रात में सोने से पहले जरूर पिएं लौंग का पानी, गहरी नींद लाने में करेगा मदद
नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद पूरी होना और शरीर को आराम मिलना एक बड़ी चुनौती बन गया है। तनाव, काम का बोझ, मोबाइल और स्क्रीन टाइम, यह सब मिलकर नींद के पैटर्न को बिगाड़ देते हैं। ऐसे में आयुर्वेद और प्राकृतिक नुस्खों का महत्व और बढ़ जाता है। इसी कड़ी में लौंग का पानी एक अद्भुत उपाय है।
लौंग में कई औषधीय गुण होते हैं। सोने से पहले इसका पानी पीने से न सिर्फ नींद गहरी होती है, बल्कि शरीर और दिमाग दोनों को कई तरह के लाभ मिलते हैं।
लौंग में मौजूद सबसे प्रमुख तत्व यूजेनॉल है। यह एक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल तत्व है, जो शरीर के कई सिस्टम को सक्रिय करता है। यूजेनॉल पेट के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। रात में सोने से पहले लौंग का पानी पीने से पेट के एंजाइम्स सक्रिय हो जाते हैं, जिससे गैस, अपच और ब्लोटिंग की समस्या कम हो जाती है। पेट हल्का होने से नींद आरामदायक और गहरी आती है। वहीं, यूजेनॉल के कारण जोड़ों में हल्का दर्द या सूजन होने पर भी राहत मिलती है।
गहरी नींद के लिए लौंग का पानी सबसे बड़ा वरदान है। इसमें मन को शांत करने वाले गुण भी मौजूद हैं। ये गुण दिमाग और शरीर दोनों को रिलैक्स करते हैं, तनाव कम करते हैं और अनिद्रा की समस्या में मदद करते हैं। लगातार लौंग का पानी पीने से रात भर आराम मिलता है, नींद नहीं टूटती और शरीर पूरी तरह से रिचार्ज रहता है।
इसके अलावा लौंग का पानी ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। लौंग इंसुलिन के काम को बेहतर बनाता है, जिससे इसका नियमित सेवन करके डायबीटीज वाले लोग अपने शुगर लेवल को स्थिर रख सकते हैं। लौंग शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाती है। इससे मौसमी बीमारियों और इंफेक्शन का खतरा कम होता है।
लौंग का पानी मुंह और दांतों के लिए भी फायदेमंद है। इसमें बैक्टीरिया मारने की क्षमता होती है, जिससे रात को पीने से मुंह की बदबू कम होती है और दांत-मसूड़ों की समस्याओं से भी राहत मिलती है। यह प्राकृतिक तरीका दांतों और मसूड़ों की सेहत बनाए रखने में सहायक होता है।
लौंग का पानी बनाना बेहद आसान है। बस एक बर्तन में पानी गर्म करें और उसमें लौंग डालकर 5-7 मिनट धीमी आंच पर उबालें, फिर हल्का ठंडा करके छान लें। गुनगुना होने पर पी लें। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें आप थोड़ा नींबू का रस या शहद भी मिला सकते हैं।
--आईएएनएस
पीके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत और स्पेन को आतंकवाद का मिलकर मुकाबला करना चाहिए: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि भारत और स्पेन को आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से लड़ने के लिए अपने संसाधनों और क्षमताओं को एकजुट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस खतरे का मुकाबला करने पर एकमत हैं।
राष्ट्रपति भवन में अलबारेस का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच संबंध सदियों पुराने हैं, जो व्यापार, संस्कृति और लोकतंत्र एवं बहुलवाद के साझा मूल्यों से समृद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हमारे राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ है जिसे ‘संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और व्यापार तथा निवेश का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी सेवाओं और रक्षा-अंतरिक्ष क्षेत्रों में स्पेन की क्षमताएं भारत की विकास प्राथमिकताओं को समर्थन देने में सहायक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर के बाद, दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।
द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि बहुपक्षवाद के प्रबल समर्थक होने के नाते, भारत और स्पेन को संयुक्त राष्ट्र और जी-20 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करना चाहिए ताकि विश्व भर में शांति, समृद्धि और स्थिरता के हमारे साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जा सके।
राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बने आतंकवाद से निपटने के लिए भारत और स्पेन का एक साझा दृष्टिकोण है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के सभी स्वरूपों से मिलकर लड़ने के लिए हमें अपने संसाधनों और क्षमताओं को मिलाकर एकजुट रूप से प्रयास करना होगा।
द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि यूरोप और यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और हम अपने 77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
--आईएएनएस
एमएस/
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