झारखंड में मेडिकल कॉलेजों में बंपर सीटें बढ़ाने की तैयारी, डॉक्टरों और प्रोफेसरों की होगी बड़ी बहाली
Jharkhand Medical Colleges: राज्य के मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा का दायरा बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी की सीटें बढ़ाने के साथ ही जरूरी भवन, उपकरण और योग्य शिक्षकों की तैनाती की पूरी योजना बनाई जा रही है. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ अहम समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि आने वाले तीन वर्षों की ठोस कार्ययोजना एक सप्ताह के अंदर बनाकर विभाग को सौंपी जाए, ताकि समय रहते सीटों में बढ़ोतरी और जरूरी पदों के सृजन का काम तेजी से आगे बढ़ सके.
सीटों के अनुसार पदों का पुनर्गठन
कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ने पर उसी अनुपात में प्राध्यापकों, डॉक्टरों, नर्सों और अन्य तकनीकी कर्मियों की जरूरत भी बढ़ेगी. इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी पदों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है. प्राचार्यों से कहा गया है कि वे भविष्य की आवश्यकताओं का सही आकलन करें और उसी आधार पर पूरा प्रारूप तैयार करें. यदि बुनियादी ढांचे के साथ मानव संसाधन समय पर नहीं जुटाया गया, तो राष्ट्रीय स्तर के मानकों को पूरा करना कठिन हो सकता है. इसलिए विभाग चाहता है कि सीटें बढ़ाने की औपचारिक अनुमति मिलने से पहले ही स्टाफ की पूरी तैयारी जमीन पर दिखाई देने लगे.
शिक्षकों की कमी दूर करने के नए रास्ते
समीक्षा बैठक में शैक्षणिक पदों पर डॉक्टरों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठा. इस पर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि यदि नियमित भर्ती में समय लग रहा हो, तो आवश्यकतानुसार संविदा के आधार पर तुरंत नियुक्ति की जाए. इसके अलावा राज्य में उच्च कोटि की पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए सेवानिवृत्त विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं लेने का सुझाव भी दिया गया. राज्य के बाहर के बड़े शहरों और अन्य प्रदेशों से योग्य प्रोफेसरों को आमंत्रित करने की संभावनाएं तलाशने को भी कहा गया है. विभाग का मानना है कि अनुभवी और विशेषज्ञ शिक्षकों के जुड़ने से कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर काफी सुधरेगा.
देशभर में प्रचार और वाक इन इंटरव्यू
योग्य उम्मीदवारों को आकर्षित करने के लिए नियुक्ति से जुड़े विज्ञापनों का पूरे देश में बड़े पैमाने पर प्रचार किया जाएगा. इससे अन्य राज्यों के अनुभवी प्राध्यापक, सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक भी यहां आकर अपनी सेवाएं देने के लिए प्रेरित होंगे. भर्ती प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए नियमित अंतराल पर वाक इन इंटरव्यू आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं. इससे बिना किसी लंबी प्रक्रिया के योग्य डॉक्टरों का चयन सीधे किया जा सकेगा और कॉलेजों में शिक्षकों की खाली कुर्सियां जल्द भरी जा सकेंगी.
धनबाद कॉलेज का बड़ा लक्ष्य
समीक्षा के दौरान धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज की ओर से अपनी भावी योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया गया. कॉलेज प्रबंधन ने वर्ष 2030 तक का लक्ष्य तय किया है, जिसके तहत एमबीबीएस की 250 और पीजी की 200 सीटें बढ़ाने की तैयारी है. इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि इस लक्ष्य के आधार पर ही शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पदों की नई रूपरेखा तैयार की जाए. राज्य के पांचों प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने की योजनाओं को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, जिस पर अब चरणबद्ध तरीके से काम आगे बढ़ाया जा रहा है.
