छूते ही क्यों छूट जाती है हंसी? जानें गुदगुदी होने पर क्यों बेकाबू हो जाता है हमारा दिमाग!
यह हंसी वैसी नहीं है जैसी हम किसी चुटकुले पर मुस्कुराते हुए महसूस करते हैं, बल्कि यह हमारे मस्तिष्क की रक्षात्मक प्रणाली और तंत्रिकाओं (Nerves) के बीच होने वाला एक जटिल और रोमांचक खेल है। आइए जानते हैं कि गुदगुदी होने पर हमारे दिमाग के भीतर ऐसा क्या घटता है कि हम अपनी हंसी पर काबू नहीं रख पाते।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
BBC News
Hindustan




















