उंगलियां चटकाना सेहत के लिए सही या गलत? जानें क्या कहता है विज्ञान
मुंबई, 21 जनवरी (आईएएनएस)। अगर कोई बच्चा या बड़ा बार-बार उंगलियां चटकाता है, तो अक्सर यही सुनने को मिलता है कि उंगलियां चटकाने से जोड़ों में दर्द होने लगता है, हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, और आगे चलकर गठिया जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। सालों से यह बात लोगों के मन में बैठ चुकी है कि उंगलियां चटकाना एक गलत और नुकसानदायक आदत है, लेकिन इस पर वैज्ञानिक शोध का अलग मानना है।
विज्ञान के अनुसार, जब हम उंगलियां मोड़ते या खींचते हैं, तो हमारे जोड़ों के बीच मौजूद एक खास तरल पदार्थ में हलचल होती है। इस तरल को साइनोवियल फ्लूइड कहा जाता है। यही फ्लूइड हमारे जोड़ों को चिकनाई देता है, ताकि वे आसानी से हिल-डुल सकें। जब उंगलियां चटकाई जाती हैं, तो इसी फ्लूइड में बने छोटे-छोटे गैस के बुलबुले अचानक फूटते हैं, जिससे चटकने की आवाज सुनाई देती है, यानी यह आवाज हड्डियों के टूटने या जोड़ों के खराब होने की नहीं होती।
अगर आयुर्वेद के अनुसार इसे समझे, तो आयुर्वेद शरीर को वात, पित्त और कफ इन तीन दोषों से जोड़कर देखता है। उंगलियों और जोड़ों का संबंध वात दोष से माना जाता है। अगर वात संतुलित है, तो जोड़ों में लचीलापन और ताकत बनी रहती है। कभी-कभार उंगलियां चटकाने से वात दोष बिगड़ता नहीं है, खासकर तब जब शरीर स्वस्थ हो। लेकिन अगर वात पहले से असंतुलित है, यानी व्यक्ति को जोड़ों में दर्द, सूजन या अकड़न की समस्या रहती है, तो उंगलियां चटकाना परेशानी बढ़ा सकता है।
हर व्यक्ति का शरीर एक जैसा नहीं होता। जो लोग पूरी तरह स्वस्थ हैं, जिनकी हड्डियां मजबूत हैं और जिनके जोड़ों में किसी तरह का दर्द नहीं है, उनके लिए उंगलियां चटकाना आमतौर पर नुकसानदायक नहीं माना जाता। लेकिन जिन लोगों को पहले से गठिया, आर्थराइटिस, हाई यूरिक एसिड, सूजन या हड्डियों की कमजोरी की शिकायत है, उनके लिए उंगलियां चटकाने से जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
कुछ लोग उंगलियां चटकाने को तनाव से राहत का तरीका भी मानते हैं। जब व्यक्ति घबराया हुआ या बेचैन होता है, तो अनजाने में यह आदत बन जाती है। विज्ञान मानता है कि इससे दिमाग को थोड़ी देर के लिए आराम महसूस हो सकता है, लेकिन यह कोई इलाज नहीं है। अगर तनाव बार-बार उंगलियां चटकाने की वजह बन रहा है, तो ध्यान, गहरी सांस और योग जैसे उपायों को अपनाना चाहिए।
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पीके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
जेडी और ऊषा वेंस के घर में चौथी बार गूंजेगी किलकारी, जुलाई में आने वाला है नन्हा मेहमान
वॉशिंगटन, 21 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस एक बार फिर से पिता बनने वाले हैं। उपराष्ट्रपति वेंस की पत्नी उषा वेंस चौथे बच्चे की मां बनने वाली हैं। जानकारी के अनुसार यूएस की सेकेंड लेडी इस साल जुलाई में अपने चौथे बच्चे को जन्म देंगी।
उषा वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस खुशखबरी का ऐलान किया और सभी राजनीतिक दलों ने इसपर बधाई दी। उषा वेंस ने एक्स पर लिखा, “हमें कुछ दिलचस्प खबर साझा करते हुए बहुत खुशी हो रही है। हमारा परिवार बढ़ रहा है!”
सेकंड लेडी वेंस ने अपने पति जेडी वेंस का एक बयान रिशेयर किया, जिसमें उपराष्ट्रपति ने उषा की प्रेग्नेंसी की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों एक बेटे की उम्मीद कर रहे हैं।
वेंस के स्टेटमेंट में लिखा है, “हमें यह न्यूज शेयर करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि उषा हमारे चौथे बच्चे की मां बनने वाली हैं। उषा और बच्चा ठीक हैं और हम जुलाई के आखिर में उसका स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं।”
वाइस प्रेसिडेंट ने इस दौरान परिवार का समर्थन करने वाले मेडिकल प्रोफेशनल्स का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा, “इस उत्साहपूर्ण और व्यस्त समय में, हम खास तौर पर उन सैन्य डॉक्टरों के शुक्रगुजार हैं जो हमारे परिवार का बहुत अच्छे से ख्याल रखते हैं और उन स्टाफ सदस्यों के भी जो यह पक्का करने के लिए बहुत कुछ करते हैं कि हम अपने बच्चों के साथ एक शानदार जिंदगी जीते हुए देश की सेवा कर सकें।”
जेडी वेंस और उषा वेंस (40) के अभी तीन बच्चे हैं। कपल के दो बेटे इवान और विवेक और एक बेटी मिराबेल हैं, और उनके चौथे बच्चे के आने से उनका छोटा परिवार और बढ़ जाएगा।
सेकेंड लेडी का भारत के साथ खास कनेक्शन है। उषा वेंस का जन्म और पालन-पोषण सैन डिएगो, कैलिफोर्निया के वर्किंग-क्लास सबर्ब्स में हुआ था। वहीं उनके माता-पिता भारत के आंध्र प्रदेश से आए थे। उनके पिता एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जबकि उनकी मां एक मॉलिक्यूलर बायोलॉजिस्ट का काम करती हैं।
वह 2010 में येल लॉ स्कूल में जेडी वेंस से मिलीं, जहां वे व्हाइट अमेरिका में सोशल डिक्लाइन पर फोकस्ड एक डिस्कशन ग्रुप में शामिल हुईं थीं। सेकंड लेडी बनने से पहले, उषा ने सैन फ्रांसिस्को में मुंगेर टोल्स एंड ओल्सन में कॉर्पोरेट लिटिगेटर के तौर पर काम करते हुए एक शानदार लीगल करियर बनाया।
उषा वेंस ने सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स के लिए और सुप्रीम कोर्ट में उनकी नियुक्ति से पहले, यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स में ब्रेट कैवनॉ के लिए लॉ क्लर्क के तौर पर भी काम किया।
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केके/एएस
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