AIIMS Nagpur में जूनियर डॉक्टर पर हमले के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने किया प्रदर्शन
नागपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के रेजिडेंट चिकित्सकों ने एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर पर हुए हमले की निंदा करते हुए प्रदर्शन किया। एम्स नागपुर के ‘रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन’ ने मांग की कि संस्थान ‘‘कोई विशेष उपचार नहीं’’ नीति लागू करे और दावा किया कि अक्सर मरीज नेताओं के पत्र लेकर आते हैं और विशेष सुविधाओं की अपेक्षा करते हैं या अस्पताल के कर्मचारियों को डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं। बृहस्पतिवार को प्रदर्शन के दौरान चिकित्सकों ने ‘‘ वीआईपी (अति विशिष्ट व्यक्ति) संस्कृति बंद करो’’, ‘‘सुरक्षा नहीं तो ड्यूटी नहीं’’ और ‘‘चिकित्सकों के खिलाफ हिंसा बंद करो’’ जैसे नारे लिखी तख्तियां हाथों में ले रखी थीं।
अस्पताल के एक रेजिडेंट डॉक्टर पर मंगलवार को आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) के अंदर कथित तौर पर चार लोगों ने हमला किया था। यह घटना उपचार के दौरान एक व्यक्ति की मौत के बाद हुई। आरोपियों की पहचान तेजपाल सिंह, उदय सिंह, शुभम सिंह और सुमेध सिंह के रूप में हुई है।
इनके खिलाफ ‘महाराष्ट्र मेडिकेयर सर्विस पर्सन्स एंड मेडिकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशंस’ (हिंसा की रोकथाम और संपत्ति को नुकसान या क्षति) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, ‘रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन’ ने एम्स नागपुर के कार्यकारी निदेशक को लिखे पत्र में मांग की कि ऐसे मामलों में संस्थान को स्वयं शिकायत दर्ज करनी चाहिए। ‘रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने के साथ-साथ अस्पताल में ‘कोई विशेष उपचार नहीं’ नीति लागू करने की भी मांग की।
उसने दावा किया कि मौजूदा मामले में आरोपियों ने एक राजनेता का नाम लेकर अपना प्रभाव दिखाने की कोशिश की थी।
PM Modi बोले, पिछले 12 वर्षों में शहरों और गांवों के बीच की दूरी घटी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 12 वर्ष में भारत में शहरों और गांवों के बीच का अंतर काफी कम हुआ है। मोदी ने वाराणसी से वडनगर जा रही ‘सेवा यात्रा’ मोटरसाइकिल रैली के प्रतिभागियों से कहा कि 2014 में उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद से देश की महिलाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 12 वर्ष में भारत में शहरों और गांवों के बीच का अंतर काफी कम हुआ है।
गांवों के बुनियादी ढांचे में आज उल्लेखनीय सुधार हुआ है।’’ प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों से कहा कि केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए नहीं, बल्कि समाज में निरंतर सुधार और सकारात्मक बदलाव के लिए काम करना चाहिए। मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को वडनगर और वाराणसी से दो मोटरसाइकिल रैली को रवाना किया गया था और इनका समापन सात अक्टूबर को होगा। वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर तक निकाली जा रही ये मोटरसाइकिल रैलियां मोदी के निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर जनसेवा के 25 वर्ष पूरा करने के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही हैं।
गुजरात का वडनगर मोदी का जन्मस्थान है, जबकि उत्तर प्रदेश का वाराणसी 2014 से उनका लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है। दोनों रैलियां सेवा की भावना को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न कस्बों, जिलों और गांवों से होकर गुजर रही हैं। मोदी ने कहा कि वडनगर ने उन्हें वे संस्कार दिए, जिन्होंने उनके जीवन को आकार दिया और काशी (वाराणसी) ने उन संस्कारों में सेवा के अनगिनत रंग जोड़े।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि आप सभी सेवा के अनेक रंगों से इस यात्रा को समृद्ध कर रहे हैं।’’ इन दोनों मोटरसाइकिल रैलियों के जरिए सेवा, जनसंपर्क, युवाओं की भागीदारी, सामाजिक कल्याण, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामुदायिक भागीदारी जैसे जनसरोकार के विभिन्न पहलुओं को एक जमीनी क्षेत्र से दूसरे तक पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने वडनगर से वाराणसी जा रही रैली में शामिल प्रतिभागियों से बृहस्पतिवार को बातचीत की थी।
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