नॉर्थ कोरिया ने हाइपरसोनिक मिसाइल का टेस्ट किया:600 किमी तक गई 2 मिसाइलें; किम जोंग बोले- दुश्मनों को ‘लाइलाज सिरदर्द’ मिलेगा
नॉर्थ कोरिया ने रविवार को एक नए हथियार सिस्टम का टेस्ट किया। सरकारी एजेंसी KCNA की तस्वीरों के मुताबिक, इसमें हाइपरसोनिक मिसाइल ह्वासोंग-11Ma का परीक्षण किया गया। नॉर्थ कोरियाई नेता किम जोंग उन अपनी बेटी के साथ टेस्ट देखने पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस हथियार का विकास देश की युद्ध तैयारियों को मजबूत करेगा और दुश्मनों के लिए ‘लाइलाज सिरदर्द’ पैदा करेगा। दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया ने पूर्वी तट के वॉनसान इलाके से करीब 3 घंटे के अंतर पर दो कम दूरी की मिसाइलें दागीं। ये समुद्र में करीब 450 और 600 किमी तक गईं। जापान की सेना ने कहा कि दोनों मिसाइलें उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरीं। तस्वीरों में दिखी ह्वासोंग-11Ma मिसाइल KCNA ने मिसाइल टेस्ट की तस्वीरें जारी कीं। इनमें ट्रकों से दो मिसाइलें लॉन्च होती दिखीं। मिसाइलों के आगे शंकु जैसी आकृति और पंखनुमा हिस्से नजर आए। एक तस्वीर में किम जोंग उन निगरानी स्क्रीन देखते नजर आए। स्क्रीन पर ह्वासोंग-11Ma नाम लिखा था। नॉर्थ कोरिया पहले इस मिसाइल को हाइपरसोनिक हथियार बता चुका है। हालांकि, किम ने इस टेस्ट के दौरान नए हथियार सिस्टम का नाम नहीं बताया। हाइपरसोनिक मिसाइल की खासियत क्या है? हाइपरसोनिक मिसाइलें आवाज की गति से 5 गुना से ज्यादा, यानी करीब 6,000 किमी/घंटे या उससे ज्यादा की रफ्तार से उड़ सकती हैं। इनकी खासियत सिर्फ तेज रफ्तार नहीं, बल्कि उड़ान के दौरान दिशा बदलने की क्षमता भी है। तेज रफ्तार और बदलते रास्ते की वजह से इन्हें रडार से ट्रैक करना और मिसाइल डिफेंस सिस्टम से रोकना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, नॉर्थ कोरिया के हाइपरसोनिक मिसाइलों के दावों पर विशेषज्ञ सवाल उठाते रहे हैं। साउथ कोरिया ने दावे पर संदेह जताया दावा: नॉर्थ कोरिया ने हाइपरसोनिक मिसाइल की स्पीड 2,146 मीटर/सेकंड और उड़ान दूरी 908.2 किमी बताई। संदेह की वजह: साउथ कोरिया ने एक मिसाइल की दूरी सिर्फ 450 और दूसरी मिसाइल की दूरी 600 किमी से कुछ ज्यादा मापी, जो 908 किमी के दावे से काफी अलग है। नॉर्थ कोरिया लगातार अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा नॉर्थ कोरिया मिसाइल और परमाणु हथियारों का जखीरा लगातार बढ़ा रहा है। SIPRI के 2026 के अनुमान के मुताबिक, उसके पास करीब 60 परमाणु हथियार हैं और इतना फिसाइल मैटेरियल है कि करीब 30 और हथियार बनाए जा सकते हैं। मिसाइलों में कम दूरी के हथियारों से लेकर अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) तक शामिल हैं। ह्वासोंग-17 और ह्वासोंग-18 की रेंज 15 हजार किमी से ज्यादा बताई जाती है, यानी ये अमेरिका तक पहुंचने की क्षमता वाली मिसाइलों में शामिल हैं। वहीं KN-23 और KN-25 जैसी कम दूरी की मिसाइलें दक्षिण कोरिया और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों के लिए खतरा मानी जाती हैं। मिसाइलों के अलावा प्योंगयांग नए युद्धपोत और दूसरे सैन्य सिस्टम भी विकसित कर रहा है। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… ईरान के आसमान में फिर UFO दिखने का दावा:1976 में भी दिखा था; पीछा करने वाले फाइटर जेट के सिस्टम फेल हो गए थे ईरान की राजधानी तेहरान के आसमान में चमकती अलग-अलग रंगों की लाइट वाला एक ऑब्जेक्ट दिखाई देने का दावा किया गया है। सोशल मीडिया पर इसके कई वीडियो सामने आए हैं। लोग दावा कर रहे हैं की यह UFO हो सकता है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अमेरिकी चैनलों ने ट्रम्प की लाइव कवरेज रोकी:3 मीडिया हाउस पर बैन के बाद फैसला, जवाब में व्हाइट हाउस ने ‘ट्रम्प TV’ लॉन्च किया
