवादित) कलर ऑप्शंस में आते हैं, जबकि प्रो सीरीज में Dawn की जगह 'Viewing the Sunset' कलरवे मिलता है।
Vivo X500 के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स
डुअल-सिम सपोर्ट वाला वीवो X500 स्मार्टफोन एंड्रॉइड 17 आधारित ओरिजिनओएस 7 (OriginOS 7) पर चलता है। इसमें 6.59 इंच की 1.5K (1,260x2,750 पिक्सल) AMOLED डिस्प्ले दी गई है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट, 300Hz टच सैंपलिंग रेट और 100% DCI-P3 कलर गामुट को सपोर्ट करती है। फोन में धूल और पानी से बचाव के लिए IP68 + IP69 रेटिंग मिलती है।
परफॉर्मेंस के लिए इसमें 3nm आक्टा-कोर मीडियाटेक डाइमेंशन 9600M चिपसेट दिया गया है, जो 4.21GHz तक की पीक क्लॉक स्पीड देता है। ग्राफिक्स के लिए ARM G1 Ultra GPU और V3+ ब्लूप्रिंट इमेजिंग चिप मौजूद है। फोन में 12GB LPDDR5x Ultra रैम और 1TB तक की UFS 4.1 स्टोरेज मिलती है।
फोटोग्राफी के लिए इसमें Zeiss-टuned ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें 50-मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर, 50-मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइल्ड लेंस और 64-मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस (3.1x ऑप्टिकल और 100x डिजिटल ज़ूम के साथ) शामिल है। सेल्फी के लिए इसमें 50-मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। पावर बैकअप के लिए 7,500mAh की बैटरी है, जो 90W वायर्ड और 40W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है।
Vivo X500 Pro और Pro Max के फीचर्स
वीवो X500 प्रो और प्रो मैक्स भी डुअल-सिम फोन हैं। वीवो X500 Pro में 6.36 इंच की 1.5K AMOLED डिस्प्ले है, जबकि प्रो मैक्स मॉडल 6.85 इंच की 2K (1,440x3,168 पिक्सल) AMOLED डिस्प्ले और 144Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। दोनों ही फ्लैगशिप फोन 2nm प्रोसेस पर बने ऑक्टा-कोर मीडियाटेक डाइमेंशन 9600 प्रो चिपसेट द्वारा संचालित हैं, जो 4.55GHz की अधिकतम क्लॉक स्पीड प्रदान करते हैं। इसमें Mali-G2-Ultra-NX GPU, V3+ और VS1 ब्लूप्रिंट इमेज चिप्स के साथ 16GB तक की LPDDR5x Ultra रैम मिलती है।
कैमरा डिपार्टमेंट में दोनों फोन्स में 50-मेगापिक्सल का मेन सेंसर और 50-मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड लेंस दिया गया है। वीवो X500 प्रो में 64-मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा है, जबकि प्रो मैक्स वर्जन 200-मेगापिक्सल के दमदार टेलीफोटो शूटर से लैस है। दोनों ही डिवाइस 50-मेगापिक्सल के फ्रंट कैमरे के साथ आते हैं और 4K/240 fps वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट करते हैं।
बैटरी क्षमता की बात करें तो, वीवो X500 Pro में 6,510mAh की बैटरी दी गई है, वहीं प्रो मैक्स मॉडल 8,000mAh की बड़ी बैटरी के साथ आता है। दोनों ही मॉडल 90W वायर्ड और 40W वायरलेस चार्जिंग तकनीक को सपोर्ट करते हैं।
चमत्कार: जब बोलने की क्षमता खो चुके शख्स ने कहा- ‘I Love You’, मस्क बोले- ‘A Beautiful Surprise’
एलन मस्क ने न्यूरालिंक के एक वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है। वीडियो में ALS से पीड़ित एक व्यक्ति, जो अपनी बोलने की क्षमता खो चुका है, ब्रेन इम्प्लांट की मदद से दोबारा बोलता नजर आया। इस दौरान उसने अपने पार्टनर से ‘I Love You’ कहा। इस वीडियो को देखकर मस्क ने इसे ‘A Beautiful Surprise’ यानी ‘एक खूबसूरत सरप्राइज’ बताया।
कैसे वापस आई बोलने की क्षमता?
न्यूरालिंक के इस वीडियो में एक ऐसे व्यक्ति को दिखाया गया है, जो बीमारी की वजह से सामान्य तरीके से बोल नहीं सकता। उसके दिमाग में N1 ब्रेन इम्प्लांट लगाया गया है।
यह इम्प्लांट दिमाग से मिलने वाले संकेतों को समझकर उन्हें आवाज में बदलने में मदद करता है। इसके जरिए व्यक्ति अपने विचारों को शब्दों में बदलकर संवाद कर सकता है।
I love you https://t.co/EXullBPoE7
— Elon Musk (@elonmusk) September 17, 2026
अपनी पुरानी आवाज में बोला ‘I Love You’
इस प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि व्यक्ति ने अपने पार्टनर से ‘I Love You’ कहा। खास बात यह थी कि कंप्यूटर से बनाई गई आवाज को उसकी बीमारी से पहले की आवाज से मिलाने की कोशिश की गई।
यानी तकनीक का मकसद सिर्फ व्यक्ति को बोलने में मदद करना नहीं है, बल्कि उसे उसकी अपनी आवाज जैसी आवाज में संवाद करने का मौका देना भी है।
मस्क को किस बात ने किया प्रभावित?
न्यूरालिंक के वीडियो पर एलन मस्क ने बहुत छोटी लेकिन भावनात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा- ‘A Beautiful Surprise’।
वीडियो में व्यक्ति को दोबारा अपने पार्टनर से बात करते देखना इस प्रतिक्रिया की मुख्य वजह माना जा सकता है। यह दिखाता है कि ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस का इस्तेमाल केवल कंप्यूटर चलाने या कमांड देने तक सीमित नहीं हो सकता।
अभी प्रायोगिक है न्यूरालिंक की यह तकनीक
न्यूरालिंक के अनुसार, उसके ब्रेन इम्प्लांट अभी प्रायोगिक चरण में हैं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसके डिवाइस को अभी FDA या किसी अन्य नियामक संस्था से सामान्य इस्तेमाल के लिए मंजूरी नहीं मिली है।
इसके अलावा, एक मरीज में दिखा परिणाम यह साबित नहीं करता कि यही नतीजा हर मरीज में भी मिलेगा। इस तकनीक की क्षमता और सुरक्षा को समझने के लिए अभी और क्लिनिकल ट्रायल की जरूरत है।
सिर्फ बोलना नहीं, संवाद की क्षमता लौटाने की कोशिश
न्यूरालिंक का यह प्रदर्शन ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस के एक महत्वपूर्ण संभावित इस्तेमाल को दिखाता है। ऐसी तकनीक का उद्देश्य उन लोगों को संवाद करने में मदद करना हो सकता है, जिन्होंने बीमारी या अन्य कारणों से बोलने की क्षमता खो दी है।
इस मामले में खास बात यह है कि तकनीक सिर्फ शब्दों को आवाज में बदलने तक सीमित नहीं दिखती, बल्कि व्यक्ति की पुरानी आवाज जैसी आवाज के जरिए संवाद कराने की दिशा में भी काम कर रही है।
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