चांदी फिर ₹3 लाख के पार जा सकती है:सिल्वर ETF के जरिए निवेश कर सकते हैं, 1 साल में 65% से ज्यादा का रिटर्न
इन दिनों अगर आप कहीं निवेश करने का प्लान बना रहे हैं तो सिल्वर ETF इसके लिए सही ऑप्शन साबित हो सकता है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया का अनुमान है चांदी इस साल के आखिर तक एक बार फिर 3 लाख रुपए किलो तक जा सकती है। अभी इसकी कीमत 2.29 लाख रुपए किलो पर है। सिल्वर ETF के जरिए आप शेयर की ही तरह चांदी में भी निवेश कर सकते हैं। इसमें आप बहुत कम यानी 250 रुपए से शुरुआत कर सकते हैं। बीते एक साल में इसमें 50% से ज्यादा का रिटर्न मिला है। इन सिल्वर ETF ने बीते सालों में दिया बेहतर रिटर्न यहां हम आपको सिल्वर ETF के बारे में बता रहे हैं… सिल्वर ETF क्या है? सिल्वर ETF यानी सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड। इसे समझने के लिए बस इतना जान लो कि ये एक ऐसा फंड है, जो चांदी की कीमतों पर आधारित है। आप इसमें पैसा लगाते हैं, और ये पैसा चांदी की कीमत के हिसाब से बढ़ता-घटता है। लेकिन इसमें आपको असली चांदी खरीदने की जरूरत नहीं। ना तिजोरी चाहिए, ना लॉकर। ये सब काम फंड हाउस करता है, और आप बस NSE या BSE पर इसे डीमेट अकाउंट के जरिए खरीद-बेच सकते हैं, जैसे कोई शेयर। ये काम कैसे करता है? सिल्वर ETF का फंड हाउस असली चांदी को खरीदता है, जो 99.9% शुद्ध होती है। अब आप जो ETF खरीदते हो, उसकी कीमत चांदी के बाजार भाव पर चलती है। अगर चांदी की कीमत बढ़ी, तो आपका ETF की वैल्यू भी बढ़ती है। इसे बेचना भी आसान, स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग टाइम में कभी भी बेच सकते हैं। सिल्वर ETF में निवेश करने के हैं कई फायदे इसमें कुछ जोखिम भी हैं सिल्वर ETF चुनते वक्त ध्यान रखने वाली बातें
दावा- बैंकों में 5-डे वर्किंग पर सरकार का इनकार:कर्मचारियों की मांग पर कभी सहमति नहीं बनी, 28 सितंबर से 3 दिन हड़ताल करेंगे
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से ठीक पहले मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, सरकार ने कभी भी बैंकों के लिए 5-डे वर्किंग का वादा नहीं किया था और सैलरी रिवीजन की बातचीत के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। वित्त मंत्रालय के सूत्र ने कहा कि यह मांग कर्मचारी यूनियनों की तरफ से एकतरफा उठाई थी और दोनों पक्षों के बीच इस पर कोई सहमति नहीं बनी थी। दूसरी ओर, बैंक यूनियंस अपनी मांग पर अड़ी हुई हैं और 28 सितंबर से 3 दिन की हड़ताल पर जाने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं। आम जनता को परेशानी से बचाने के लिए सरकार ने पब्लिक सेक्टर और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को 27 सितंबर (रविवार) को बैंक खुले रखने के निर्देश दिए हैं। बैंक यूनियंस का दावा- मार्च 2024 में हुआ था समझौता वित्त मंत्रालय का यह रुख बैंक यूनियंस के दावों के बिल्कुल उलट है। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) के जनरल सेक्रेटरी रूपम रॉय के मुताबिक, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच मार्च 2024 में हुए वेज रिवीजन समझौते के दौरान शनिवार को छुट्टी घोषित करने पर सहमति बनी थी। IBA बैंकों का मैनेजमेंट संभालने वाली संस्था है जो कर्मचारियों की सैलरी और शर्तों पर बातचीत करती है। वहीं, UFBU banking सेक्टर की 9 प्रमुख यूनियंस की अंब्रेला बॉडी है। 90% बैंक कर्मचारी हड़ताल में शामिल, कामकाज पर पड़ेगा असर हड़ताल में देशभर की 7 मुख्य यूनियंस शामिल हो रही हैं, जो बैंकिंग वर्कफोर्स के 90% से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं। इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC शामिल हैं। यूनियंस का साफ कहना है कि जब तक सरकार 5-डे वर्कवीक लागू करने के लिए कोई ठोस टाइमलाइन तय नहीं करती, तब तक वे अपना विरोध वापस नहीं लेंगे। PLI स्कीम को लेकर भी सरकार और यूनियंस आमने-सामने 5-डे वर्कवीक के अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम को लेकर भी विवाद जारी है। सरकार ने सीनियर अधिकारियों (Scale IV और उससे ऊपर) के लिए रिवाइज्ड PLI स्कीम का नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके तहत बेहतर परफॉर्मेंस पर कर्मचारियों को 365 दिन तक की बेसिक पे के बराबर इंसेंटिव मिल सकता है। यूनियंस इस स्कीम का भी विरोध कर रही हैं। ग्राहकों को राहत देने के लिए रविवार 27 सितंबर को खुलेंगे बैंक 28 सितंबर से शुरू होने वाली 3 दिन की हड़ताल के कारण शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रह सकता है। आम जनता को पैसे निकालने, चेक क्लीयरेंस और अन्य जरूरी कामों में परेशानी न हो, इसके लिए वित्त मंत्रालय ने सभी पब्लिक सेक्टर और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को रविवार, 27 सितंबर को खुले रहने का आदेश दिया है।
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