अमेरिका के बड़े टीवी चैनलों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यक्रमों की साझा लाइव कवरेज रोक दी है। यह फैसला व्हाइट हाउस की ओर से CNN, MS NOW और पॉलिटिको के पत्रकारों पर बैन के के बाद लिया गया। फॉक्स न्यूज के वॉशिंगटन ब्यूरो चीफ ब्रायन बॉटन ने सोमवार को बताया कि अब इस व्यवस्था के तहत आने वाले राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की वीडियो कवरेज नहीं की जाएगी। इसके बाद व्हाइट हाउस ने अपनी ऑनलाइन वीडियो फीड शुरू की, जिसका नाम ‘ट्रम्प टीवी’ रखा गया है। इसमें ट्रम्प के पुराने वीडियो, सरकार के ऐलान और ताजा अपडेट दिखाए जाएंगे। लोग व्हाइट हाउस के लाइव कार्यक्रम भी फोन और दूसरे इंटरनेट वाले डिवाइस पर देख सकेंगे हेलिपैड के उद्घाटन का वीडियो व्हाइट हाउस ने खुद जारी किया सोमवार को व्हाइट हाउस में नए हेलिपैड का उद्घाटन हुआ। आमतौर पर ऐसे कार्यक्रमों की वीडियो कवरेज टीवी नेटवर्क्स करते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने साझा कवरेज रोक दी थी। इसलिए व्हाइट हाउस ने खुद कार्यक्रम का वीडियो जारी किया। कार्यक्रम में टीवी नेटवर्क्स के कैमरे और माइक्रोफोन नहीं थे। इससे ट्रम्प की आवाज साफ सुनाई नहीं दे रही थी। मरीन वन के शोर से भी परेशानी हुई। अब इस तरह के कार्यक्रमों की कवरेज के लिए व्हाइट हाउस के पास अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार है। इन्हें ट्रम्प टीवी पर दिखाया जा सकेगा। न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी फोटो कवरेज रोकी अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने भी सोमवार को व्हाइट हाउस के फोटो पूल से मिली तस्वीरें प्रकाशित और शेयर नहीं करने का फैसला किया। अखबार ने कहा कि वह उन मीडिया संस्थानों के समर्थन में ऐसा कर रहा है, जिनके पत्रकारों को व्हाइट हाउस से बाहर किया गया है। हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स ने ट्रम्प की न्यूयॉर्क यात्रा की कवरेज जारी रखने की बात कही। अखबार के मुताबिक, सरकार के कामकाज पर स्वतंत्र मीडिया की नजर रहना जरूरी है। राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की कवरेज करता है प्रेसिडेंशियल पूल अमेरिका में राष्ट्रपति के हर कार्यक्रम में सभी टीवी चैनलों के कैमरे नहीं पहुंच सकते। इसलिए ABC, CBS, CNN, Fox News और NBC ने साझा व्यवस्था बनाई है, जिसे ‘प्रेसिडेंशियल टेलीविजन पूल’ कहा जाता है। इसमें नेटवर्क्स बारी-बारी से राष्ट्रपति के कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग करते हैं और फुटेज दूसरे मीडिया संस्थानों को देते हैं। इस बार CNN की बारी थी, लेकिन व्हाइट हाउस ने उसके पत्रकारों पर बैन लगा दिया। इसके बाद बाकी नेटवर्क्स ने CNN की जगह कवरेज करने के बजाय साझा टीवी पूल को ही रोक दिया। बैन के खिलाफ कोर्ट पहुंचे तीनों मीडिया हाउस CNN, MS NOW और पॉलिटिको ने ट्रम्प प्रशासन के खिलाफ अमेरिकी संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है। तीनों मीडिया हाउस ने व्हाइट हाउस में अपना एक्सेस बहाल करने की मांग की है। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, तीनों ने प्रशासन पर पहले और पांचवे संशोधन के तहत मिले अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में जल्द सुनवाई की मांग भी की है। ट्रम्प मीडिया पर पक्षपात का आरोप लगाते रहे हैं ट्रम्प 2016 से ही CNN की खबरों को ‘फेक न्यूज’ कहते रहे हैं। उनके पहले कार्यकाल में भी CNN के पत्रकारों के व्हाइट हाउस पास को लेकर विवाद हुआ था। ट्रम्प ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ और ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ जैसे बड़े अखबारों पर भी उनके खिलाफ पक्षपातपूर्ण खबरें चलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इन मीडिया संस्थानों की रिपोर्टिंग पर कई बार सवाल उठाए और कुछ मामलों में मानहानि के मुकदमे भी किए। ट्रम्प का आरोप रहा है कि ये मीडिया संस्थान जानबूझकर ऐसी खबरें चलाते हैं, जिनसे उनकी छवि खराब होती है। सोशल मीडिया से बैन हुए तो ट्रम्प ने अपना प्लेटफॉर्म बनाया जनवरी 2021 में ट्रम्प को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (तब ट्विटर) से बैन कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने 21 फरवरी 2022 को अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ लॉन्च किया। अभी इसके करीब 60 लाख एक्टिव यूजर्स हैं। अकेले ट्रम्प के इस प्लेटफॉर्म पर करीब 1.29 करोड़ फॉलोअर्स हैं। --------------------------- ये खबर भी पढे़ं… ट्रम्प ने कनाडा को लेकर यूरोप को धमकी दी:कहा- EU में शामिल किया तो भारी टैरिफ लगाऊंगा, व्यापार भी रोक दूंगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूरोपीय संघ को गंभीर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा पूरी खबर पढ़ें…
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