मिथिला में इस मछली का बनता है आचार, सेहत बनाएगी इतनी दमदार कि कभी नहीं खानी पड़ेगी दवा, भरभरकर मिलेगा प्रोटीन
मिथिला और बिहार में चेपुआ मछली का अचार स्वाद और पोषण का अनोखा संगम माना जाता है. यह अचार न सिर्फ पारंपरिक व्यंजनों की पहचान है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद है. इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर को मजबूती देता है. कम कीमत में ज्यादा पोषण देने के कारण यह सस्ती और पौष्टिक डाइट का अहम हिस्सा बन चुका है.
जंगलों में मिलने वाला यह 'कांटेदार पौधा' है आयुर्वेद का खजाना, पथरी से लेकर अस्थमा तक का है रामबाण इलाज
हमारे आसपास मौजूद कई पेड़-पौधे औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, जो गंभीर बीमारियों में भी लाभ पहुंचाते हैं. ऐसा ही एक पौधा है कटेरी, जिसे कंटकारी या आम बोलचाल में भट्ट कट्टैया कहा जाता है. इस कांटेदार पौधे पर पीले और बैंगनी रंग के फूल खिलते हैं और इसकी पत्तियां कंटीली होती हैं. आयुर्वेद में कटेरी को सर्वगुण संपन्न पौधा माना गया है. रायबरेली की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. आकांक्षा दीक्षित के अनुसार यह पौधा शुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं. कटेरी कफ और पित्त की समस्याओं में लाभकारी है. इसकी पत्तियां, जड़ और फूल औषधि के रूप में उपयोग किए जाते हैं. आइए इसके फायदों के बारे में डॉक्टर से वीडियो में जानते हैं. डिस्क्लेमर: यह सामान्य जानकारी है. किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टरों की सलाह जरूरी है.
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