Tips and Tricks: दाल में ज्यादा नमक पड़ गया? इन आसान घरेलू उपायों से स्वाद करें बैलेंस, खाने वाले पूछेंगे राज
Tips and Tricks: दाल भारतीय घरों की रोजमर्रा की थाली का अहम हिस्सा है। लेकिन कई बार जल्दबाजी में दाल में नमक थोड़ा ज्यादा पड़ जाता है और पूरी डिश का स्वाद बिगड़ जाता है। ऐसे में दाल को फेंकने या दोबारा बनाने की जरूरत नहीं है। किचन में मौजूद कुछ सामान्य चीजों की मदद से नमक का स्वाद काफी हद तक बैलेंस किया जा सकता है।
अगर आपकी दाल में भी नमक ज्यादा हो गया है तो कुछ आसान घरेलू उपाय काम आ सकते हैं। पानी बढ़ाने से लेकर बिना नमक वाली दाल मिलाने तक, कई तरीके हैं जिनसे दाल का स्वाद फिर से संतुलित किया जा सकता है। हालांकि कौन-सा तरीका अपनाना है, यह दाल की मात्रा और उसकी गाढ़ी या पतली कंसिस्टेंसी पर निर्भर करता है।
बिना नमक वाली दाल मिलाएं
अगर दाल में नमक काफी ज्यादा पड़ गया है तो सबसे बेहतर उपाय है कि थोड़ी मात्रा में बिना नमक वाली दाल बनाकर उसमें मिला दें। इससे दाल की मात्रा बढ़ जाएगी और नमक का अनुपात कम हो जाएगा। यह तरीका खासतौर पर तब अच्छा रहता है, जब दाल बहुत ज्यादा नमकीन हो गई हो।
थोड़ा पानी डालकर उबालें
दाल में नमक थोड़ा ज्यादा है तो उसमें थोड़ी मात्रा में गर्म पानी डालकर कुछ देर धीमी आंच पर उबाल सकते हैं। ध्यान रखें कि पानी एक साथ बहुत ज्यादा न डालें, वरना दाल का स्वाद फीका और उसकी कंसिस्टेंसी बहुत पतली हो सकती है। जरूरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा पानी डालें।
उबला हुआ आलू कर सकता है मदद
कुछ लोग ज्यादा नमकीन दाल के स्वाद को बैलेंस करने के लिए उबले हुए आलू का इस्तेमाल करते हैं। उबले आलू के कुछ टुकड़े दाल में डालकर थोड़ी देर पकाया जा सकता है। इसके बाद आलू निकाल दें। यह तरीका दाल के स्वाद को कुछ हद तक संतुलित करने में मदद कर सकता है, हालांकि नमक कम करने के लिए दाल को पतला करना या बिना नमक वाली दाल मिलाना अधिक भरोसेमंद तरीका है।
टमाटर या नींबू का इस्तेमाल करें
अगर दाल में नमक थोड़ा ही ज्यादा हुआ है तो स्वाद को बैलेंस करने के लिए थोड़ी मात्रा में टमाटर या नींबू का रस इस्तेमाल किया जा सकता है। खट्टापन नमकीन स्वाद की तीव्रता को कम महसूस करा सकता है। हालांकि नींबू बहुत ज्यादा न डालें, वरना दाल का स्वाद खट्टा हो सकता है।
दाल की मात्रा बढ़ाएं
अगर घर में उपलब्ध हो तो इसमें थोड़ी मात्रा में बिना नमक वाली सामग्री बढ़ाई जा सकती है। उदाहरण के लिए दाल में थोड़ा अतिरिक्त उबला हुआ टमाटर, सब्जियां या बिना नमक का दाल वाला मिश्रण मिलाने से नमक का अनुपात कम किया जा सकता है। इसके बाद दाल को अच्छी तरह उबालकर मसालों का स्वाद दोबारा संतुलित करें।
मसाले बढ़ाकर नमक छिपाने की कोशिश न करें
दाल में नमक ज्यादा होने पर लाल मिर्च, गरम मसाला या अन्य मसाले बहुत ज्यादा डालना सही तरीका नहीं है। इससे नमक कम नहीं होगा और दाल का स्वाद जरूरत से ज्यादा तीखा या मसालेदार हो सकता है। बेहतर है कि दाल की मात्रा बढ़ाकर या थोड़ी पतली करके नमक का अनुपात संतुलित किया जाए।
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लेखक: (कीर्ति)
