नेपाल में भारी बारिश के बाद Bihar में अलर्ट, गंडक और कोसी तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी
बिहार सरकार ने पड़ोसी नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंडक और कोसी नदियों में जलप्रवाह बढ़ने के पूर्वानुमान के मद्देनजर शुक्रवार को अलर्ट जारी करते हुए संवेदनशील तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के अनुसार, 27 सितंबर की मध्यरात्रि तक वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज पर 3,81,638 क्यूसेक पानी पहुंचने का अनुमान है, जबकि शनिवार सुबह छह बजे वीरपुर स्थित कोसी बैराज पर जलप्रवाह 3,53,407 क्यूसेक तक पहुंच सकता है। विभाग ने अधिकारियों को तटबंधों, स्लूइस गेटों और निचले इलाकों में रात्रि गश्त करने तथा रिसाव, कटाव, ओवरटॉपिंग या तटबंध टूटने जैसी किसी भी आशंका की तत्काल सूचना देने का निर्देश दिया है।
डब्ल्यूआरडी के बयान में कहा गया, “संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त जनशक्ति, प्रकाश व्यवस्था और संचार सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों को पूरी रात सतर्क रहने तथा जिला अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।” हालांकि अधिकारियों ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से अब तक 50.49 लाख लोग प्रभावित हैं।
प्रभावित आबादी 576 ग्राम पंचायतों के 88 प्रखंडों में फैली हुई है। इनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया जिले शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कोसी नदी बलतारा और बागमती नदी सोनाखान तथा बेनीबाद में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
राज्य में सितंबर में अब तक 201.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक है। वहीं 1 जून से 25 सितंबर के बीच कुल वर्षा 722.7 मिमी रही, जो सामान्य से 24 प्रतिशत कम है। राहत कार्यों के तहत अब तक 4.54 लाख पॉलीथीन शीट, 99,200 सूखा राशन पैकेट और 1,500 भोजन पैकेट वितरित किए गए हैं।
इसके अलावा 222 नावें राहत एवं आवागमन में लगी हैं तथा 18,302 क्विंटल पशु चारा उपलब्ध कराया गया है। विभाग ने बताया कि जिन क्षेत्रों में स्थिति सामान्य हो गई है वहां सामुदायिक रसोई और राहत शिविर बंद कर दिए गए हैं। इस वर्ष की बाढ़ के दौरान सामुदायिक रसोई के माध्यम से लगभग 1.95 करोड़ भोजन परोसे गए।
शाम पांच बजे तक वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर जलप्रवाह 1.29 लाख क्यूसेक, वीरपुर स्थित कोसी बैराज पर 2.66 लाख क्यूसेक और इंद्रपुरी स्थित सोन बैराज पर 41,377 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो बढ़ती प्रवृत्ति दर्शाता है। फिलहाल राज्य के विभिन्न जिलों में एसडीआरएफ की 27 तथा एनडीआरएफ की आठ टीमें तैनात हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा का पूर्वानुमान जताया है।
CEC ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी पर अड़ी Congress, चंडीगढ़ में पुलिस ने वाटर कैनन से रोका
कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने व गिरफ्तार करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और इस दौरान चंडीगढ़ स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने पानी की बौछारें कीं। पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता सेक्टर-17 में प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए थे। कांग्रेस की पंजाब इकाई ने बृहस्पतिवार को घोषणा की थी कि नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट सीईसी कुमार के खिलाफ विरोध मार्च का नेतृत्व करेंगे।
हालांकि, शुक्रवार को उनकी अनुपस्थिति में वड़िंग ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं जालंधर से मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी भी प्रदर्शन के दौरान मौजूद नहीं रहे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ने के लिए पुलिस के अवरोधक को लांघने की कोशिश की तो चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने से पहले कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर की गई है और नागरिकों से उनके मतदान के अधिकार छीने जा रहे हैं। वड़िंग, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘‘वोट चोरी बंद करो’’ का नारा लगाते हुए मांग की कि कुमार को बर्खास्त किया जाए, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए।
वड़िंग ने कहा, ‘‘इस देश में वोट चोरी हो रही है। भाजपा वोट चोरी करके सरकारें बना रही है। एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोका जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने हरियाणा और महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘जो चुनावी जीत दिख रही है, वह वास्तव में वोटों की चोरी है।’’ वड़िंग ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को लगे बड़े झटके के बाद किसी को भी इन दोनों राज्यों में उसकी जीत की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी हेरफेर किया गया था। उन्होंने दोहराया कि पंजाब में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) रद्द किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन में सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह, राणा गुरजीत सिंह, धर्मवीर गांधी, विजय इंदर सिंगला और बलबीर सिंह सिद्धू सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। रंधावा ने कहा कि राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से कह रहे हैं कि निर्वाचन आयोग चुनावों में धांधली करने के लिए भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और निर्वाचन आयोग दोनों देश के नागरिकों के सामने बेनकाब हो चुके हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया था कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने उस बात का समर्थन किया है जिसे वह एक साल से अधिक समय से कहते आ रहे हैं कि देश की चुनावी व्यवस्था “बर्बाद” हो गई है। यह दावा एक अंग्रेजी दैनिक की उस खबर के सामने आने के बाद किया गया जिसमें कहा गया था कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से नाम हटाने और जोड़ने संबंधी मुद्दों पर चिंता जताई थी।
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