श्रृंगार करती रानी, टेक्स देते ग्रामीण! राजा की सनक और लड़की के इनकार की अनोखी कहानी
Jamui Singarpur Village Naming History: बिहार के जमुई जिले में एक ऐसा गांव है. जिसका नामकरण किसी आशीर्वाद से नहीं बल्कि एक राजा की 'सनक' और एक लड़की के 'इन्कार' की कोख से हुआ है. जिला मुख्यालय से महज 4 किमी दूर स्थित सिंगारपुर गांव की कहानी आपको हैरान कर देगी. रियासत काल में खैरा स्टेट के राजा एक साधारण ग्रामीण लड़की की सुंदरता पर मोहित हो गए थे. राजा ने उसे महल ले जाने का आदेश दिया. लेकिन स्वाभिमानी परिजनों ने इनकार कर दिया. गुस्से में पागल राजा ने हाथियों से लड़की का घर जमींदोज करवा दिया. बात यहीं नहीं रुकी. पूरे गांव पर एक अजीबोगरीब अतिरिक्त टैक्स थोप दिया गया. ग्रामीणों को दंड स्वरूप चांदी की मुद्राएं देनी पड़ती थीं. कहा जाता है कि इस वसूली गई भारी रकम से महल की रानी का 'श्रृंगार' किया जाता था. इसी अपमानजनक टैक्स की वजह से गांव का नाम श्रृंगारपुर पड़ा, जो कालांतर में बदलकर सिंगारपुर हो गया. आज भी यह गांव राजा की उस जिद और ग्रामीणों के संघर्ष की गवाही देता है.
Krishi Tips: किसान बनेंगे मालामाल, रबी फसलों से बढ़ेगा मुनाफा; बस जान लें सही तरीका
Krishi News: पूर्वांचल में रबी फसलों के सर्वाधिक उत्पादन के लिए जौनपुर जिला जाना जाता है. कृषि विभाग के अनुसार जिले में रबी की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है और गेहूं की औसत उत्पादकता 43.46 क्विंटल प्रति हेक्टेयर दर्ज की गई है जो मंडल में सबसे अधिक है. कृषि विभाग किसानों को समय-समय पर बुवाई, खाद-बीज प्रबंधन और रखरखाव को लेकर जागरूक कर रहा है. ताकि कम लागत में अधिक मुनाफा मिल सके. कृषि विभाग के उप परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. रमेश चंद्र यादव ने बताया कि आत्मा योजना के तहत सब्सिडी पर मल्टी क्रॉप प्लांटर और कस्टम हायरिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. इससे बीज व खाद की बचत होती है, जड़ों का विकास बेहतर होता है और फसल गिरती नहीं. विभाग किसानों से कृषि कैंपों में भाग लेकर नई तकनीक अपनाने की अपील कर रहा है.
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