हरड़ को क्यों कहा जाता है अमृत? आयुर्वेद से जानिए चमत्कारी फायदे
नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। आयुर्वेद में हरड़ (हरितकी) को 'अमृत' के समान माना गया है। इसकी वजह यह है कि हरड़ सिर्फ किसी एक बीमारी पर काम नहीं करती, बल्कि पूरे शरीर को भीतर से संतुलित और मजबूत बनाती है। चरक संहिता में इसे त्रिदोष नाशक बताया गया है, यानी यह वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलन में रखती है।
हरड़ को क्यों कहा जाता है अमृत? आयुर्वेद से जानिए चमत्कारी फायदे
नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। आयुर्वेद में हरड़ (हरितकी) को 'अमृत' के समान माना गया है। इसकी वजह यह है कि हरड़ सिर्फ किसी एक बीमारी पर काम नहीं करती, बल्कि पूरे शरीर को भीतर से संतुलित और मजबूत बनाती है। चरक संहिता में इसे त्रिदोष नाशक बताया गया है, यानी यह वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलन में रखती है।
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