Horoscope 22 September 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल
आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा।
मेष
किसी पूर्व कृत्य के कारण बदनामी मिलेगी। खर्च की अधिकता और कुसंग से परेशानी। मन अस्थिर रहेगा, निर्णय नहीं ले पाएंगे। अत्यंत व्यस्तता और कर्मठता वाला दिन।
वृष
पैतृक संपत्ति संबंधी विवाद सुलझेगा। विद्यार्थियों के उत्तम और यशस्वी दिन। प्रेम प्रसंग विवाह प्रस्ताव में बदलेगा। बुरा समय टल जाएगा, प्रयत्न सफल होगा।
मिथुन
विदेशों से आयात-निर्यात करने पर लाभ उठाएंगे। निकट दूरी की यात्रा के प्रसंग बनेंगे। रोजगार व्यवसाय में नई स्थापना। आत्मबल और आत्म सम्मान दोनों ही बढ़ेंगे।
कर्क
धन और यश की प्राप्ति। संघर्ष पूर्ण समय रहेगा। कुछ दीर्घकालीन चिंताओं का अंत होगा। जो चाहे, जैसा चाहे मिलेगा।
सिंह
भविष्य के लिए लाभदायक जन सम्पर्क बढ़ेंगे। सम्पति संबंधी विवाद का हल निकलेगा। शुभ समाचार, उपहार और अन्य लाभ। आपके व्यक्तित्व से जनता प्रभावित होगी।
कन्या
कलहपूर्ण वातावरण, घर व्यवसाय में हानि। पूंजीनिवेश करने से बचें। जालसाझी के शिकार हो सकते हैं। कोई खास चुनौती स्वीकारेंगे।
तुला
विद्यार्थियों की अनेक समस्याओं का निवारण होगा। कर्ज लेने की स्थिति आ सकती है। सुखद भविष्य के लिए योजना की रूपरेखा। रोजगार के क्षेत्र में लाभ होगा।
वृश्चिक
पड़ोसियों से संबंधों में सुधार होगा। परिश्रम सफल होगा, आर्थिक उन्नति होगी। कुछ गलतियां पर पछतावा होगा। अविवेकपूर्ण निर्णय धन हानि करा सकता है।
धनु
परोपकार के कार्यों में व्यस्ता। गलतफहमी के शिकार हो सकते हैं। कार्य भार अधिक, थकान हो सकती है। बहुत अच्छा दिन, लाभ ही लाभ।
मकर
अधिकार क्षेत्र व्यापक होगा, धनागम भी। थोड़े से परिश्रम से बड़ा लाभ होगा। पुराने मित्रों और निकट संबंधी से मुलाकात होगी। व्यवसाय की कोई नई योजना बनेगी।
कुंभ
जोखिमों से दूर रहने में ही भलाई है। सरकारी अधिकारियों से सम्पर्क और संबंध बढ़ेंगे। बड़ों का स्वास्थ्य नरम, रूकावटें भी अधिक है। विवाद विजय का दिन है।
मीन
मानसिक उलझनें दूर हो जायेंगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा, अपने को ऊर्जावान महसूस करेंगे। रोजगार तथा अन्य आर्थिक कार्यों में सफलता। नए पुराने परिचय ताजा होंगे।
NIA कोर्ट ने PFI के 4 सदस्यों को शशिकुमार मर्डर केस में सुनाई उम्रकैद
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में 2016 में हिंदू मुन्नानी नेता सी. शशिकुमार की हत्या के मामले में प्रतिबंधित संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) के चार सक्रिय सदस्यों को शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2022 में पीएफआई पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद संगठन के सदस्यों को सजा सुनाए जाने का एनआईए का यह पहला मामला है। एनआईए द्वारा जारी बयान के अनुसार, चेन्नई के पूनामल्ली स्थित विशेष अदालत ने सद्दाम हुसैन, सुबैर, मुबारक और मोहम्मद रफीकुल हसन को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
बयान में कहा गया कि हिंदू मुन्नानी के प्रवक्ता सी. शशिकुमार की 22 सितंबर 2016 को कोयंबटूर में धारदार हथियारों से वार कर हत्या कर दी गई थी। इस लक्षित हत्या का मुख्य उद्देश्य समाज के एक वर्ग में दहशत पैदा करना और क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव फैलाना था। इस हत्याकांड के बाद कोयंबटूर शहर और कोयंबटूर ग्रामीण सहित तमिलनाडु के छह जिलों में बड़े पैमाने पर हिंसा शुरू हो गई थी, जिसके बाद राज्य पुलिस ने 300 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की थीं।
शुरुआत में मामले की जांच कोयंबटूर के थुडियालुर थाने और उसके बाद तमिलनाडु अपराध शाखा-अपराध अन्वेषण विभाग (सीबी-सीआईडी) ने की थी। इसके बाद केंद्र सरकार के आदेश पर जनवरी 2018 में मामला एनआईए को सौंप दिया गया। एनआईए की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पीएफआई के सक्रिय सदस्य रहते हुए आपराधिक साजिश रची और हत्या को अंजाम दिया।
विस्तृत जांच के बाद एनआईए ने पांच आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र और दो पूरक आरोपपत्र दाखिल किए थे। मामले की सुनवाई 2019 में शुरू हुई थी। इस दौरान अभियोजन पक्ष के 75 गवाहों और बचाव पक्ष के दो गवाहों से सवाल-जवाब किए गए।
अदालत ने चारों अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक साजिश) और 153-ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) तथा गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं 16, 18 और 20 के तहत दोषी ठहराया। वहीं, विशेष अदालत ने एक सह-आरोपी अबू उर्फ सैयद अबुताहिर को बरी कर दिया। एनआईए ने कहा कि वह फैसले की समीक्षा कर रही है और बरी किए गए आरोपी के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने के सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
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