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Home Remedies: सर्दी-जुकाम ने कर दिया परेशान? दूध में उबालकर पिएं मुनक्का, जानें कैसे मिलेगी राहत
Home Remedies for Cold and Cough: बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, गले में खराश और हल्की खांसी की परेशानी आम हो जाती है। नाक बंद होना, छींक आना और गले में जलन जैसी समस्याएं रोजमर्रा के कामों को भी प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में कई लोग तुरंत दवा लेने के बजाय पहले घरेलू उपाय आजमाना पसंद करते हैं।
सर्दी-जुकाम में राहत के लिए मुनक्का और दूध का पारंपरिक घरेलू नुस्खा भी बताया जाता है। मुनक्का यानी बड़े आकार की सूखी किशमिश को दूध में उबालकर लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इसे सर्दी-जुकाम का इलाज या तुरंत बीमारी खत्म करने वाला उपाय नहीं माना जाना चाहिए। यह एक घरेलू उपाय है, जिससे कुछ लोगों को गले और खांसी में आराम महसूस हो सकता है।
कैसे तैयार करें मुनक्का वाला दूध
इस घरेलू नुस्खे के लिए करीब 7 मुनक्के लें। इन्हें अच्छी तरह साफ कर लें और संभव हो तो इनके बीज निकाल दें। अब एक गिलास दूध को पैन में डालकर उसमें मुनक्के डालें और धीमी आंच पर कुछ देर पकाएं।
दूध में मुनक्के अच्छी तरह नरम हो जाएं तो इसे हल्का गुनगुना रहने दें। इसके बाद मुनक्के चबाकर खाए जा सकते हैं और दूध भी पिया जा सकता है। बहुत गर्म दूध पीने से बचें, खासकर अगर गले में पहले से जलन या खराश हो।
गले की खराश और खांसी में क्यों लिया जाता है
मुनक्का प्राकृतिक शर्करा, फाइबर और कई पोषक तत्वों वाला ड्राई फ्रूट है। पारंपरिक तौर पर इसका इस्तेमाल गले की परेशानी और खांसी में किया जाता रहा है। कुछ स्वास्थ्य स्रोत भी मुनक्के को गर्म पानी या दूध के साथ लेने को गले की खराश में आराम देने वाले घरेलू उपाय के तौर पर बताते हैं।
गुनगुना दूध गले को आराम देने वाला महसूस हो सकता है, जबकि नरम मुनक्का आसानी से खाया जा सकता है। हालांकि, इस मिश्रण से वायरल सर्दी-जुकाम तुरंत ठीक होने का मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
सिर्फ इसी उपाय पर निर्भर न रहें
आम सर्दी-जुकाम अक्सर वायरल संक्रमण के कारण होता है और कई मामलों में आराम, पर्याप्त पानी पीने और पर्याप्त नींद से धीरे-धीरे ठीक हो जाता है। घरेलू नुस्खे केवल लक्षणों में आराम देने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
अगर तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार बढ़ती खांसी या कई दिनों तक लक्षण बने रहें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में घरेलू उपाय अपनाने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
मुनक्का खाते समय इन बातों का रखें ध्यान
मुनक्का मीठा ड्राई फ्रूट है, इसलिए इसे बहुत अधिक मात्रा में खाने से बचना चाहिए। खासकर डायबिटीज वाले लोगों को इसकी मात्रा और दूध के साथ सेवन को लेकर अपने डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेनी चाहिए।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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