बोकारो और चाईबासा में जल्द शुरू होगी पढ़ाई
बैठक में निर्माणाधीन बोकारो और चाईबासा मेडिकल कॉलेज की प्रगति की समीक्षा भी की गई. अधिकारियों ने बताया कि दोनों कॉलेजों के भवनों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और अगले वर्ष तक इनके पूरी तरह तैयार हो जाने की उम्मीद है. अपर मुख्य सचिव ने कहा कि यदि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो जाता है और जरूरी शिक्षक व अन्य संसाधन जुटा लिए जाते हैं, तो अगले वर्ष से ही इन दोनों कॉलेजों में नए सत्र की पढ़ाई शुरू कराने की हरसंभव कोशिश की जाएगी. इससे राज्य के छात्रों को अपने ही गृह राज्य में मेडिकल की पढ़ाई करने के अधिक अवसर मिलेंगे और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं भी बेहतर होंगी.
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कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 10 सीनियर अधिकारियों के पदों को अपग्रेड करने की दी मंजूरी, जानें पूरी लिस्ट
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने 10 सीनियर अधिकारियों की नियुक्ति और उनके पद को अपग्रेड करने को मंज़ूरी दी है. इनमें अलग-अलग कैडर के IAS अधिकारी और इंडियन इकोनॉमिक सर्विस के एक अधिकारी शामिल हैं. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत 'एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया' के चेयरमैन विपिन कुमार को ग्रामीण विकास मंत्रालय के 'ग्रामीण विकास विभाग' में एडिशनल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में 'हाइड्रोकार्बन महानिदेशक' श्रीकांत नागुलपल्ली को वित्त मंत्रालय के 'व्यय विभाग' में एडिशनल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है.
सरिता चौहान जो कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग में अतिरिक्त सचिव हैं, उन्हें इस्पात मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार नियुक्त किया गया है. आनंद सिंह को वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है.पी. हेमलता जो वाणिज्य विभाग के अंतर्गत कोचीन विशेष आर्थिक क्षेत्र में विकास आयुक्त हैं, उन्हें कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है. इसके लिए विभाग में संयुक्त सचिव के एक खाली पद को अस्थायी रूप से अपग्रेड किया गया है.
व्यय विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया
वी. पोन्नुराज जो पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में हाइड्रोकार्बन महानिदेशक हैं, उन्हें भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव के पद और वेतनमान के साथ हाइड्रोकार्बन महानिदेशक नियुक्त किया गया है. वे श्रीकांत नागुलपल्ली की जगह लेंगे, जिन्हें व्यय विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है. प्रियुष सिंह जो विद्युत मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हैं, उन्हें जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय जल मिशन में मिशन निदेशक नियुक्त किया गया है. उन्हें भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव का पद और वेतनमान दिया गया है. मंदीप के. भंडारी जो वर्तमान में अपने कैडर में हैं और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के अध्यक्ष हैं, उन्हें पद को अस्थायी रूप से अपग्रेड करके भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है.
खाली पद को अस्थायी रूप से अपग्रेड किया
अंकिता मिश्रा बुंदेला, जो कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि और किसान कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव हैं, उन्हें शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है. इसके लिए विभाग में संयुक्त सचिव के एक खाली पद को अस्थायी रूप से अपग्रेड किया गया है. मनीषा सेनशर्मा , जो अभी स्किल डेवलपमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप मिनिस्ट्री में एडिशनल सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रही हैं, उन्हें मिनिस्ट्री में ही एडिशनल सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त किया गया है. इसके लिए डिप्टी सेक्रेटरी/डायरेक्टर के एक खाली पद को अस्थायी रूप से एडिशनल सेक्रेटरी के लेवल तक अपग्रेड किया गया है. ACC ने यह भी मंज़ूरी दी है कि आनंद सिंह और वी. पोन्नुराज के विदेशी असाइनमेंट पूरे होने और उनके अपने-अपने विदेशी पदों का कार्यभार संभालने के बीच के समय को डिपार्टमेंट ऑफ़ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (मिनिस्ट्री ऑफ़ पर्सनल, पब्लिक ग्रीवांस एंड पेंशन) में 'अनिवार्य प्रतीक्षा' माना जाएगा.
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