मणिपुर में उग्रवादियों ने 4 नगा लोगों की हत्या की:आरोपी म्यांमार से आए थे; बाजार बंद का ऐलान, इस साल अब तक 44 मौतें
मणिपुर के कामजोंग जिले में गुरुवार शाम चार नगा नागरिकों की हत्या कर दी गई। स्थानीय लोगों ने हत्या का आरोप कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) के उग्रवादियों पर लगाया है। पुलिस के मुताबिक, हथियारों से लैस उग्रवादियों ने पिलोंग नगा गांव में ग्रामीणों पर गोलीबारी की थी। पिलोंग नगा गांव कामजोंग जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर है। मृतकों की पहचान फामी जाजो, निंगथेम कसाक, बेटरसन जाजो और वरेइशिम जाजो के रूप में हुई है। इनमें वरेइशिम जाजो और फामी जाजो पिता-पुत्र थे। चारों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए कामजोंग जिला मुख्यालय लाए गए हैं। घटना के बाद तांगखुल नागा लॉन्ग (TNL) ने हत्याओं की निंदा करते हुए शुक्रवार सुबह 7 बजे से 24 घंटे के आपातकालीन बंद का ऐलान किया। स्थानीय संगठनों के मुताबिक, फरवरी में शुरू हुई हिंसा के बाद इस साल अब तक 44 लोगों की मौत हो चुकी है। जरूरी सेवाएं बंद से बाहर, अंतिम संस्कार की आवाजाही पर भी रोक नहीं तांगखुल नागा लॉन्ग (TNL) ने कहा कि बिजली, चिकित्सा और दमकल जैसी जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखा जाएगा। अंतिम संस्कार और शोक सभा में जाने वाले लोगों की आवाजाही पर भी बंद लागू नहीं होगा। वहीं, तांगखुल नागा युवाओं के संगठन खानुइथोट-खोन ने सीएम युमनाम खेमचंद सिंह के 28 सितंबर को उखरुल के होने वाले दौरे का विरोध किया है। संगठन के मुताबिक, हाल की हत्याओं और नागा बहुल इलाकों में हिंसा के बाद सुरक्षा स्थिति को देखते हुए उन्हें अपने दौरे पर दोबारा विचार करना चाहिए। संगठन ने राज्य और केंद्र सरकार से नागा नागरिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने, हत्याओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और नगा बहुल इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
केदारनाथ में 15.45 लाख लोगों ने फैलाया 250 टन कचरा:पिछले साल से 10.7 गुना ज्यादा; श्रद्धालुओं ने 12 टन कूड़ा ढोया
केदारनाथ धाम में 15.45 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने 156 दिन में 250 टन कचरा फैला दिया, जिसे साफ करने का काम जारी है। गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ तक 16 किलोमीटर पैदल मार्ग में जगह-जगह प्लास्टिक की पन्नियां और खाने-पीने का सामान बिखरा नजर आ रहा है। यह कचरा 2025 की पूरी यात्रा अवधि में निकले 21.40 टन कचरे से 10.7 गुना से भी ज्यादा है। यह जानकारी केदारनाथ नगर पंचायत और सुलभ इंटरनेशनल ने दी है। हालात को देखते हुए 450 से ज्यादा कर्मचारियों को कूड़ा उठाने में लगाया गया है। इनमें सुलभ इंटरनेशनल, नगर पंचायत और जिला पंचायत के कर्मचारी शामिल हैं। यात्रा मार्ग पर 31 सुलभ शौचालय और 71 स्टील फ्रेम शौचालय संचालित किए जा रहे हैं। केदारनाथ तक 600 से ज्यादा डस्टबिन लगाए गए हैं। 2025 में 19.62 लाख भक्तों ने बाबा केदार के दर्शन किए थे। 'कूड़े को डिकंपोज करने की तैयारी' नगर पंचायत अधिकारी नीरज कुकरेती ने बताया कि मशीन से करीब 24 टन सूखे कचरे की सिल्लियां बनाई गई हैं, जिन्हें धाम से नीचे लाया जा रहा है। नगर पंचायत के मुताबिक, 2023 के मुकाबले करीब 54%, 2024 के मुकाबले 93% और 2025 के मुकाबले 1,069% ज्यादा कचरा निकल चुका है। इस साल अभी थोड़े कूड़े को डिकंपोज किया गया है। बाकी कूड़े को इकट्ठा किया गया है, जिसे डिकंपोज करने की तैयारी है। इससे होने वाली कमाई को नगर पंचायत की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर करने में खर्च किया जाएगा। बद्रीनाथ में कचरे से हुई थी 8.89 लाख रुपए की आय बद्रीनाथ धाम में 2025 यात्रा काल के दौरान नगर पंचायत ने 230 टन कचरे का निस्तारण कर 8.89 लाख रुपए की आय की थी। इसमें 133 टन सूखे कचरे के ब्लॉक बनाए गए, जबकि 97 टन गीले कचरे से कम्पोस्ट खाद तैयार की गई। पंचायत ने एमआरएफ सेंटर, कॉम्पेक्टर और ऑर्गेनिक वेस्ट कनवर्टर मशीन के जरिए कचरे का निस्तारण किया। कपाट बंद होने के बाद मंदिर परिसर, ब्रह्म कपाल, तप्त कुंड, मुख्य बाजार और झीलों के आसपास विशेष सफाई अभियान भी चलाया गया था। 19 अप्रैल से शुरू हुई थी चारधाम यात्रा चारधाम यात्रा की शुरूआत अक्षय तृतीया के दिन 19 अप्रैल को पहले गंगोत्री और फिर यमुनोत्री के कपाट खुलने से हुई थी। गंगोत्री में पहली पूजा पीएम मोदी के नाम की हुई थी, जिसमें सीएम पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए थे। इसके 3 दिन बाद यानी 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुले थे। इसके एक दिन बाद यानी 23 अप्रैल को बद्रीनाथ के कपाट खुले थे। ----------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… केदारनाथ गर्भगृह की रील डाल रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स:मंदिर समिति अध्यक्ष बोले- VIDEO चिह्नित कर रहे, कार्रवाई करेंगे रुद्रप्रयाग स्थित केदारनाथ धाम के गर्भगृह की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। अब इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि वीडियो को चिह्नित किया जा रहा है। (पढ़ें पूरी खबर)
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