जमुई-समस्तीपुर के बाद अब बांका में लड़की से बदसलूकी, 6-7 अज्ञात युवकों पर FIR दर्ज
बिहार के बांका जिले में मंदार पर्वत क्षेत्र से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. वीडियो में कुछ युवक एक लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते नजर आ रहे हैं. मामला सामने आने के बाद बौंसी थाना पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है.
सोशल मीडिया के जरिए पुलिस तक पहुंचा वीडियो
पुलिस को यह वीडियो सोशल मीडिया सेल के माध्यम से व्हाट्सऐप पर मिला था. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बौंसी थाना प्रभारी पंकज कुमार झा पुलिस टीम के साथ मंदार पर्वत पहुंचे और मौके पर जाकर मामले की जानकारी जुटाई. पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में वीडियो की लोकेशन मंदार पर्वत क्षेत्र की ही होने की पुष्टि हुई है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि वीडियो हाल का नहीं बल्कि पुराना हो सकता है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना इसी साल अप्रैल की बताई जा रही है.
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वीडियो में 6-7 युवक नजर आए
पुलिस के अनुसार वीडियो में करीब 6 से 7 अज्ञात युवक एक लड़की के साथ आपत्तिजनक और अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं. अभी तक वीडियो में मौजूद युवक और लड़की की पहचान नहीं हो पाई है. पुलिस स्थानीय लोगों, ग्रामीणों और दुकानदारों से पूछताछ कर रही है, ताकि वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की जा सके और घटना से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ सके.
कई धाराओं में दर्ज हुई प्राथमिकी
बौंसी थाना प्रभारी पंकज कुमार झा के लिखित बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धाराओं में भी केस दर्ज किया है. पुलिस ने वायरल वीडियो को जांच के लिए साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित रखा है. आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और वीडियो से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है. आरोपियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
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बच्चों की आंखों में दिखे ये दो लक्षण तो तुरंत लें डॉक्टर की सलाह, डब्ल्यूएचओ ने किया आगाह
नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। बच्चों की सेहत को लेकर माता-पिता अक्सर छोटी-छोटी बातों पर भी ध्यान देते हैं, लेकिन आंखों से जुड़े कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर छोटे बच्चों की आंखों में अगर कुछ असामान्य बदलाव दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्रीय कार्यालय ने रेटिनोब्लास्टोमा यानी बच्चों में होने वाले आंख के कैंसर को लेकर लोगों को आगाह किया है।
रेटिनोब्लास्टोमा एक दुर्लभ लेकिन गंभीर प्रकार का कैंसर है, जो आंख के पीछे मौजूद रेटिना में विकसित होता है। यह बीमारी मुख्य रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करती है और ज्यादातर मामले तीन साल से कम उम्र के बच्चों में देखे जाते हैं। बीमारी की समय पर पहचान और इलाज होने पर कुछ देशों में ठीक होने की दर 95 प्रतिशत से अधिक बताई गई है। यही वजह है कि इसके शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
रेटिनोब्लास्टोमा का एक प्रमुख शुरुआती संकेत आंख की पुतली में असामान्य सफेद चमक दिखाई देना है। आमतौर पर कैमरे की फ्लैश या तेज रोशनी में आंखों में लाल रंग की चमक दिखाई दे सकती है। लेकिन अगर बच्चे की एक या दोनों आंखों की पुतली में लाल रंग के बजाय सफेद चमक नजर आए, तो इसे सामान्य न मानें। खासकर अगर यह बार-बार दिखाई दे रहा है, तो बच्चे की आंखों की जांच कराना जरूरी है।
दूसरा महत्वपूर्ण संकेत है आंख का एक दिशा में मुड़ना। अगर बच्चा सामने देखते समय एक आंख को बार-बार अंदर या बाहर की तरफ घुमाता है, तो इसे भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसे स्ट्रैबिस्मस कहा जाता है। कई बार माता-पिता इसे केवल ‘लेजी आई’ समझ लेते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह रेटिनोब्लास्टोमा का संकेत भी हो सकता है।
रेटिनोब्लास्टोमा एक आंख में भी हो सकता है और दोनों आंखों में भी। इसके विकास में आरबी1 जीन में होने वाला बदलाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुछ मामलों में यह बदलाव वंशानुगत होता है, जबकि कई मामलों में यह अपने आप विकसित होता है।
माता-पिता और देखभाल करने वालों की भूमिका बीमारी की शुरुआती पहचान में बेहद अहम है। बच्चे की आंखों में आसमान बदलाव दिखाई दे, तो घरेलू उपायों या इंतजार के बजाय जल्द से जल्द नेत्र रोग विशेषज्ञ या बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
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