अमेरिका की कल से ईरानी एयरलाइंस बंद कराने की धमकी:कहा- जो कंपनियां इनकी मदद करेंगी, उनके खिलाफ एक्शन लेंगे
अमेरिका ने ईरान की सभी एयरलाइंस को बंद कराने की धमकी दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि 23 सितंबर से ईरानी विमानों को ईंधन, लैंडिंग की सुविधा या टिकट देने वाली विदेशी कंपनियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी कंपनियों को अमेरिकी डॉलर सिस्टम से बाहर किया जा सकता है। यानी अमेरिका सिर्फ ईरानी एयरलाइंस पर दबाव नहीं डाल रहा, बल्कि उन विदेशी कंपनियों को भी निशाना बना रहा है जो इन एयरलाइंस को चलाने में मदद करती हैं। डॉलर सिस्टम से बाहर करने का क्या मतलब? अमेरिका जिस डॉलर सिस्टम की बात कर रहा है, उसका मतलब अमेरिकी बैंकिंग व्यवस्था से है। किसी कंपनी पर अमेरिकी प्रतिबंध लगने के बाद उसके लिए अमेरिकी बैंकों के जरिए डॉलर में लेन-देन करना मुश्किल हो सकता है। यानी अगर कोई विदेशी कंपनी ईरानी एयरलाइन को ईंधन या दूसरी सुविधाएं देती है, तो उसे अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था तक अपनी पहुंच खोने का खतरा रहेगा। विदेश जाने वाली उड़ानों पर पड़ सकता है असर अमेरिकी कार्रवाई का असर ईरान की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ सकता है। एविएशन डेटा कंपनी सिरियम के मुताबिक, सितंबर में ईरान से हर हफ्ते करीब 70 हजार इंटरनेशनल सीटें उपलब्ध हैं। अगस्त में यह संख्या करीब 55,700 सीटें प्रति हफ्ते थी। अगस्त में महान एयर और सेफेहरान एयरलाइंस ईरान से इंटरनेशनल सीटों की क्षमता के मामले में सबसे बड़े स्थानीय ऑपरेटरों में थीं। महान एयर के पास हर हफ्ते करीब 15,600 और सेफेहरान एयरलाइंस के पास करीब 10,500 सीटें थीं। 8 सितंबर को 27 ईरानी एयरलाइंस पर प्रतिबंध लगाया था अमेरिका पहले भी ईरान की एयरलाइंस के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। अमेरिकी ट्रेजरी ने 8 सितंबर को 27 ईरानी एयरलाइंस समेत कुल 36 कंपनियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया था। अमेरिका का आरोप है कि ईरान अपनी एयरलाइंस और उनसे जुड़े नेटवर्क का इस्तेमाल हथियार, लोगों और दूसरे प्रतिबंधित सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए करता है। न्यूयॉर्क पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री अमेरिका की यह नई चेतावनी ऐसे समय आई है, जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अराघची UN की बैठकों में ईरान का पक्ष रखेंगे और दूसरे देशों के अधिकारियों व विदेश मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… UN में आज ट्रम्प का भाषण, जनरल डिबेट शुरू होगी: 2025 में टेलीप्रॉम्प्टर खराब होने पर भड़के थे संयुक्त राष्ट्र यानी UN की जनरल डिबेट आज से शुरू हो रही है। यह 28 सितंबर तक चलेगी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा में PTI के मंत्री को किडनैप किया:एक और मंत्री पर फायरिंग; 27 सितंबर को इस्लामाबाद में मार्च निकालने वाली है पार्टी
पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा में PTI के प्रांतीय मंत्री फजल शकूर खान को कथित तौर पर किडनैप कर लिया गया। वहीं, मलाकंद में पार्टी के एक और मंत्री शकील अहमद पर फायरिंग हुई। ये दोनों घटनाएं ऐसे समय हुई हैं, जब इमरान खान की पार्टी PTI उनकी रिहाई की मांग को लेकर 27 सितंबर को इस्लामाबाद में मार्च निकालने की तैयारी कर रही है। PTI का आरोप है कि सरकार उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई कर मार्च को रोकने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने कहा है कि इन घटनाओं के बावजूद मार्च नहीं रोका जाएगा। टोल प्लाजा के पास नकाबपोश लोगों ने गाड़ी रोकी PTI के मुताबिक, फजल शकूर खान की गाड़ी को पेशावर मोटरवे टोल प्लाजा के पास हथियारबंद और नकाबपोश लोगों ने रोक लिया। उनके पास AK-47 राइफलें थीं। सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीडियो में नकाबपोश लोग हाईवे पर गाड़ियां रोकते और मंत्री की गाड़ी को घेरते नजर आ रहे हैं। दावा है कि हमलावरों ने गाड़ी के एक टायर पर गोली चलाई। इसके बाद नकाबपोशों ने फजल शकूर खान को हथियार के दम पर गाड़ी की आगे वाली सीट से बाहर निकाला और अपने साथ ले गए। घटना का पूरा वीडियो…. दो दिन पहले इमरान की बहन को गिरफ्तार किया इमरान खान की बहन अलीमा को रविवार को लाहौर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। वह इमरान की रिहाई की मांग को लेकर 27 सितंबर को होने वाले PTI के प्रदर्शन में शामिल होने वाली थीं। इससे पहले शनिवार को अडियाला जेल में इमरान खान का मेडिकल चेकअप किया गया था। जियो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि PIMS के डॉक्टर की अगुआई में उनकी जांच हुई। इसमें ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और आंखों की जांच की गई। 18 अगस्त को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल भेजने का आदेश दिया था। हालांकि, उन्हें पाकिस्तान के बड़े सरकारी मेडिकल अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल टेस्ट के बाद उन्हें वापस अडियाला जेल भेज दिया गया था। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. इमरान खान की बहन लाहौर से गिरफ्तार:भाई की रिहाई के लिए प्रदर्शन करने वाली थीं, पूर्व पाकिस्तानी पीएम का कल जेल में मेडिकल हुआ पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की बहन अलीमा को रविवार को लाहौर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। वह इमरान की रिहाई की मांग को लेकर 27 सितंबर को होने वाले PTI के प्रदर्शन में शामिल होने वाली थीं। पूरी खबर पढ़ें…
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