पाकिस्तान: मां ने मांगा था छोटा बगीचा... बेटे ने घर को बना दिया जंगल
पाकिस्तान में मां की एक छोटी सी इच्छा पर बेटे ने घर को मिनी जंगल बना दिया. 50 पौधों से शुरू हुआ सफर आज 5700 पेड़ों तक पहुंचा. जानिए पूरा मामला.
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Mushtaq Khan: मुश्ताक खान को नम आंखों से किया गया सुपुर्द-ए-खाक, आखिरी विदाई देने पहुंचे फिल्मी सितारे
Mushtaq Khan: ‘वेलकम’, ‘आशिकी’ और ‘हेरा फेरी’ जैसी फिल्मों में नजर आए एक्टर मुश्ताक खान का गुरुवार शाम निधन हो गया। वे लंबे समय से फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक है।
आज दी गई अंतिम विदाई
VIDEO | Mumbai: Mortals remains of veteran actor Mushtaq Khan being taken for funeral.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 25, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/8JhWO17YOM
जुमे की नमाज के बाद उनका जनाजा निकाला गया। इसके बाद यारी रोड कब्रिस्तान में उन्हें दफनाया गया। उनके निधन के बाद सनी देओल, अनुपम खेर समेत कई फिल्मी सितारों ने दुख जताया। शुक्रवार को कई कलाकार उनके घर पहुंचे और उन्हें आखिरी विदाई दी।
आठ दिन पहले फिर लौटा कैंसर
मुश्ताक खान के बिजनेस पार्टनर शिवम के मुताबिक, गुरुवार शाम करीब 7 बजे उनका निधन हुआ। उन्हें करीब पांच साल पहले फेफड़ों के कैंसर का पता चला था। इलाज के बाद वह ठीक हो गए थे, लेकिन करीब आठ दिन पहले कैंसर फिर से लौट आया। इसके बाद उन्हें मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिवम ने बताया कि उस समय कैंसर आखिरी स्टेज में पहुंच चुका था।
बेटे ने कहा- उनका काम याद रखें
मुश्ताक खान के बेटे मोहसिन ने कहा कि यह परिवार और उन्हें चाहने वालों के लिए दुख की घड़ी है, लेकिन उनके पिता को सिर्फ उनके निधन के लिए नहीं, बल्कि उनके काम और यादों के लिए याद किया जाना चाहिए। मोहसिन ने बताया कि उनके पिता दोबारा काम पर लौटना चाहते थे, लेकिन उनकी सेहत ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी।
थिएटर से शुरू हुआ था सफर
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर कस्बे में जन्मे मुश्ताक खान ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत थिएटर से की थी। साल 1980 में फिल्म ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ से उन्होंने हिंदी फिल्मों में कदम रखा। चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया।
इन किरदारों से मिली पहचान
मुश्ताक खान ने 1990 के दशक में ‘आशिकी’, ‘सड़क’, ‘साथी’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘क्रांतिवीर’, ‘राजा’, ‘मेजर साब’ और ‘मन’ जैसी फिल्मों में काम किया। ‘आशिकी’ में रफू मास्टर और ‘हम हैं राही प्यार के’ में भगवती प्रसाद मिश्रा का उनका किरदार काफी पसंद किया गया। इसके बाद उन्होंने ‘हेरा फेरी’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘जोड़ी नंबर 1’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी फिल्मों में कॉमेडी और सहायक किरदार निभाए।
‘वेलकम’ के बल्लू से मिली खास पहचान
साल 2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ में मुश्ताक खान ने मजनू भाई के साथी बल्लू का किरदार निभाया था। इस रोल से उन्हें खास पहचान मिली। इसके बाद वह ‘वेलकम बैक’, ‘स्त्री’ और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों में भी नजर आए। अपने लंबे करियर में उन्होंने कई यादगार किरदार निभाकर दर्शकों के बीच अपनी अलग जगह बनाई।
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