Internet restricted in Ethiopia's Tigray region as fighting breaks out | BBC News
Services provided by state-owned telecoms operator Ethio Telecom have been completely cut, although those from the much smaller private firm Safaricom remain operational. Internet monitoring group NetBlocks earlier posted on X that network data indicated a sub-national internet shutdown in northern Tigray. Clashes between Tigrayan forces and their allies and Ethiopia's federal troops broke out on Wednesday, prompting heightened tension and reports of panic buying. During the two-year civil which ended in 2022, Tigray was totally cut off from the outside world. Limited access to cash, food and medicine pushed hundreds of thousands into famine-like conditions. The BBC has contacted Ethiopian authorities for comment. Subscribe to our channel here: https://bbc.in/bbcnews For the latest news download the BBC News app or visit BBC.com/news #Tigray #Ethiopia #Africa #BBCNews
बरगी बांध के 5 गेट खोले गए, नर्मदा का जलस्तर 3-4 फीट बढ़ेगा, जबलपुर में अलर्ट जारी
जबलपुर में लगातार बारिश के बीच बरगी बांध से फिर पानी छोड़ा गया है। दरअसल शुक्रवार शाम 6 बजे बांध के पांच गेट एक-एक मीटर तक खोलकर 780 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा गया। वहीं इससे घाटों पर जलस्तर करीब 3 से 4 फीट तक बढ़ने की संभावना जताई गई है। बांध प्रबंधन के अनुसार बांध का जलस्तर 422.90 मीटर तक पहुंच गया था। वहीं बांध में 763 क्यूमेक पानी की आवक दर्ज की गई जिसके बाद जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए निकासी शुरू की गई।
दरअसल बरगी बांध प्रबंधन के मुताबिक शुक्रवार दोपहर 3 बजे तक बांध में कुल 3217 एमसीएम पानी भंडारित था। बांध की उपयोगी भंडारण क्षमता 3180 एमसीएम है यानी वर्तमान में बांध 101.16 प्रतिशत तक भर चुका है।
780 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा
वहीं अधिकारियों ने बताया कि जलभराव क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है और मौसम को देखते हुए पानी की निकासी शुरू की गई है। फिलहाल 780 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है लेकिन आने वाले समय में पानी की आवक बढ़ने या घटने के हिसाब से गेटों से निकाले जाने वाले पानी की मात्रा भी बदली जा सकती है। इसी वजह से बांध के आसपास के इलाकों के साथ नर्मदा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को पहले से सतर्क रहने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि जल निकासी पूरी तरह जलस्तर और मौसम की स्थिति को देखते हुए की जा रही है।
लोगों से दूरी बनाने की अपील
दरअसल बांध से पानी छोड़े जाने का सीधा असर जबलपुर के नर्मदा घाटों पर दिखाई देगा। प्रशासन के मुताबिक जलस्तर 3 से 4 फीट तक बढ़ सकता है। ऐसे में घाटों पर स्नान, पूजा या दूसरे कामों के लिए जाने वाले लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। बांध प्रबंधन ने अपील की है कि लोग नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और तटीय क्षेत्रों में भी सुरक्षित दूरी बनाए रखें। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पानी की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। वहीं इससे पहले 3 सितंबर को भी बरगी बांध के 13 गेट खोले गए थे। उस समय पानी की निकासी 1130 क्यूमेक से बढ़ाकर 3802 क्यूमेक तक कर दी गई थी और गेट औसतन 1.96 मीटर तक खोले गए थे। उस दौरान नर्मदा के घाटों पर जलस्तर 7 से 8 फीट तक बढ़ गया था।
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