गडकरी बोले- 40% एयर पॉल्यूशन के लिए मैं जिम्मेदार:कहा- बसों का स्टैंडर्ड सुधारिए, नहीं तो कॉन्ट्रैक्टर्स जैसे रगड़ूंगा; MP को मिलीं 351 सरकारी बसें
मध्यप्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा फिर शुरू हो गई। भेल दशहरा मैदान से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और CM मोहन यादव ने 351 बसों के साथ मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा लॉन्च की। भोपाल-इंदौर समेत 7 शहरों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें चलेंगी। इनमें 180 इलेक्ट्रिक बसें हैं। सरकार का पहले साल 1,500 और 2031 तक 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य है। गडकरी ने कहा- पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाना सरकार का विजन है। ट्रांसपोर्ट सुधार के लिए 5 एजेंडा बनाए गए हैं, जिसमें पहला क्लीन ट्रांसपोर्ट है। देश के एयर पॉल्यूशन में करीब 40% हिस्सेदारी ट्रांसपोर्ट सेक्टर की है। प्रदूषण के लिए मैं जिम्मेदार हूं। MP में प्रदूषण के लिए CM मोहन जिम्मेदार हैं। पटवर्धन से गडकरी बोले- बसें सुधारिए, नहीं तो रगड़ूंगा गडकरी ने ऑल इंडिया बस एंड कार कन्फेडरेशन के प्रेसिडेंट प्रसन्ना पटवर्धन से बसों की गुणवत्ता पर कहा- अभी भी बस में बहुत सुधार करने की जरूरत है। पटवर्धनजी अभी भी तुम्हारी बस बराबर स्टेंडर्ड पर नहीं बनी है। ये कंपनी वालों को कहो सुधरिए। नहीं तो जैसे कॉन्ट्रैक्टर्स को रगड़ने का काम करता हूं, वैसे आपके क्षत्रपों को रगड़ूंगा। पहले ये तस्वीरें देखिए… CM मोहन बोले- 21 साल बहुत लंबा समय सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- कांग्रेस के शासनकाल में राज्य परिवहन बसें बंद हो गईं थी। प्रदेश में 5 लाख किमी से ज्यादा सड़कें बन चुकी हैं और अब बसों से गांवों को भी जोड़ा जाएगा। 75% ग्राम पंचायतों तक कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य है। सीएम ने कहा- आज प्रधानमंत्री ई-बस और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू हुई है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा- राजकुमार है कि मानता नहीं। उन्होंने BRTS के जंगले हटाने और यूनियन कार्बाइड के कचरे के निष्पादन का भी जिक्र किया। परिवहन मंत्री- सेवा मील का पत्थर परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा- 21 साल पहले बंद हुई परिवहन सेवा फिर शुरू हो रही है और यह परिवहन क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि बस मालिकों के हितों से टकराव नहीं होगा। कांग्रेस के ‘खटारा बसों की शुरुआत’ बयान पर उन्होंने कहा कि यह बस मालिकों का अपमान है। PWD मंत्री बोले- कनेक्टिविटी की बड़ी पहल PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि पहले सरकारी बसों का मतलब मजबूरी में यात्रा होता था। अब इन बसों की शुरुआत प्रदेश में कनेक्टिविटी बढ़ाने की बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि वे खुद भी इन बसों में सफर कर चुके हैं। 351 बसें, किराया ₹2 प्रति किमी सभी बसें भोपाल से संचालित होंगी। किराया 2 रुपए प्रति किमी रखा गया है। बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों के साथ PPP मॉडल पर होगा। विज्ञापन और कार्गो से अतिरिक्त आय की व्यवस्था भी है। बसों में सुरक्षा सुविधाएं और रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। बसों में इंदौर 145, भोपाल 106, जबलपुर 67, रीवा 18, देवास 10, कटनी 3 और भिंड 2 शामिल हैं। इनमें इंटरसिटी और इंट्रासिटी दोनों सेवाएं रहेंगी। 180 इलेक्ट्रिक बसें, आधुनिक तकनीक 351 में 180 इलेक्ट्रिक बसें हैं। ईजी ग्रीन मोबिलिटी की 12 मीटर इलेक्ट्रिक बसों में प्रीमियम सीटिंग, एयर वेंट, लेगरूम और सुविधाजनक एंट्री है। इनमें 423.9 kWh LFP बैटरी, EBS-ESC ब्रेकिंग, ECAS एयर सस्पेंशन और EHPS स्टीयरिंग जैसी तकनीकें हैं।
चांदी फिर ₹3 लाख के पार जा सकती है:सिल्वर ETF के जरिए निवेश कर सकते हैं, 1 साल में 65% से ज्यादा का रिटर्न
इन दिनों अगर आप कहीं निवेश करने का प्लान बना रहे हैं तो सिल्वर ETF इसके लिए सही ऑप्शन साबित हो सकता है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया का अनुमान है चांदी इस साल के आखिर तक एक बार फिर 3 लाख रुपए किलो तक जा सकती है। अभी इसकी कीमत 2.29 लाख रुपए किलो पर है। सिल्वर ETF के जरिए आप शेयर की ही तरह चांदी में भी निवेश कर सकते हैं। इसमें आप बहुत कम यानी 250 रुपए से शुरुआत कर सकते हैं। बीते एक साल में इसमें 50% से ज्यादा का रिटर्न मिला है। इन सिल्वर ETF ने बीते सालों में दिया बेहतर रिटर्न यहां हम आपको सिल्वर ETF के बारे में बता रहे हैं… सिल्वर ETF क्या है? सिल्वर ETF यानी सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड। इसे समझने के लिए बस इतना जान लो कि ये एक ऐसा फंड है, जो चांदी की कीमतों पर आधारित है। आप इसमें पैसा लगाते हैं, और ये पैसा चांदी की कीमत के हिसाब से बढ़ता-घटता है। लेकिन इसमें आपको असली चांदी खरीदने की जरूरत नहीं। ना तिजोरी चाहिए, ना लॉकर। ये सब काम फंड हाउस करता है, और आप बस NSE या BSE पर इसे डीमेट अकाउंट के जरिए खरीद-बेच सकते हैं, जैसे कोई शेयर। ये काम कैसे करता है? सिल्वर ETF का फंड हाउस असली चांदी को खरीदता है, जो 99.9% शुद्ध होती है। अब आप जो ETF खरीदते हो, उसकी कीमत चांदी के बाजार भाव पर चलती है। अगर चांदी की कीमत बढ़ी, तो आपका ETF की वैल्यू भी बढ़ती है। इसे बेचना भी आसान, स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग टाइम में कभी भी बेच सकते हैं। सिल्वर ETF में निवेश करने के हैं कई फायदे इसमें कुछ जोखिम भी हैं सिल्वर ETF चुनते वक्त ध्यान रखने वाली बातें
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