जमुई मामले में Samrat Choudhary के खिलाफ POCSO FIR की मांग, सचिवालय थाने पहुंचीं Misa Bharti
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सांसद मीसा भारती शुक्रवार को पटना के सचिवालय थाना पहुंचीं और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ जमुई छेड़खानी मामले की नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने के आरोप में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। थाने से बाहर निकलने के बाद पाटलिपुत्र से सांसद मीसा भारती ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। वहीं, उनके भाई और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
मीसा भारती ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं जमुई मामले में नाबालिग लड़की की पहचान उजागर किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 23 और किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 74 के तहत शिकायत दर्ज कराने सचिवालय थाना आई थी, लेकिन थाना प्रभारी ने प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया।’’ इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की पहचान उजागर कर गंभीर अपराध किया है। करीब 24 घंटे बीत जाने के बावजूद बिहार पुलिस, समाज कल्याण विभाग, महिला आयोग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग, विधि विभाग और अन्य संबंधित विभागों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही उन्होंने माफी मांगी है।’’ तेजस्वी ने कहा, ‘‘यदि पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 23 के तहत मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो हम कानूनी विकल्प अपनाएंगे और बिहार पुलिस को भी पक्षकार बनाएंगे।’’ उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बृहस्पतिवार को विपक्ष के निशाने पर आ गए थे। उन पर जमुई जिले की नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप लगाया गया था।
आरोप है कि मुख्यमंत्री ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पीड़िता और उसके परिवार के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें त्वरित न्याय और सभी दोषियों को एक महीने के भीतर त्वरित सुनवाई के जरिये कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, बाद में मुख्यमंत्री के ‘एक्स’ हैंडल से यह पोस्ट हटा दी गई। वहीं, तेजस्वी यादव ने पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा कर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा।
Uttarakhand में भारी बारिश का Red Alert, CM Pushkar Singh Dhami ने 24 घंटे सतर्क रहने के दिए निर्देश
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में 26 और 27 सितंबर को बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं और पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को राज्य के पांच जिलों-बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
पांच अन्य जिलों-देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट तथा शेष तीन जिलों-हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह रविवार को चार जिलों-देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार में रेड अलर्ट, चार अन्य जिलों-उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट तथा शेष पांच जिलों-बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।
ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें अवरुद्ध होने तथा नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि होने की आशंका है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मुख्यमंत्री ने मौसम की चेतावनी को देखते हुए प्रदेशवासियों और पर्यटकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की।
उन्होंने रेड अलर्ट के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और बहुत जरूरी होने पर ही मौसम तथा सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद यात्रा करने को कहा। धामी ने लोगों से स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील की। धामी ने कहा कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, गाड़-गदेरों, बरसाती धाराओं और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास न जाएं तथा तेज बहाव में प्रवेश करने का प्रयास न करें।
उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए संवेदनशील सड़कों और स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को नदी-नालों और अन्य जोखिम वाले स्थानों के आसपास न जाने दें। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहते हुए संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर नदी-नालों के जलस्तर, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, पर्वतीय मार्गों, चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख पर्यटन स्थलों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से दुरुस्त रखी जाएं। उन्होंने रणनीतिक स्थानों पर राहत एवं बचाव दल, आवश्यक उपकरण, जेसीबी और अन्य मशीनरी तैयार रखने के निर्देश दिए।
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