Love And War से Alia Bhatt का पहला लुक आउटऍ कैबरे आर्टिस्ट के अवतार में दिखीं एक्ट्रेस, फ्लांट किए रिप्ड एब्स
बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक संजय लीला भंसाली की आगामी भव्य फिल्म 'लव एंड वॉर' (Love & War) को लेकर फैंस का उत्साह सातवें आसमान पर है। रणबीर कपूर के बहुप्रतीक्षित फर्स्ट लुक पोस्टर के ठीक एक दिन बाद, मेकर्स और अभिनेत्री आलिया भट्ट ने फिल्म से उनका पहला लुक जारी कर दिया है।
पीरियड ड्रामा पृष्ठभूमि पर बन रही इस फिल्म में आलिया भट्ट एक कैबरे आर्टिस्ट (Cabaret Artist) के ग्लैमरस और बोल्ड अवतार में नज़र आ रही हैं। पोस्टर में आलिया के रिप्ड एब्स (Ripped Abs) और उनका विंटेज स्टाइल सोशल मीडिया पर आते ही छा गया है।
"आग भी, दिलों की जान भी!"- आलिया ने शेयर किया लुक
पोस्टर शेयर करते हुए आलिया भट्ट ने लिखा, "आग भी, दिलों की जान भी!" इसके साथ ही उन्होंने फिल्म की स्टारकास्ट—रणबीर कपूर, विक्की कौशल और भंसाली प्रोडक्शंस को टैग किया। इंस्टाग्राम पर पोस्टर पोस्ट करते हुए आलिया ने कैप्शन में एक लाल गुलाब की इमोजी के साथ 'रीयूनाइटेड' (Reunited) लिखा।
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उल्लेखनीय है कि 'लाल गुलाब' का भंसाली और आलिया के सिनेमाई सफर से खास जुड़ाव रहा है। भंसाली की सुपरहिट फिल्म 'गंगूबाई काठियावाड़ी' में भी लाल गुलाब एक महत्वपूर्ण प्रतीक के रूप में देखने को मिला था।
बॉलीवुड सितारों का रिएक्शन: नीतू और करीना ने जताई खुशी
आलिया भट्ट के इस ग्लैमरस और बिल्कुल नए अवतार को देखकर बी-टाउन सेलेब्स और फैंस लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं:
नीतू कपूर: आलिया की सास और अभिनेत्री नीतू कपूर ने पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा— "उफ़्फ़!"
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करीना कपूर खान: करीना कपूर ने आलिया के लुक की तारीफ करते हुए लिखा— "कमाल कर दिया, आलू!"
'लव एंड वॉर' की कास्ट के साथ भंसाली का जुड़ाव
इसके अलावा, 'लव एंड वॉर' न सिर्फ़ SLB और आलिया के बीच, बल्कि रणबीर कपूर और फ़िल्ममेकर के बीच भी दूसरी बार साथ काम करने का मौका होगा। जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि RK ने 2004 में 'ब्लैक' के सेट पर असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया था। बाद में, 2007 में रणबीर ने भंसाली की फ़िल्म 'सांवरिया' से एक्टिंग में डेब्यू किया। यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर फ़्लॉप रही और इसे न सिर्फ़ शाहरुख़ खान और दीपिका पादुकोण की 'ओम शांति ओम' से टक्कर का सामना करना पड़ा, बल्कि इसी फ़िल्म से सोनम कपूर ने भी बॉलीवुड में डेब्यू किया था।
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अब, 20 साल बाद रणबीर और भंसाली अपनी दूसरी फ़िल्म के लिए साथ आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, विक्की कौशल पहली बार नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले डायरेक्टर के साथ काम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'पद्मावत' के लिए शाहिद कपूर को फ़ाइनल करने से पहले भंसाली ने कौशल से भी संपर्क किया था। आलिया के लुक पर नीतू और करीना का रिएक्शन
आलिया भट्ट की सास और एक्ट्रेस नीतू कपूर ने आलिया की पोस्ट पर रिएक्शन देते हुए लिखा, 'उफ़्फ़'। करीना कपूर खान, जिनकी हालिया रिलीज़ 'दायरा' को सिनेमाघरों में 7 दिन हो चुके हैं, ने भी पोस्टर पर रिएक्शन देते हुए लिखा, 'कमाल कर दिया, आलू'।
'लव एंड वॉर' की रिलीज़ डेट
'लव एंड वॉर' 21 जनवरी, 2027 को रिलीज़ होगी। यह फ़िल्म तीन भाषाओं - हिंदी, तमिल और तेलुगु - में रिलीज़ होगी। नॉर्मल 2D वर्शन के साथ-साथ, यह फ़िल्म IMAX में भी रिलीज़ होगी।
सिनेमाघरों में रिलीज़ के बाद, यह फ़िल्म OTT प्लेटफ़ॉर्म नेटफ़्लिक्स पर रिलीज़ होगी।
Smartphone Use Among Children: 10-19 साल के 91% बच्चे कर रहे स्मार्टफोन का यूज, अब ऑनलाइन सेफ्टी बनी बड़ी चुनौती
Smartphone Use Among Children: बच्चों और किशोरों के लिए स्मार्टफोन अब सिर्फ कॉल या सिर्फ मनोरंजन का डिवाइस नहीं रह गया है. पढ़ाई, वीडियो देखने, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और जानकारी हासिल करने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. आजकल बच्चों के बीच स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 10-19 साल की उम्र के 91 फीसदी बच्चे स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं. वर्ष 2020 में यह आंकड़ा 49% था. यानी कुछ सालों में इस आयु वर्ग में स्मार्टफोन इस्तेमाल में 42 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई. वहीं, 10-14 साल के बच्चों में भी इस्तेमाल 19 फीसदी से बढ़कर 73% तक पहुंच गया है.
