लिस्टिंग के अगले ही दिन एनएसई शेयरों में गिरावट, शुरुआती उत्साह के बाद निवेशकों ने की मुनाफावसूली
मुंबई, 25 सितंबर (आईएएनएस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के शेयरों में शुक्रवार को, लिस्टिंग के एक दिन बाद, गिरावट देखने को मिली। शेयर 0.56 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा और अपने लिस्टिंग मूल्य से मामूली ऊपर बना रहा।
कारोबार के दौरान एनएसई के शेयर करीब 1.6 प्रतिशत फिसलकर 1,790 रुपए के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। बाद में खबर लिखे जाने तक यह 1,796 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद स्तर से 1.20 प्रतिशत कम था।
एनएसई के शेयर गुरुवार को अपने इश्यू प्राइस की तुलना में लगभग 0.8 प्रतिशत प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुए थे। लिस्टिंग के दिन शेयर ने कारोबार समाप्त होने तक करीब 1.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की थी। हालांकि शुरुआत अपेक्षाकृत शांत रही, लेकिन दिन के दौरान यह 5 प्रतिशत से अधिक उछला था, जिसके बाद मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिला।
एनएसई का आईपीओ भारत के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम रहा। इससे पहले वर्ष 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपए का आईपीओ सबसे बड़ा इश्यू रहा था।
लिस्टिंग के बाद एनएसई का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) लगभग 4.49 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। इसके साथ ही कंपनी भारत की 10वीं सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई है और बाजार मूल्य के लिहाज से सन फार्मास्युटिकल्स और टाइटन जैसी कंपनियों से आगे निकल गई है।
बाजार पूंजीकरण के आधार पर एनएसई फिलहाल रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी कंपनियों के बाद स्थान रखती है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लिस्टिंग के बाद अल्पकालिक मुनाफावसूली सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि भारत के पूंजी बाजार के तेज विस्तार और एनएसई की मजबूत बाजार स्थिति के कारण निवेशकों की दीर्घकालिक रुचि बनी रह सकती है।
एनएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आशीष कुमार चौहान ने कहा कि एक्सचेंज एक व्यापक मोबाइल-फर्स्ट प्लेटफॉर्म पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य निवेशकों को उनके ट्रेडिंग डेटा, पोर्टफोलियो जानकारी और विश्लेषणात्मक सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है।
17 से 21 सितंबर तक खुले एनएसई के बहुप्रतीक्षित आईपीओ को निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली थी। यह इश्यू 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था और 22,568.94 करोड़ रुपए के इश्यू आकार के मुकाबले 90,287.33 करोड़ रुपए की बोलियां प्राप्त हुई थीं।
एनएसई की आय का बड़ा हिस्सा ट्रांजैक्शन शुल्क से आता है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की परिचालन आय का 78.65 प्रतिशत हिस्सा ट्रांजैक्शन चार्जेज से प्राप्त हुआ था, जो एक्सचेंज के कारोबार मॉडल की मजबूती को दर्शाता है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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SIR Row: चंडीगढ़ से लेकर लखनऊ-देहरादून तक शुरू हुआ कांग्रेस का हल्ला बोल, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
SIR Row: देश भर में SIR को लेकर राजनीति गरमाई हुई है. इस बीच, कांग्रेस ने शुक्रवार को देश भर में विरोध प्रदर्शन किया. शुक्रवार सुबह से चंडीगढ़, लखनऊ, देहरादून, पटना आदि शहरों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हुए हैं. सभी प्रदर्शनकारियों की मांग एक ही है- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें. दिल्ली में भी चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी कांग्रेस विधायकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट, इरफान हाफिज लोन और इफ्तिखार अहमद ने प्रदर्शन किया. उन्होंने वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ जैसे नारे लगाए.
#WATCH | Jammu | Congress leaders and party workers protest, demanding the resignation of Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar. Congress MP Dr. Syed Nasir Hussain, among others detained by police during the protest pic.twitter.com/FrNNovoqA6
— ANI (@ANI) September 25, 2026
देशभर में कहां-कहां हुए प्रदर्शन?
चंडीगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जम्मू में भारी पुलिस बल तैनात किया गया.
इसके अलावा, उप्र की राजधानी लखनऊ और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा उनकी गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कांग्रेस कार्यकर्ता 25 सितंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च निकालेंगे.
#WATCH | Bihar | Police use water cannon to disperse Congress workers protesting against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar, in Patna pic.twitter.com/mncZmiOWlE
— ANI (@ANI) September 25, 2026
चुनाव आयुक्त को हटाने से जुड़ा पूरा मामला समझें…
दरअसल, 23 सितंबर को द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में SIR को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की है, जिसमें 4 आपत्तियां एक ही दिन की थीं. हालांकि, चुनाव आयोग ने इमनन दावों पर सफाई पेश करते हुए कहा कि यह आपत्तियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं. एसआईआर सहित सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से ही लिए गए हैं.
#WATCH | Delhi | Members of Indian Youth Congress protest against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar pic.twitter.com/xIPn1B7gE4
— ANI (@ANI) September 25, 2026
राहुल बोले- ज्ञानेश कुमार देशद्रोही
एक दिन पहले कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें राहुल ने कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश ने वोट चोरी की है. वे देशद्रोही हैं. उनकी नियुक्ति का मैंने विरोध किया था लेकिन फिर भी सरकार ने मेरी बात नहीं सुनी. संभावना है कि एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो यह छह महीने के अंदर दूसरी बार होगा. इससे पहले अप्रैल में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था, जो लोकसभा में खारिज हो गया था.
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