Proteins Rich Foods: मसल्स को बनाना है मजबूत तो डाइट में शामिल करें प्रोटीन से भरपूर ये 5 चीजें
Protien Rich Foods: मसल्स को मजबूत बनाने के लिए सिर्फ एक्सरसाइज करना ही काफी नहीं है। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन और अन्य जरूरी पोषक तत्व मिलना भी जरूरी है। प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और उनकी मरम्मत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए रोज की डाइट में प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति की उम्र, शरीर के वजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में महंगे सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने के बजाय रोजमर्रा के भोजन में दाल, अंडे, दूध से बने खाद्य पदार्थ, सोया और नट्स जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 प्रोटीन रिच फूड्स के बारे में।
दालें हैं आसान और पौष्टिक विकल्प
मसूर, मूंग, उड़द और अरहर जैसी दालें भारतीय भोजन का अहम हिस्सा हैं। इनमें प्रोटीन के साथ फाइबर और कई अन्य पोषक तत्व भी मिलते हैं। दाल को रोज के भोजन में शामिल करना प्रोटीन की जरूरत पूरी करने की दिशा में एक आसान तरीका हो सकता है।
अंडे से मिलेगा प्रोटीन
अंडा प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें प्रोटीन के अलावा कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स भी पाए जाते हैं। उबला अंडा, एग भुर्जी या सब्जियों के साथ ऑमलेट नाश्ते या भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि अंडे से एलर्जी या किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार सेवन करना चाहिए।
सोया फूड्स को बनाएं डाइट का हिस्सा
सोयाबीन, टोफू और सोया चंक्स जैसे खाद्य पदार्थ खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकते हैं जो मांसाहारी भोजन नहीं खाते। सोया आधारित खाद्य पदार्थों में अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। इन्हें सब्जी, सलाद या अन्य व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है।
पनीर और दही भी उपयोगी
दूध से बने खाद्य पदार्थ जैसे पनीर और दही भी डाइट में प्रोटीन जोड़ सकते हैं। पनीर को सब्जी या सलाद के साथ खाया जा सकता है, जबकि दही को भोजन के साथ शामिल करना आसान है। इन खाद्य पदार्थों में कैल्शियम भी पाया जाता है, जो हड्डियों के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है।
बादाम और मूंगफली से बढ़ाएं प्रोटीन
बादाम, मूंगफली और अन्य नट्स में प्रोटीन के साथ हेल्दी फैट भी पाया जाता है। इन्हें सीमित मात्रा में स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है। मूंगफली को भूनकर या सलाद में मिलाकर खाया जा सकता है। हालांकि नट्स कैलोरी से भरपूर होते हैं, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
सिर्फ प्रोटीन नहीं, पूरी डाइट जरूरी
मसल्स को मजबूत बनाने के लिए प्रोटीन के साथ पर्याप्त कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स भी जरूरी हैं। नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या व्यायाम के साथ संतुलित डाइट मांसपेशियों की सेहत के लिए अधिक उपयोगी हो सकती है।
अगर किसी व्यक्ति को किडनी की बीमारी या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो प्रोटीन का सेवन बढ़ाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है। संतुलित मात्रा में प्राकृतिक खाद्य पदार्थों से प्रोटीन लेना आमतौर पर डाइट का अच्छा हिस्सा हो सकता है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सर्वेक्षण में 98 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने माना, तेजी से बढ़ेगी भारत की जीडीपी
नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की विकास संभावनाएं वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के ताजा आउटलुक में शामिल सभी क्षेत्रों में अब भी सबसे मजबूत बनी हुई हैं। सर्वेक्षण में शामिल मुख्य अर्थशास्त्रियों में से 98 प्रतिशत ने अगले 12 महीनों में भारत की अर्थव्यवस्था में मध्यम या उससे बेहतर वृद्धि की उम्मीद जताई है। इनमें 74 प्रतिशत ने भारत में मजबूत या बहुत मजबूत वृद्धि की संभावना जताई है, जबकि मई में यह आंकड़ा 52 प्रतिशत था।
डब्ल्यूईएफ ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान अगस्त में बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया गया था, जो घरेलू मांग में लगातार बनी मजबूती को दर्शाता है।
डब्ल्यूईएफ की रिपोर्ट के अनुसार, “मजबूत घरेलू मांग से विकास को समर्थन मिलने की उम्मीद है, हालांकि ऊंची ऊर्जा कीमतें अब भी विकास के परिदृश्य पर दबाव डाल रही हैं।”
मई के बाद से महंगाई को लेकर उम्मीदों में नरमी आई है। अगले 12 महीनों में 55 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्रियों को मध्यम महंगाई और 45 प्रतिशत को ऊंची महंगाई की उम्मीद है। मई में 61 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने ऊंची या बहुत ऊंची महंगाई की आशंका जताई थी।
अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई सालाना आधार पर बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो गई। यह 4 प्रतिशत के मध्यम अवधि के लक्ष्य से ऊपर रही, लेकिन 2-6 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के भीतर बनी रही।
आउटलुक के अनुसार, अधिकांश यानी 67 प्रतिशत उत्तरदाताओं को उम्मीद है कि मौद्रिक नीति में कोई बदलाव नहीं होगा, जबकि 24 प्रतिशत ने मौद्रिक नीति के सख्त होने की संभावना जताई है।
अगस्त में नीतिगत दर 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई थी और मौद्रिक नीति का रुख तटस्थ रखा गया था। राजकोषीय नीति में भी व्यापक रूप से स्थिरता बने रहने की उम्मीद है। 72 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने इसमें कोई बदलाव नहीं होने की संभावना जताई, जबकि 22 प्रतिशत ने नीति में ढील की उम्मीद की।
आउटलुक में कहा गया, “मजबूत आर्थिक वृद्धि और निर्धारित सीमा के भीतर बनी महंगाई, नीतिगत स्थिरता को लेकर सर्वेक्षण में जताई गई उम्मीदों के अनुरूप है।”
हालांकि, शेयर बाजार का प्रदर्शन उतना मजबूत नहीं रहा है। इस साल की शुरुआत से 19 अगस्त तक निफ्टी 50 में 7.9 प्रतिशत की गिरावट आई है।
बेरोजगारी को लेकर 70 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्रियों को अगले 12 महीनों में कोई बदलाव नहीं होने की उम्मीद है। वहीं, 17 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने बेरोजगारी बढ़ने और 13 प्रतिशत ने इसके घटने की संभावना जताई है।
15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में बेरोजगारी दर जुलाई में 5.1 प्रतिशत से घटकर अगस्त में 5 प्रतिशत हो गई। इसी अवधि में श्रम बल भागीदारी दर 55.4 प्रतिशत से बढ़कर 55.6 प्रतिशत हो गई।
डब्ल्यूईएफ के सर्वेक्षण के अनुसार, ये आंकड़े मजबूत आर्थिक गतिविधियों के साथ श्रम बाजार में अपेक्षाकृत स्थिर परिस्थितियों की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, रोजगार के लगातार सृजन को महत्वपूर्ण बनाए रखना जरूरी है।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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