Asian Games 2026 Day 8 Schedule: 26 सितंबर को फिर बरसेंगे मेडल्स! एशियन गेम्स में भारत के इन मुकाबलों पर रहेंगी नजरें; देखिए पूरा कार्यक्रम
Asian Games 2026 Day 8 Schedule: शुक्रवार (25 सितंबर) का दिन एशियाई खेल 2026 में भारत के लिए शानदार रहा. भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे दिन बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश की पदक तालिका में 5 और पदक जोड़ दिए. दिन की शुरुआत कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर की. इसके बाद भारत ने 1 रजत और 3 कांस्य पदक भी अपने नाम किए. इन पदकों के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 23 हो गई है। भारत ने अब तक 2 स्वर्ण, 9 रजत और 12 कांस्य पदक जीते हैं और पदक तालिका में 12वें स्थान पर है. अब भारतीय खिलाड़ियों की नजर शनिवार (26 सितंबर) के मुकाबलों पर होगी. यहां देखिए प्रमुख मैच और पदक स्पर्धाओं का पूरा कार्यक्रम.
हूतियों के खिलाफ सऊदी अरब को मिला बड़ा साथी, आर्मी से लेकर एयर डिफेंस तक की देगा मदद
यमन के हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच सऊदी अरब को फ्रांस का सैन्य समर्थन मिला है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि उनका देश सऊदी अरब के महत्वपूर्ण तेल केंद्र यान्बू की सुरक्षा के लिए सैनिक, रडार और डिफेंस सिस्टम भेजेगा. मैक्रों ने साफ किया कि फ्रांस का उद्देश्य किसी युद्ध में शामिल होना नहीं, बल्कि सऊदी अरब के अहम ऊर्जा प्रतिष्ठान की सुरक्षा करना है.
यान्बू तेल केंद्र की सुरक्षा करेगा फ्रांस
यान्बू लाल सागर के किनारे स्थित सऊदी अरब का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र है. यहां तेल भंडारण और रिफाइनिंग से जुड़ी बड़ी सुविधाएं मौजूद हैं. यह इलाका ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन से भी जुड़ा है, जिसके जरिए सऊदी अरब अपने तेल को फारस की खाड़ी के रास्ते के बजाय लाल सागर की ओर भेज सकता है.
हूती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों के चलते यान्बू की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है. फ्रांस की ओर से भेजे जाने वाले सैन्य संसाधनों में सैनिकों के साथ रडार और एयर डिफेंस सिस्टम शामिल होंगे. हालांकि, फ्रांस ने अभी यह नहीं बताया है कि कितने सैनिक और किस तरह के उपकरण सऊदी अरब भेजे जाएंगे.
हूतियों ने सऊदी ठिकानों को बनाया निशाना
हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में सऊदी अरब के खिलाफ हमले तेज किए हैं. गुरुवार को हूतियों ने यान्बू में सऊदी तेल कंपनी अरामको की सुविधाओं और रियाद में एक ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया. सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, छह बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया. हमलों से हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
इससे पहले सऊदी अधिकारियों ने मक्का समेत कई इलाकों के लिए सुरक्षा अलर्ट भी जारी किए थे. सऊदी अरब ने आरोप लगाया था कि हूतियों ने मक्का की ओर ड्रोन भेजा, जिसे मार गिराया गया. हूतियों ने इस आरोप से इनकार किया है.
मक्का डिफेंस एग्रीमेंट भी चर्चा में
हूती हमलों के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के तहत सैन्य प्रमुखों की एक तत्काल बैठक की तैयारी की है. तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की न्यूयॉर्क में बैठक के बाद यह फैसला सामने आया.
इस समझौते के तहत किसी एक सदस्य देश पर हमला होने की स्थिति को सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाता है. सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने अगस्त 2026 में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि तीनों देश सऊदी अरब की मदद के लिए किस तरह के सैन्य कदम उठाएंगे.
फ्रांस और सऊदी के बीच बढ़ा रक्षा सहयोग
फ्रांस और सऊदी अरब के बीच पहले से ही रक्षा सहयोग मौजूद है. अगस्त 2026 में दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को मजबूत करने से जुड़ी घोषणा की थी. इसमें हथियारों, प्रशिक्षण और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर सहमति बनी थी. फ्रांस ने उस समय भी हूतियों की ओर से सऊदी अरब के नागरिक और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की निंदा की थी.
अब यान्बू की सुरक्षा के लिए फ्रांस की सैन्य तैनाती ऐसे समय हुई है, जब यमन में हूती और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच भी संघर्ष तेज हो गया है. लाल सागर और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों का असर ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










