Congress Protest: SIR विवाद को लेकर देश भर में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उपजे भारी राजनीतिक विवाद के बीच शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी ने देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए। दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लखनऊ, कोलकाता और देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग उठाई।
चुनाव आयोग के भीतर फैसलों को लेकर उठे आंतरिक मतभेदों और आपत्तियों की खबरों के बाद विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग को पूरी तरह घेरना शुरू कर दिया है।
LIVE: Protest in Jantar Mantar | Congress Launches Nationwide Protest Against Gyanesh Kumar https://t.co/ny5zd3eJBq
— ANI (@ANI) September 25, 2026
देश के विभिन्न राज्यों में कांग्रेस का व्यापक विरोध प्रदर्शन
राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं, पंजाब के चंडीगढ़ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-17 स्थित चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च निकाला और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ-साथ उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
#WATCH | Dehradun, Uttarakhand: Congress party workers hold a massive protest demonstration demanding the resignation of Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar. Heavy Police deployed. https://t.co/TgnowkW8Mn
— ANI (@ANI) September 25, 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जबकि उत्तर प्रदेश के लखनऊ और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सत्र के दौरान भी कांग्रेस विधायकों ने सदन के भीतर "वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ" के बैनर लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
#WATCH | Srinagar: Congress MLAs staged a protest and raised banners demanding the immediate resignation of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar on the second day of the Jammu and Kashmir Legislative Assembly. https://t.co/tGj3oTHiaD
— ANI (@ANI) September 25, 2026
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद और इस्तीफे की मांग की असल वजह
इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की मुख्य पृष्ठभूमि चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर (SIR) से जुड़े फैसलों पर कथित आंतरिक असहमति से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार एसआईआर से जुड़े फैसलों और वैधानिक पंजीकरण फॉर्म 6 में बदलाव जैसी प्रक्रियाओं पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
Patna, Bihar: Water cannons used to stop Congress workers as Bihar Pradesh Congress Committee stages a protest march against CEC Gyanesh Kumar https://t.co/lgrFDIwolk
— IANS (@ians_india) September 25, 2026
इन रिपोर्टों को आधार बनाते हुए कांग्रेस ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि संस्था के भीतर अलग-अलग राय होना एक सामान्य प्रक्रिया है और सभी आदेश कानूनी प्रावधानों के तहत ही जारी किए गए हैं।
कांग्रेस का दो-चरणीय आंदोलन और महाभियोग की तैयारी
कांग्रेस पार्टी ने इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए दो-चरणों का कार्यक्रम तय किया है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल के निर्देशानुसार, 25 सितंबर को राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक मार्च निकालने के बाद, अब 28 सितंबर को देश भर की सभी जिला कांग्रेस समितियां जिला कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकालेंगी।
इसके साथ ही, कर्नाटक में कांग्रेस ने बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस पार्टी अन्य विपक्षी दलों के साथ संपर्क साधकर संसद के आगामी सत्रों में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने का नोटिस देने की तैयारी कर रही है।
Captain Amarinder Singh: विस चुनाव से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तोड़ी चुप्पी, कही ये बड़ी बात
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लंबे समय बाद अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर खुलकर बात की है। 25 सितंबर 2026 को सामने आए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ करीब चार साल के दौरान उन्होंने “वास्तव में कुछ भी हासिल नहीं किया।” हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस में वापस जाने की किसी भी योजना से साफ इनकार कर दिया।
अमरिंदर सिंह ने यह भी संकेत दिया कि वह अब सक्रिय चुनावी राजनीति में उम्मीदवार के तौर पर नजर नहीं आएंगे। उनका यह बयान पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सामने आया है।
कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर लगाया विराम
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस में लौटने की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि उनकी ऐसी कोई योजना नहीं है। इससे पहले भी पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने स्पष्ट किया था कि अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में वापसी को लेकर पार्टी हाईकमान की ओर से उनसे कोई बातचीत नहीं हुई है। अमरिंदर सिंह ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस उन्हें वापस लेगी। उन्होंने अकाली दल में जाने की संभावना से भी इनकार किया है।
2021 में कांग्रेस से अलग हुए थे कैप्टन
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2021 में पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस छोड़ दी थी। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाई। बाद में उनकी पार्टी का भाजपा में विलय हो गया और वह भाजपा का हिस्सा बन गए।
कांग्रेस छोड़ने के बाद चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया गया था। अमरिंदर सिंह के कांग्रेस से अलग होने के पीछे उस समय पार्टी नेतृत्व के साथ उनके मतभेद प्रमुख मुद्दों में रहे थे।
पंजाब चुनाव से पहले बयान के मायने
कैप्टन अमरिंदर सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। कांग्रेस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह चुनाव से पहले किसी एक नेता को मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर घोषित नहीं करेगी और सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी।
वहीं अमरिंदर सिंह ने भाजपा में अपने चार साल के अनुभव को लेकर असंतोष जताया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने पंजाब से जुड़े मामलों में उनसे कभी सलाह नहीं ली।
फिलहाल अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस में वापसी की संभावना को खारिज कर दिया है और सक्रिय चुनावी राजनीति में उम्मीदवार के तौर पर उतरने से भी दूरी बनाने के संकेत दिए हैं। ऐसे में 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले उनका यह बयान उनकी आगे की राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा बढ़ा सकता है।
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