छोटी उम्र में ही डिजिटल वर्ल्ड से जुड़ रहे बच्चे
स्मार्टफोन की पहुंच अब किशोरों तक सीमित नहीं है. कम उम्र के बच्चे भी मोबाइल के जरिए डिजिटल कंटेंट और इंटरनेट की दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आंकड़ों में 5-9 साल के बच्चों में स्मार्टफोन इस्तेमाल 9% से बढ़कर 46% तक पहुंचा है. इसका मतलब है कि बच्चों का डिजिटल एक्सपोजर पहले की तुलना में अब बहुत कम उम्र में शुरू हो रहा है. ऐसे में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि बच्चा कितने घंटे मोबाइल चला रहा है. इस पर अहम सवाल यह भी है कि बच्चे इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं, किससे बातचीत कर रहे हैं और वे लोग ऑनलाइन अपनी सुरक्षा के लिए क्या सावधानी बरत रहे हैं.
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स्मार्टफोन बढ़े तो ऑनलाइन रिस्क भी बढ़ा...
अगस्त 2026 में सरकार ने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े कई जोखिमों को लेकर चिंता जाहिर की है. सोशल मीडिया में हानिकारक कंटेंट, साइबरबुलिंग, ऑनलाइन शोषण, ज्यादा स्क्रीन टाइम और डिजिटल निर्भरता जैसे खतरे शामिल हैं. सरकार ने कहा है कि बच्चों को डिजिटल तकनीक का फायदा मिले, लेकिन इसके साथ उनकी ऑनलाइन सिक्योरिटी के लिए भी उचित सुरक्षा उपाय करना जरूरी हैं.
क्यों स्मार्टफोन बन रहा है बच्चों के लिए हानिकारक?
इसका एक बड़ा कारण यह है कि स्मार्टफोन बच्चों को सिर्फ मनोरंजन तक नहीं, बल्कि सोशल मीडिया, मैसेजिंग और अनजान लोगों से संपर्क की संभावनाओं को भी बढ़ा देता है. ऐसे माहौल में साइबरबुलिंग, ऑनलाइन ग्रूमिंग, प्राइवेसी का उल्लंघन और गलत कंटेंट तक पहुंच जैसे जोखिम महत्वपूर्ण हो जाते हैं. सरकार के साइबर सेफ्टी पोर्टल पर भी माता-पिता और अभिभावकों को बच्चों से ऑनलाइन जोखिम और उनकी डिजिटल एक्टिविटीज को लेकर बातचीत करने की सलाह दी गई है.
फोन चलाना आता है, लेकिन सेफ्टी फीचर्स की जानकारी कितनी?
बच्चों के लिए माता-पिता के सामने एक और बड़ा मुद्दा सामने आ रहा है कि डिजिटल एक्सेस और डिजिटल सेफ्टी एक जैसी चीज नहीं हैं. बच्चा स्मार्टफोन चला सकता है, वीडियो सर्च कर सकता है या सोशल मीडिया यूज कर सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि उसे अपना प्रोफाइल प्राइवेट करने, पासवर्ड बदलने, किसी अकाउंट को ब्लॉक करने या गलत कंटेंट की रिपोर्ट करने की जानकारी भी होनी चाहिए. यही कारण है कि बच्चों के लिए डिजिटल एजुकेशन में सिर्फ तकनीक का प्रयोग सिखाना काफी नहीं है. उन्हें यह भी समझाना भी जरूरी है कि पर्सनल फोटोज, लोकेशन, स्कूल की जानकारी, पासवर्ड या अन्य पर्सनल डिटेल ऑनलाइन शेयर नहीं करनी चाहिए.
सरकार ने बनाए हैं कई सुरक्षा प्रावधान
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए भारत में IT एक्ट, IT रूल्सऔर डिजीटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट जैसे कानूनी प्रावधान भी मौजूद हैं. DPDP Act के तहत, बच्चों के पर्सनल डेटा की सुरक्षा के लिए भी कुछ विशेष प्रावधान हैं. इसमें बच्चों के डेटा को प्रोसेस करने से पहले अभिभावक की वेरिफिकेशन योग्य सहमति और बच्चों की ट्रैकिंग, बिहेवियरल मॉनिटरिंग तथा टारगेटेड विज्ञापन जैसी गतिविधियों पर रोक के प्रावधान शामिल हैं.
डिजिटल एडिक्शन पर इकॉनमिक सर्वे की चेतावनी
इकॉनमिक सर्वे 2025-26 ने भी डिजिटल एडिक्शन को बच्चों और युवाओं के लिए चुनौती माना है. इस सर्वे में ज्यादा डिजिटल यूज के संभावित असर के तौर पर पढ़ाई, एकाग्रता, नींद, सामाजिक जुड़ाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख किया गया है. इसमें साइबरबुलिंग और कमपल्सिव गेमिंग जैसे जोखिमों पर भी ध्यान दिया गया है.
ऐसे में एक्सपर्ट्स और सरकारी पहल इस बात पर जोर दे रही हैं कि बच्चों को तकनीक से पूरी तरह दूर करने के बजाय सिक्योरिटी, संतुलित और जिम्मेदारी के साथ डिजिटल यूज भीसिखाया जाए. अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है- बच्चे का फोन चेक करने से ज्यादा जरूरी है उसके साथ ऑनलाइन एक्सपीरियंस पर भी खुलकर बातचीत करना और उसे किसी परेशानी की स्थिति में तुरंत बताने के लिए सुरक्षित माहौल देना.
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